उत्तराखण्ड में टिमटिमाते तारे का रूप है धामी

0
125

प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में बाइस सालों से राज्य की जनता जिस भ्रष्टाचार और घोटाले का जहर पीती आ रही थी उस जनता को पुष्कर सिंह धामी के रूप में टिमटिमाते तारे का जो रूप मुख्यमंत्री के रूप में मिला है उसी का परिणाम है कि आज राज्य के अन्दर किसी भी तरह का भय वाला माहौल नहीं दिख रहा और अब तो आवाम भी यह कहने से नहीं चूक रहा कि ऐसा मुख्यमंत्री राज्य को कभी नहीं मिल पायेगा जो एक मासूम बच्चे से लेकर वृद्ध का सम्मान कर उन्हें यह संदेश दे रहा है कि वह सिर्फ एक सेवक हैं और सेवक के रूप में वह राज्य की जनता की रक्ष़्ाा करने के लिए आगे आ रखे हैं लेकिन कुछ ताकतें फिर भी राज्य में महानायक के रूप में उभर कर सामने आये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधने से बाज नहीं आ रहे हैं?
उत्तराखण्ड का इतिहास गवाह है कि राज्य के कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों का कार्यकाल हमेशा एक तानाशाह के रूप में जाना जायेगा क्योंकि उन्होंने कभी भी जनता से सीधा संवाद करने के लिए अपने आपको आगे नहीं किया जिसके चलते आवाम व कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के बीच हमेशा एक बडी दूरी बनी रही लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन होने के बाद आवाम को एक ही संदेश दिया कि वह राज्य के मुख्य सेवक हैं और किसी को भी अगर कोई परेशानी या उस पर संकट आता है तो वह सीधे उनके आवास में आ सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को साफ संदेश दे रखा है कि उनके पास जो भी पीडित व्यक्ति अपनी फरियाद लेकर आये उसकी परेशानी का हल किया जाये और जांच के नाम पर उसे इधर-उधर न दौडाया जाये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अब तक का कार्यकाल आवाम की नजरों में सुपर है और वह खुद इस बात का अंाकलन कर रहे हैं कि अगर इसी राह पर राज्य के मुख्यमंत्री चलते रहे तो यह साफ है कि आने वाले समय में उनका उत्तराखण्ड एक आदर्श राज्य बन जायेगा जहां न भ्रष्टाचार होगा न घोटाले होंगे और न ही कोई माफियागिरी करने का साहस कर पायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस सौम्य भाव से सत्ता चला रहे हैं उससे आम आदमी और मीडिया के मन में वो मानसिक भय नजर नहीं आ रहा जो कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में उनके भीतर देखने को मिलता था। उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी का अब तक का कार्यकाल आवाम की नजरों में बेहतर है और उनका मानना है कि इस राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा पुष्कर कभी देखने को नहीं मिलेगा?

LEAVE A REPLY