झीलवाला में हाथी ने मचाया आतंक बाउंड्रीवाल तोड़ कमरा किया क्षतिग्रस्त

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चन्द्र प्रकाश बुड़ाकोटी
देहरादून। पिछले साल वन विभाग ने वन्यजीवों से किसानों की फसल और इंसानी जान बचाने के लिए बड़कोट ग्राम पंचायत के झीलवाला जंगल से सटे प्रभावित क्षेत्रों में करीब सैकड़ो मीटर लंबी खाई खोदवा दी थी। इससे जंगली जानवरों का जंगल से निकलना तो कम हुआ था,लेकिन प्रोपर्टी डीलरों को रास्ता देने के चक्कर मे ग्राम प्रधान के एक पत्र और ऊपरी अफसरों के दबाव में बड़कोट रेंज ने हजारो रुपये खर्च कर अपनी ही खोदी खाई को फिर पाट दिया, अब हाथी जंगल से निकलकर गांव और खेतों में जाने के लिए इन्हीं रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थानीय लोग परेशान है। लगातार एक हफ्ते में दो बार हाथी ने झीलवाला में दो बाउंड्रीवाल और एक घर की दीवार कमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया लोग दहसत में है। पहले राजेश भट्ट की बाउंड्री वाल को तोड़ हाथी उनके आंगन में आ धमका, और अब शुक्रवार की रात्रि को मनवर नेगी की चार दिवारी को तोड़कर उनके घर आंगन में घुस मेडिटेशन को बनाये गए कांच के कमरे को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर गया। स्थानीय ग्रामीण हाथी के गांव में घुसने का मुख्य कारण खोदी गई खाई को पाटना बता रहे है। झीलवाला के राजेश भट्ट आनन्द राणा कहते है कि जब से वन बिभाग ने जंगल से सटे क्षेत्र में खाई बंद की है हाथी सीधे हमारे घर आंगन में आने लगे है। ग्रामीणों ने बताया कि वन अफसर ने उंन्हे कहा कि ग्राम प्रधान ने एक पत्र दिया है जिसमे खाई को पाटने के लिए कहा गया था। जब इस संबंध में प्रधान से बात की गई तो उंन्होने बताया कि हां कुछ लोगो ने मुझे एक पत्र दिया था जिसमे उंन्हे हो रही परेशानी खाई को पाटने के लिए निवेदन किया गया। जिस पर मैने भी हस्ताक्षर किए। सवाल यह है कि जब जंगल के लगे क्षेत्र में खाई वन बिभाग ने खोद दी थी तो वह किस दबाब में पाटी गई और जब से खाई खोदी गई थी हाथी गांव में न के बराबर आ रहे थे,लेकिन जैसे ही इस खाई को पाटा गया लगातार हाथियों की आमद गांव की ओर होने लगी है ग्रामीण दहसत में। अब देखना होगा कि वन बिभाग हजारों की आबादी व किसानों की फसल बचाने के लिए फिर से खाई को पाट पाता है कि प्रोपर्टी डीलरों के दबाब में ग्रामीणों को मरने को छोड़ता है।

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