देहरादून(संवाददाता)। एफआरआई में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने बहाली की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने के 12 वें दिन जारी रखा और इस अवसर पर सभी संविदा कर्मचारियों ने एफआरआई मे घूमने वाले लोगों से भीख मांगी गई और जितना पैसा भी लोगों के द्वारा दिया जाएगा उस सब पैसों को डायरेक्टर एफआरआई रेवेन्यू अकाउंट में डाला जाएगा और उसकी रसीद भी सार्वजनिक की जाएगी।
इस अवसर पर भारत संवैधानिक अधिकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि जब तक एफआरआई प्रशासन हम से समझौता नहीं करता है कब तक जो बजट का टोटा एफआरआई में आया हुआ है उसके लिए हम लोग भी प्रयास करेंगें ताकि एफआरआई के बजट में कुछ सहयोग करवाया जा सके और एफआरआई को बचाने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि अपनी कमी को छुपाने के लिए एफआरआई प्रशासन आंदोलनकारियों को उच्च अधिकारियों से नहीं मिलने देना चाहते थे इससे साफ जाहिर हो रहा है और 337 संविदा कर्मचारियों को निकालने के पीछे कोई न कोई गोलमाल जरूर है और इनके गोलमाल को उजागर करने के लिए अब आंदोलनकारी चुप बैठने वाले नहीं हैं बहुत जल्दी मुख्य गेट पर तालाबंदी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आज आंदोलनरत संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति बनाई है और कहा कि यदि संविदा कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगें। उन्होंने कहा कि यदि उसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं होती है फिर रेल रोको आंदोलन व चक्का जाम तक करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर मंच के राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुंवर, सतीश कुमार प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता मोर्चा, संजय कटारिया प्रदेश महासचिव अधिवक्ता मोर्चा व भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच, अजय शर्मा ,विजय प्रकाश, अमित कुमार, मुकेश कुमार, विजय कुमार ,ओम प्रकाश ,इंद्र सिंह ,आकाश, राहुल ठाकुर ,रविंद्र कुमार, कुशल सिंह, मुकेश ,सुंदर लाल शर्मा आदि अनेकों संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।
