दीपक ने आप को कहा बॉय-बॉय

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संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मात्र दस माह के भीतर जिस तरह से राज्य की जनता का दिल जीतकर कांग्रेस को चारो खाने चित किया है उससे आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी अपने राजनीतिक भविष्य का खतरा अभी से ही दिखाई देने लगा है जिसके चलते उत्तराखण्ड के हृदय सम्राट बन चुके पुष्कर सिंह धामी में आम आदमी पार्टी के चंद नेताओं ने जिस तरह से अपनी एक बडी आस्था दिखाकर झाडू को अपने से दूर कर कमल का हाथ थामा है उससे साफ नजर आने लगा है कि उत्तराखण्ड में आप का कुनबा धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर आने लगा है? पुष्कर सिंह धामी ने शुरूआती दौर में ही जिस तरह से आम आदमी पार्टी पर अपनी चुनावी सभाओं में वार किये थे उससे साफ नजर आ गया था कि वह उत्तराखण्ड से आम आदमी पार्टी के वजूद को ही खत्म करने की दिशा में आगे बढने का प्लान तैयार किये हुए हैं। मात्र चंद माह में मुख्यमंत्री का चेहरा बने कर्नल अजय कोठियाल और उसके बाद अब आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर बडी आस्था दिखाते हुए कमल का दामन पकडा है उससे साफ नजर आने लगा है कि पुष्कर ंिसंह धामी उत्तराखण्ड में एक लम्बे युग तक कमल को खिलाने के लिए विजन के तहत आगे बढते जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भाजपा हाईकमान ने जब छह माह के लिए पुष्कर सिंह धामी को सत्ता की चाबी सौंपी थी तो उसके बाद से भाजपा के ही कुछ राजनेताओं में खुसर-पुसर शुरू हुई थी कि पुष्कर सिंह धामी जो आज तक मंत्री नहीं बन पाये वह मुख्यमंत्री बनकर राज्य को क्या चला पायेंगे? भाजपा के चंद नेताओं की इस सोच को पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक बडे विजन के तहत हवा में उडा दिया था और उन्होंने मात्र छह माह के भीतर जिस तरह से समूचे विपक्ष की चुनौती को स्वीकार करते हुए अपने कदम आगे बढाये उसी को देखते हुए राज्यवासियों को इस बात का आभास हो गया था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी बडी रणनीति के तहत विधानसभा चुनाव में समूचे विपक्ष को धूल चटा देंगे। पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव में कभी भी आम आदमी पार्टी को चुनौती के रूप में स्वीकार ही नहीं किया और उन्होंने अपनी हर बडी चुनावी सभा में आम आदमी पार्टी को बडे निशाने पर लिया था और साफ ऐलान किया था कि राज्य में आम आदमी पार्टी का कोई वजून नहीं रहेगा। पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से एक बडी सोच के तहत सत्ता को चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये और मात्र छह माह की सत्ता चलाते हुए राज्य के अन्दर भाजपा को प्रचंड बहुमत की सरकार का तोहफा दिया उससे आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री का चेहरा बने कर्नल अजय कोठियाल ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर एक बडा विश्वास और आस्था रखते हुए उनके नेतृत्व में कमल का साथ मंजूर किया और हमेशा के लिए झाडू को अपने से दूर कर दिया। कर्नल अजय कोठियाल के भाजपा में शामिल होने का श्रेय सिर्फ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ही गया क्योंकि वह भी एक सैनिक पुत्र हैं और कर्नल अजय कोठियाल को इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण मिला कि किस तरह से सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी राज्य में होने वाले अधिकांश समारोह में शामिल होने से पहले पहाडों में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के बीच जाकर उनके साथ खुशियां मनाते हैं। पुष्कर सिंह धामी का सैनिक प्रेम ही कर्नल अजय कोठियाल को भा गया था और उन्होंने आम आदमी पार्टी को हमेशा के लिए बाय-बाय बोल दिया था। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा था कि राज्य के अन्दर आम आदमी पार्टी को प्रदेश की जनता किसी भी कीमत पर नहीं अपनायेगी और यही कारण रहा कि आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में एक बडी आस्था दिखाते हुए झाडू को हमेशा के लिए बॉय-बॉय कह दिया और सबके सामने दीपक बाली ने कमल का दामन थाम लिया। पुष्कर सिंह धामी के सामने जिस तरह से दीपक बाली भी आम आदमी पार्टी का मोह त्यागकर भाजपा में शामिल हुये उससे साफ नजर आ गया कि अब राज्य के अन्दर आम आदमी पार्टी का बचा हुआ कुनबा भी धीरे-धीरे अपने आपको पार्टी के अन्दर कमजोर पाकर पार्टी का मोह छोडने के लिए कभी भी आगे आ सकता है इससे साफ झलक रहा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धाकड राजनीतिक पारी से विपक्ष किस तरह से ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगा है?

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