सच हो रही केदारनाथ धाम से की गई मोदी की भविष्यवाणी

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। एक साल पहले नवम्बर माह मंे जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड मंे बाबा केदारनाथ के दर पर आये थे तो उन्होंने वहां से उत्तराखण्डवासियों को संदेश दिया था कि वे मेरे शब्द लिखकर रख लें कि जिस तेजी के साथ उत्तराखण्ड मंे विकास हो रहा है उसे देखते हुए उन्हें यकीन है कि पिछले सौ साल में जितने श्रद्धालु केदारनाथ यात्रा पर आये हैं आने वाले दस सालों में उससे भी ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के द्वार पर आयेंगे। एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भविष्यवाणी आज केदारनाथ धाम में सच साबित हो रही है क्योंकि इस बार चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम जिस तरह से बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए उमडा है उससे अब यह बात साफ हो गई है कि प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर जो भविष्यवाणी की थी उसका सच उत्तराखण्ड से लेकर देश के लोगों ने भी देख लिया है।
उल्लेखनीय है कि पांच नवम्बर 2021 को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बाबा केदारनाथ के द्वार पहुंचे थे जहां उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ वहां के पुर्ननिर्माण का एक बडा खाका खींचा था और मुख्यमंत्री को केदारनाथ धाम में हो रहे निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने का मिशन भी दिया था। केदारनाथ की धरती से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्डवासियों को संदेश दिया था कि वे उनके शब्द आज लिखकर रख लें क्योंकि उत्तराखण्ड में जिस तेजी के साथ विकास हो रहा है उससे उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को आने वाले समय में एक बडी ताकत मिलेगी। प्रधानमंत्री ने बाबा केदारनाथ से यह भी ऐलान किया था कि इक्सवीं शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और उत्तराखण्ड के लोग आज उनके शब्दों को अपने पास लिखकर रख लें क्योंकि वह यह संदेश पवित्र धरती से बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री के एक साल पहले दिये गये इस संदेश पर भले ही किसी को विश्वास न हुआ हो लेकिन कोरोना काल के बाद राज्य में जब चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ तो पहले इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के अन्दर वो जोश देखने को नहीं मिलेगा जो कोरोना काल से पहले देखने को मिला करता था। हालांकि पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को यादगार बनाने के लिए एक बडी तैयारी की थी और उनकी यह तैयारी उस समय रंगत में दिखाई दी जब बाबा केदारनाथ के द्वार पर श्रद्धालुओं का इतना बडा सैलाब आये दिन उमड पडा कि सरकार को श्रद्धालुआंे की संख्या को देखते हुए वहां कुछ कदम उठाने पडे और उन्हें यह फैसला लेना पडा कि एक दिन में बाबा केदारनाथ के द्वार पर कितने श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। सरकार ने भले ही यह योजना बनाई लेकिन श्रद्धालुओं में बाबा केदारनाथ को लेकर दिखाई दी असीम भक्ति उनके कदम को रोक नहीं पाई और उसी के चलते वहां आये दिन श्रद्धालुओं का ताता देखने को मिला लेकिन किसी भी श्रद्धालु को इस बात की पीडा नहीं हुई कि उन्हंे दर्शन करने में कोई दिक्कत आई हो। यात्रा के दौरान बाबा के दर पर बारिश भी आई और बर्फवारी भी हुई लेकिन श्रद्धालुओं के मन में बाबा केदारनाथ को लेकर दिखाई दी भक्ति में कोई कमी नहीं आई। इसी को देखते हुए उत्तराखण्ड से लेकर देश के लोग अब यह कहने से भी नहीं चूक रहे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक साल पूर्व बाबा केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालु को लेकर जो संदेश दिया था वह संदेश उनकी जुबान से सरस्वती का संदेश ही माना गया और बाबा केदारनाथ में घोडे वालों से लेकर हैली कंपनी और वहां के होटल और छोटी-मोटी दुकानों के संचालकों को जो आमदनी हुई वह प्रधानमंत्री के उस संदेश को सच साबित कर गई कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था इतनी बडी होगी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।

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