सख्त भू-कानून पर धाकड़ धामी हुए सख्त

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में लम्बे समय से राज्य में सख्त भू-कानून को लेकर धरना प्रदर्शन का शोर तो मच ही रहा था वहीं सोशल मीडिया पर भी राज्य के अन्दर भू-कानून को सख्त बनाने का हल्ला मचाया जा रहा था और यहां तक दम भरा जा रहा था कि राज्य में सख्त भू-कानून न बना तो धरना प्रदर्शन करने के लिए आगे आना पडेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्दर सख्त भू-कानून को लागू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया था और उन्हें भू-कानून के लिए एक मसौदा तैयार करने का टास्क दिया गया था जिस पर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को आखिरकार सौंप दी और सख्त भू-कानून पर धाकड धामी सख्त हो गये हैं और उन्होंने साफ किया है कि भू-कानून की रिपोर्ट कैबिनेट में रखी जायेगी और उसके बाद इस कानून को हरी झण्डी दी जायेगी।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जैसे ही भू-कानून के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें कई सिफारिश की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट का अध्ययन कर उसे कैबिनेट में रखा जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में सख्त भू-कानून लागू किया जायेगा इसके साथ ही उत्तराखण्ड की जमीन का दुरूपयोग सरकार नहीं होने देगी और न ही सरकार निवेशकों को यहां आने से रोकेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ विजन है कि ऐसे लोगों पर सरकार सख्ती करेगी जो जमीनों की बडी खरीद फरोख्त का खेल ,खेलकर पर्दे के पीछे से इन जमीनों के सहारे बडा खेल खेलते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि राज्य में उद्योगों को लगाने के लिए सरकार एक बडी रणनीति के तहत आगे बढ रही है जिसके चलते बाहर से उद्योगों में पैसा निवेश करने के लिए बडे-बडे उद्योगपति आयेंगे इसलिए उनकी इस राह में सरकार रोडा नहीं बनेगी क्योंकि राज्य के युवाओं को उद्योगों से जोडना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का विजन साफ है कि भू-माफियाओं को जमीनों की खरीद फरोख्त से दूर रखा जाये और राज्य में उद्योगों के लिए निवेश करने वाले उद्योगपतियों के साथ सरकार लचीले मोड पर उनके साथ रहे जिससे राज्य के पहाड और मैदान में उद्योगों का बडा अम्बार खडा हो सके क्योंकि जब तक राज्य में उद्योग नहीं लगेंगे तब तक राज्य का विकास भी रूका रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मात्र कुछ माह पूर्व ही भू-कानून बनाने को लेकर एक समिति का गठन किया था और उस समिति को समय पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने का टास्क दिया गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन चुके हैं जो किसी भी समिति का गठन कर उसे समय पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने का टास्क दे रहे हैं जिससे कि राज्यवासियों के मन में यह शंका न पैदा हो कि सरकार ने भू-कानून पर समिति का गठन कर उसे ठंडे बस्तेे में डाल दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कल ही समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी और आज उन्होंने ऐलान कर दिया कि भू-कानून के लिए बनाई गई समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट का सरकार अध्ययन करने के बाद उसे कैबिनेट बैठक में रखेगी और उसके बाद राज्य के अन्दर सख्त भू-कानून को लागू कर दिया जायेगा। धाकड धामी का भू-कानून पर सख्त रूख बना हुआ है लेकिन विपक्ष के कुछ नेता जिन्हें अभी समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट में की गई सिफारिशों की ए,बी,सी नहीं पता वह समिति की रिपोर्ट पर कल से ही उंगलियां उठाने के लिए आगे आ गये हैं जबकि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ कहना है कि उत्तराखण्ड की जमीन का वह दुरूपयोग नहीं होने देंगे और न ही वे निवेशकों को यहां आने से रोकेंगे। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का विजन है कि राज्य के अन्दर धरातल पर बडे-बडे उद्योग स्थापित हों जिससे उत्तराखण्ड की युवा पीढी को रोजगार से जोडा जाये और वह रोजगार के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में अपने परिवार को अकेला छोडकर न जायें।

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