पौड़ी गढ़वाल/ देहरादून(संवाददाता)। पौडी गढ़वाल के अंतर्गत पैठाणी के टीला गांव में 1०० से अधिक ग्रामीण रहस्यमई बीमारी से पीडि़त हो गये है और वहीं दूसरी ओर 25 से अधिक स्कूली छात्र छात्राएं एक हफ्ते से स्कूलन नहीं जा पा रहे है। स्वास्थ्य मंत्री डा. धनसिंह रावत ने सोशल मीडिया पर मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक निर्देश दिये है और तत्काल मौके पर चिकित्सकों की टीम भेजने के निर्देश दिये है। यहां पौडी गढ़वाल के श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत दूरस्थ पैठाणी के टीला गांव में पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से लगभग 1०० से अधिक ग्रामीण रहस्यमई बीमारी से ग्रसित है और लगभग 25 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राएं भी इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं जिस कारण वह एक हफ्ते से अधिक समय से बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे। वहीं दूसरी ओर टीला गांव के धूम सिंह नेगी दिगम्बर सिंह तथा महावीर नेगी के द्वारा बताया गया कि ग्रामीणों को तेज बुखार, सीने में दर्द, उल्टी, हाथ पैर के जोड़ों में दर्द, चक्कर आ रहे हैं और इस बीमारी से पीडि़त अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा है। इस अवसर पर गांव के निवासी धूम सिंह नेगी ने बताया कि पहले शुरुआत में एक या दो व्यक्ति ही बीमार हुए थे लेकिन धीरे-धीरे अब 1०० से अधिक ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए हैं 17०० से अधिक की आबादी वाला यह गांव अब इस बीमारी के फैलने से डर रहा है जिस कारण एक दूसरे के घर में भी अब कोई सुध लेने नहीं जा रहा। वहीं स्थानीय विधायक और उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत को सोशल मीडिया के माध्यम से जैसे ही इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई उनके द्वारा तत्काल ही मौके की गंभीरता को समझते हुए मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी पौड़ी को निर्देशित किया गया हर हाल में तत्काल डॉक्टरों की टीम टीला गांव में उपचार के लिए भेजी जाए। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के द्वारा स्वयं ग्रामीणों को दूरभाष के माध्यम से भी फोन कर जानकारी दी गई कि कल गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम उपचार हेतु पहुंच जाएगी। वही सीएमओ पौड़ी के द्वारा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित पाटिल को गांव में मेडिकल टीम गठित करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है और साथ ही सीएमओ के द्वारा फील्ड सर्वे के लिए तत्काल टीला गांव के लिए सीएचसी सेंटर से एक स्वास्थ्य कर्मी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं
वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित पाटिल ने बताया कि कल सवेरे टीला गांव में स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्य टीम गांव में उपचार के लिए जाएगी जिसमें एक डॉक्टर एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर एक एएनएम एक लैब टेक्नीशियन और एक दवाइयों के लिए वार्ड बॉय को गांव के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साथ ही ग्रामीणों के ब्लड सैंपल भी लिए जाएंगे जिससे इस बीमारी के कारणों का पता लगाया जा सके और साथ ही डॉ अमित पाटिल ने बताया कि फील्ड सर्वे के लिए शाम तक स्वास्थ्य कर्मी को गांव के लिए भेजा जा रहा है ताकि कल सवेरे कैंप लगाने में और वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो जाए कल सुबह पूरी मेडिकल टीम गांव में पहुंच जाएगी और वहां पर पीडि़त ग्रामीणों का उपचार करने के लिए कैम्प लगायेगी।
