साइबर ठगों से बचने का पढ़ाया पाठ

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रूद्रप्रयाग(संवाददाता)। जनपद के सभी थानों पर सामुदायिक सम्पर्क समूह (सी०एल०जी०) का पुर्नगठन किया गया है। जनपद के सभी थानों पर गठित सी०एल०जी० समूह में प्रत्येक वर्ग के युवा, विद्यार्थी, कामगार, महिलायें तथा वरिष्ठ नागरिक भी सम्मिलित किये गये हैं। समय-समय पर पुलिस विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा सी०एल०जी० सदस्यों के साथ राजपत्रित अधिकारी की अध्यक्षता में गोष्ठी आयोजित की जाती रही है। जनपद में प्रचलित केदारनाथ धाम यात्रा (चारधाम यात्रा) में कुछ कमी आने के चलते पुलिस कप्तान द्वारा सभी थाना प्रभारियों को पुन: सी०एल०जी० गोष्ठियों का आयोजन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। निर्गत निर्देशों के क्रम में क्षेत्राधिकारी प्रबोध कुमार घिल्डियाल की अध्यक्षता में थाना अगस्त्यमुनि पर प्रभारी निरीक्षक अगस्त्यमुनि योगेन्द्र सिंह गुसाईं की उपस्थिति में सामुदायिक सम्पर्क समूह की गोष्ठी आहूत की गई। गोष्ठी के दौरान उपस्थित सामुदायिक सम्पर्क समूह के सदस्यों द्वारा अपनी राय तथा सुझाव रखे गए सभी के सुझावों पर सम्बन्धित थाना स्तर से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इस अवसर पर पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियानों, यातायात नियमों तथा साइबर अपराध एवं सत्यापन सम्बधी बिन्दुओं पर चर्चा हुई। क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या साइबर अपराध की है, इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका यही है कि इसके बारे में उचित जानकारी अवश्य होनी चाहिए। किसी भी प्रकार के प्रलोभनों के झांसे में न आयें, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते वक्त सावधानी बरतें, अपना ओटीपी या पिन किसी के साथ भी साझा न करें। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि बैंक के स्तर से किसी भी प्रकार के लुभावने ऑफर या खाता बन्द होने सम्बन्धी कॉल नहीं आते यदि फिर भी किसी भी प्रकार की शंका इत्यादि है तो तुरन्त अपने बैंक में पहुंचकर वस्तुस्थिति ज्ञात कर लें। एटीएम के पीछे लिखे तीन अंकीय कोड या अन्य कोई भी विवरण कहीं भी साझा न करें। यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि साइबर ठगी के अधिकांश मामले ऐसे होते हैं जिनमें कि पीडि़त व्यक्ति के स्तर से जाने अनजाने में कोई न कोई गलती अवश्य होती है। यदि किसी भी कारणों से साइबर ठगी के शिकार हो ही जाते हैं तो ऐसी दशा में तत्काल साइबर क्राइम हैल्पलाइन नम्बर 193० पर सम्पर्क करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करें। इसी प्रकार से यातायात नियमों का पालन किये जाने, किसी भी प्रकार की पुलिस सहायता के लिए डायल 112 पर कॉल किये जाने के बारे मे बताया गया। उपस्थित सी०एल०जी० सदस्यों से हमेशा की भांति पुलिस का सहयोग करने की अपेक्षाओं के साथ गोष्ठी का समापन किया गया।

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