मुख्य सेवक की जीत पर झूमा चम्पावत

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चम्पावत(संवाददाता)। उपचुनाव में पुष्कर सिंह धामी ने समूचे चम्पावत को जिस तरह से एक ही धागे में पिरोकर रख दिया था उससे पहले ही साफ हो चुका था कि यह उपचुनाव एक नया इतिहास रचेगा और आज जब चुनाव परिणाम सामने आया तो साफ हो गया कि किस तरह से समूचे चम्पावत ने पुष्कर सिंह धामी पर एक बडी आस्था रखते हुए उन्हें आज तक के हुये सभी उपचुनाव में से सबसे बडी जीत का सेहरा उनके माथे पर पहना दिया। पुष्कर सिंह धामी की जीत की घोषणा होते ही समूचा चम्पावत जश्न में डूब गया और सैकडों लोगों ने जहां खुलकर होली का गुलाल एक दूसरे पर लगाकर बधाई दी वहीं धामी की जीत पर जमकर आतिशबाजी भी हुई और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर चम्पावत के नये भविष्य को लेकर एक बडा सपना भी मन में पाल लिया कि अब उनका चम्पावत मुख्यमंत्री का हो चुका है तो अब वह इस चम्पावत को एक नई दिशा व दिशा देंगे। मुख्यमंत्री ने भी जीत के बाद कहा कि यह जीत हमें इस क्षेत्र के विकास,गति, उन्नति और प्रगति के लिए नया जोश देती है। आप सबके आशीर्वाद से हम उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। 2०25 तक हर क्षेत्र में हमारी आदर्श स्थिति होगी।
पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से जीत के बाद चम्पावत के विकास को लेकर एक बार फिर अपनी सोच को जिस तरह से समूचे चम्पावत के सामने उजागर किया है उससे साफ नजर आ रहा है कि आने वाले समय में चम्पावत को इस बात का गर्व होगा कि उनका विधायक एक मुख्यमंत्री है और अब चम्पावत की युवा पीढी को रोजगार के रास्ते पर लाकर वह जरूर खडा करेंगे। आज सुबह जैसे ही मतगणना स्थल पर मतगणना का दौर शुरू हुआ तो समूचा चम्पावत खुशी में झूम उठा क्योंकि उसने संकल्प ले रखा था कि वह पुष्कर सिंह धामी को अपने चम्पावत से एतिहासिक जीत का तोहफा देंगे। चम्पावत की जनता ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किये गये वायदे को पूरा किया और उसी के चलते राज्य के मुख्यमंत्री ने समूचे चम्पावत को विश्वास दिलाया कि अब उनका दायित्व है कि वह चम्पावत को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिए आगे आयेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज उत्तराखण्ड के ऐसे गांव है जिन्हें सडक मार्ग से जोडना है अनेक गांव ऐसे है जिनमें संचार की सुविधा नहीं है और हमारे अनेक नौजवान भाई है जिन्हें रोजगार से जोडना है इसलिए हमारा प्रयास होगा कि हर क्षेत्र के लिए अलग से योजना बनाकर वहां विकास को आगे बढाया जाये। पुष्कर सिंह धामी की जीत के बाद चम्पावत की सडकों पर जश्न देखते ही बनता था और ढोल नगाडों के साथ जिस तरह से युवा पीढी सडकों पर एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जिस तरह से थिरक रही थी उससे उनकी खुशी साफ झलक रही थी।

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