तू प्यारी-प्यारी है ओ मां…

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक भावुक राजनेता हैं और उनकी भावुकता उस समय देखते ही बनती है जब वह किसी वृद्ध महिला को अपने आस-पास हाथ जोडकर खडा देखते हैं तो उनके कदम आगे बढ़ निकलते हैं और वह वृद्ध महिला के हाथ पकडकर उसे दिलासा देते हैं कि वह उनके बेटे जैसे हैं और हमेशा उनके साथ खडे रहेंगे। हाथ जोडकर खडी महिलाओं को वह आदर से हाथ जोडकर सम्मान देते हुए बोलते हैं कि आपकी दुआ से सब ठीक-ठाक चल रहा है और उनके इस भाव को देखकर साफ नजर आता है कि शायद वह उस वृद्ध महिला को देखकर यही गीत मन के अन्दर गुनगुना रहे हैं कि तू प्यारी-प्यारी है ओ मां…।
पुष्कर सिंह धामी को जब पहली बार सत्ता मिली तो उनका झुकाव मातृशक्ति के सम्मान में हमेशा दिखाई दिया उनके इस सम्मान को पाकर महिला शक्ति उत्तराखण्ड के अन्दर अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले शासनकाल में आईएसबीटी पर जब छापा मारा तो वह वहां का सब इतिहास पता कर रहे थे इसी बीच उनकी नजर कुछ दूरी पर हाथ जोडकर खडी एक वृद्ध महिला पर जा पडी जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे उस वृद्ध महिला के पास पहुंच गये और उन्होंने उस महिला को अपने गले से लगाते हुए जैसे ही कहा कि मां तुझे क्या पीडा है। मुख्यमंत्री के यह शब्द सुनते ही उस वृद्ध महिला की आंखों से आंसूओं की जो धारे बही उससे मुख्यमंत्री का दिल इतना पिघल गया था कि वह दृश्य किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था क्योंकि उस गरीब वृद्ध महिला ने सपने में भी यह नहीं सोचा था कि उत्तराखण्ड का एक मुख्यमंत्री उसे गले लगाकर मां बोलेगा। पुष्कर सिह धामी का यह रूप उत्तराखण्ड के अन्दर एक मिसाल बन गया था क्योंकि पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए कभी भी अहंकार का सहारा नहीं लिया और वह खुशमिजाजी और जिंदादिली से हर इंसान को एक जैसा मानकर उनका सम्मान करते हुए दिखाई दे रहे हैं जिससे उत्तराखण्ड के अन्दर उन्हें हृदय सम्राट कहकर पुकारा जा रहा है। वहीं अपने जनता दरबार में एक वृद्ध महिला जब कुर्सी पर बैठकर यह सोच रही थी कि वह कैसे अपने साथ हो रही पीडा को मुख्यमंत्री के सामने बतायेगी लेकिन वह अभी यह सोच ही रही थी कि मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी खुद उनके पास पहुंच गये और उन्होंने फिर वही पुकार लगाई कि मां तुम्हें क्या परेशानी है जिस कारण आपको मेरे पास आना पडा। मुख्यमंत्री का उदारवादी रूप देखकर महिला भी भावुक हो गई और उसने यहां तक बोल दिया था कि बेटा तुझे उत्तराखण्ड की सत्ता पहले क्यों नहीं मिली। वहीं चंद दिन पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब कुमांऊ दौरे पर बागेश्वर गये तो एक वृद्ध महिला थडे पर बैठकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दूर से इंतजार कर रही थी और फिर मुख्यमंत्री की नजर इस वृद्ध महिला पर पडी तो उन्होंने देखा कि वृद्ध महिला उन्हें देखकर हाथ जोडकर बैठी हुई है तो वह उसके पास पहुंचे और उसके हाथ को थामते हुए बोला कि आपकी दुआ से सब ठीक-ठाक चल रहा है और यहां तक बोल दिया कि तू प्यारी-प्यारी है ओ मां…। मुख्यमंत्री का यह रूप देखकर उत्तराखण्ड की मातृशक्ति इस सोच में है कि अगर पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड का पहले ही मुख्यमंत्री बना दिया जाता तो वह उत्तराखण्ड की तस्वीर और तकदीर अब तक बदल डालते। कुल मिलाकर कहा जाये तो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा पुष्कर सिंह धामी जिस विजन से सत्ता को चला रहे हैं उससे समूचा उत्तराखण्ड उनका कायल होता जा रहा है।

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