रामपुर तिराहा कांड का घाव आज तक नहीं भरा

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रामपुर तिराहा/ देहरादून(संवाददाता)। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों की बदौलत राज्य की प्राप्ति हुई है। एक सितम्बर 1994 को खटीमा कांड हुआ और मैं भी एक विद्यार्थी था और वहां पर शहादत हुई और उसके बाद रामपुर तिराहा कांड और राजय प्राप्ति के लिए कितना कष्ट सहना पडा और अलग राज्य प्राप्ति आंदोलन में रामपुर तिराहा कांड का घाव आज तक नहीं भरा है।
यहां मुजफ्फर नगर के रामपुर तिराहा कांड में राज्य के शहीद आंदोलनकारियों को अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे और उन्होंने कहा कि यहां का घाव आज तक नहीं भरा है और कई ऐसे शहीद आंदोलनकारी है जिने बलिदान से राज्य की प्राप्ति हुई है।
उन्होंने कहा कि जो सपना देखा था उस शहीदों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण किया जा रहा है और नया विकास होगा, नये उद्योग लगेंगें ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य व्यापक स्तर पर विकास के पथ पर आगे बढ रहा है और
आज के परिवेश में शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा और चार धाम यात्रा में 38 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री यहां पहुंचे और वहीं दूसरी ओर कांवड यात्रा में चार करोड के लगभग गंगा माता का जल लेकर अपने अपने स्थानों पर गये और पहली बार सभी प्रकार की व्यवस्थायें सरकार ने की और कांवडियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो और बाबा केदार का प्रांगण 2०13 में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और प्रधानमंत्री लगातार उसकी मानिटेयरिंग कर रहे है और दूसरे चरण का काम पूरा हो गया है और तीसरे चरण का काम जारी है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से बद्रीनाथ और केदारनाथ में व्यापक स्तर पर सुविधायें मिलेगी। उन्होंने कहा कि अभी दो घंटे तक दिल्ली से देहरादून तक में पहुंच जाते है और अब यह एक घंटे तक ही सीमित होगी और यह बहुत ही उपयोगी साबित होगी और आने वाले समय में मास्टर प्लान बनाया जाये और इन सभी चीजों को ध्यान में रखा जाये और सभी पौराणिक धामों को भी शामिल किया जाये, विभिन्न प्रकार की योजनाओं में शामिल किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि और उनका पुननिर्माण व जीर्णो़द्धार का काम किया जायेगा पौराणिक धामों का। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 2०25 तक तक रेलयात्रा आरंभ कर दी जायेगी और जो सपना होता था आज वह साकार किया जा रहा है और विकल्प रहित संकल्प। उन्होंने कहा कि वर्ष 2०25 में हिन्दुस्तान में श्रेष्ठ राज्य में उत्तराखंड की गिनती होगी और हर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम करेंगें।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनायें होती है और अंकिता भंडारी की हत्या पर तत्काल संज्ञान लिया और एसआईटी गठित कर दी गई है और महात्मा गांधी ने देश को आगे बढाने का काम किया और राज्य आंदोलनकारी महावीर शर्मा की प्रतिमा भी यहां पर बनाई जायेगी जिन्होंनें शहीद स्मारक के लिए भूमि दान दी। यहां से उत्तराखंड राज्य की प्राप्ति हुई है और अब सभी प्रतिनिधि, विधायक गण आदि भी शामिल होते है। इस अवसर पर अनेकों आंदोलनकारी शामिल रहे।

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