भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की तैयारी

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में पारदर्शिता के साथ सरकार चला रहे हैं और वह यूकेएसएसएससी में हुये भर्ती घोटालों पर पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि अगर उन्हें इस मामले में सीबीआई जांच कराने की आवश्यकता आई तो वह उससे पीछे नहीं हटेंगे। सोशल मीडिया पर जहां घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग हो रही है वहीं कांग्रेस उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से घोटाले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं ऐसे में सम्भावनायें जताई जा रही हैं कि सीएम भर्ती घोटालों की जांच सीबीआई से कराने का जल्द से जल्द दाव खेल सकते हैं जिसके चलते वह युवा पीढी के हीरो बन जायेंगे? हालांकि यह भी बहस चल रही है कि अगर मुख्यमंत्री ने घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया तो कहीं कांग्रेस के कुछ नेता फिर यह शोर न मचा दें कि सीबीआई तो कांग्रेस का तोता है इसलिए इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराई जाये?
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को उत्तराखण्ड में धरातल पर उतारने में लगे हुये हैं और वह अपने शासनकाल में अपने ऊपर एक भी दाग नहीं लगने देना चाहते यही कारण है कि वह एक साल से राज्य के अन्दर बेदाग होकर सत्ता चला रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी का ही साहस है कि उन्होंने यूकेएसएसएससी में हुई भर्ती घोटालों से लेकर दरोगा भर्ती घोटाले की जांच कराकर साफ संदेश दे दिया कि उनके शासनकाल में भ्रष्टाचार करने वाला हर गुनाहगार सलाखों के पीछे होगा। यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाला इतना बडा हो गया है कि एक पीआरडी जवान से लेकर पुलिसवाला, सचिवालय के कर्मी, सफेदपोश और कुछ अन्य लोगों को एसटीएफ सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा हाईकमान ने पुष्कर सिंह धमी को सत्ता चलाने के लिए फ्रीहैंड कर रखा है और उसी के चलते आने वाले किसी भी दिन मुख्यमंत्री भर्ती घोटालों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश कर उन सबको आईना दिखा देंगे जो इन भर्तियों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर मीडिया तक में हो-हल्ला मचाते आ रहे हैं।

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