मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोल रहा हंू…

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म है कि छोटे से प्रदेश में जिस पूर्व मुख्यमंत्री ने भी अहंकार के साथ सत्ता चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये वह जनता के दिलों से उतर गये और उनकी सलतनत भी उनके हाथों से फिसल गई और उन्हें फिर कभी सत्ता का सुख नहीं मिल पाया यही कारण है कि पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए अपने आपको सेवक मानकर जिस तरह से राज्य की जनता का दिल जितने में महारथ हासिल की है उसी का परिणाम है कि आज राज्य की जनता पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड का भाग्य विधाता मानकर उन्हें एक लम्बे युग तक सत्ता में बने रहने का आशीर्वाद दे रही है और उनका मानना है कि जिस राज्य का मुख्यमंत्री अपने आपको एक सेवक मानकर सबके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ रहा है उसके राज में कोई भी न तो माफियागिरी का शिकार हो पायेगा और न ही पुलिस उसका उत्पीडन करने का कभी साहस कर पायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सौम्यता उस समय और झलकी जब उन्होंने चकराता रास्ते में एक चाय की दुकान पर चुस्कियां ले रहे चंद व्यक्तियों से फोन पर बात करते हुए कहा कि मैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोल रहा हंू और उनके आवास के दरवाजे हमेशा सबके लिए चौबीस घंटे खुले हुये हैं।
हुआ यूं कि उत्तर प्रदेश के पूर्व परिवहन मंत्री व एमएलसी अशोक कटारिया जो एक कद्दावर नेता माने जाते हैं वह महासू देवता मन्दिर जा रहे थे तो रास्ते में उन्होंने अपना काफिला लोखंडी में चाय पीने के लिए रूकवाया और उसके बाद वहां लगी चौपाल में बैठे ग्रामीणों से जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सत्ता चलाने के बारे में बात की तो वहां मौजूद सैकडों लोगों ने एक ही स्वर में कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री कहां मिलता है जो अपने आपको सेवक मानकर सबके साथ घुलमिलकर उनके बीच एक आम इंसान बन जाता है। अशोक कटारिया ने जब चौपाल में बैठे सैकडों लोगों को मुख्यमंत्री की सौम्यता की तारीफ करते सुना तो उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीधे फोन मिलाकर कहा कि वह लोखंडी में हैं और यहां मौजूद ग्रामीण उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं इस पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद श्याम सिंह राणा से अशोक कटारिया के फोन पर बातचीत की और कहा कि मैं पुष्कर सिंह धामी बोल रहा हंू आपसे बात करके मुझे कितने आनंद की अनुभूति हो रही है बयां नहीं किया जा सकता। मैं चौबीस घंटे आपकी सेवा में हाजिर हंू। उत्तराखण्ड के किसी भी कोने में किसी भी व्यक्ति को मेरी किसी भी समय जरूरत है मैं हमेशा आप लोगों की सेवा के लिए तत्पर हंू। मैं कभी फोन द्वारा कभी सोशल मीडिया द्वारा या किसी भी माध्यम से आप मुझ तक पहुंच सकते हैं। आप जब चाहे मुझसे आकर व्यक्तिगत रूप से मिल सकते हैं और जैसा कि आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा मै आपसे गुजारिश करूंगा आप मुझसे व्यक्तिगत रूप से आकर मिलेगें तो मुझे और भी अच्छा लगेगा। मुख्यमंत्री ने चाय की चुस्कियां ले रहे लगभग आधा दर्जन ग्रामीणों से जब फोन पर बात की तो ग्रामीण गद्गद् हो गये और वह यह कहने से नहीं चूके कि उत्तराखण्ड को इक्कीस साल बाद एक महानायक मिला है जो उत्तराखण्ड को बदलकर रख देगा।

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