उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्यहित में हर वो काम करने के मिशन में आगे बढ़ जाते हैं जिसका वास्ता नागरिकों से जुडा होता है। उत्तराखण्ड के छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की गूंज राज्य के मुख्यमंत्री के कानों में पहुंची तो उन्होंने केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड के सभी छात्रों की घर वापसी को लेकर आग्रह किया और उसी के चलते केन्द्र सरकार ने देश के सभी छात्रों की वापसी का रास्ता साफ किया और इसमें उत्तराखण्ड के छात्रों की तेजी के साथ घर वापसी से हर वो परिवार खुशी के माहौल में है जिसके बच्चे यूक्रेन में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। काशीपुर में एक परिवार की बेटी जब देर रात यूक्रेन से उत्तराखण्ड अपने घर पहुंची तो उनके घर में खुशी का माहौल था और उन्होंने एक ही स्वर में कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम रंग लाने लगी है जिसके चलते परिवारों के बच्चे यूक्रेन से वापस उत्तराखण्ड अपने आवास पहुंचने लगे हैं।
काशीपुर(राजू अनेजा)। यूक्रेन और रूस के बीच हो रहे युद्ध के दौरान भारत सरकार द्वारा वहां पर फंसे भारतीयों को सकुशल निकाले जाने का क्रम लगातार जारी है। इसी क्रम में काशीपुर में रहने वाली और यूक्रेन के इवानफ्रेंकईव्स शहर में मेडिकल की पांचवें वर्ष की छात्रा कादंबिनी मिश्रा देर रात काशीपुर पहुंची तो परिवार के लोग अपनी बेटी को घर में पाकर खुशी से झूम उठे और उन्होंने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि ‘थैक्य यू सीएम साहबÓ।
बताते चलें कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिडऩे के बाद वहां के हालात काफी खतरनाक हो चले हैं। इस बीच यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे भारतीयों को सकुशल वहां से निकालने के लिए भारत सरकार के द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखण्ड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केन्द्र सरकार से किये गये आग्रह के बाद उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं का प्रदेश में लौटना शुरू हो रखा है जिससे उनके परिजनों में एक खुशी की लहर दिखाई दे रही है। उन्हीं में से सकुशल वापस लौटी काशीपुर की कादिम्बिनी मिश्रा पुत्री अशोक मिश्रा भी शामिल हैं। यूक्रेन में उत्तराखंड के काशीपुर के आठ छात्र छात्राओं समेत कुल नौ लोग फंसे हुए थे। जिनमें से काशीपुर की पहली छात्रा कादिम्बिनी मिश्रा देर रात काशीपुर अपने घर परिवार के बीच पहुंची। इस बीच काशीपुर में अपने परिजनों के बीच पहुंचने पर वह काफी खुश दिखाई दी। इस दौरान बातचीत में कादिम्बिनी मिश्रा ने बताया कि वह इवानफ्रेंकईव्स शहर में वहां की इवानफ्रेंकईव्स नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पांचवीं वर्ष की छात्रा हैं। उन्होंने कहा कि उनके शहर में हालात फिलहाल सामान्य थे लेकिन उनकी इवानफ्रेंकईव्स नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुछ टीचर्स के द्वारा युद्ध के हालात होने के बावजूद भी पढ़ाई पर ही जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के हालात बहुत खराब है लेकिन उनकी शहर में इतना कुछ नहीं हो रहा है। बॉर्डर पर काफी भीड़ है। उन्होंने कहा कि अगर जो लोग बॉर्डर पार कर ले रहे हैं तो उन्हें दूसरे देश की जनता व प्रशासन के द्वारा काफी मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी के द्वारा 2० बसों की व्यवस्था की गई थी और वह बीते शनिवार को निकलने वाले थे लेकिन उन्होंने और अन्य छात्रों ने सोचा कि 2० बसों में काफी भीड़ हो जाएगी इसीलिए उन्होंने अपने खर्चे पर 2 बसों की व्यवस्था कर शुक्रवार की शाम को निकल पड़े। 4 से 5 घंटे का सफर तय करने के बाद वह सीमा पर पहुंचे, जहां पर पहले से ही काफी मात्रा में बॉर्डर पार करने के लिए भीड़ जमा थी। सीमा पर 2 से 4 किलोमीटर तक बसों की लंबी लाइन लगी हुई थी लिहाजा उन्होंने और उनकी साथी छात्राओं ने माइनस 2 डिग्री तापमान के बावजूद 4 से 5 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल ही तय कर बॉर्डर पार किया। उन्होंने कहा कि उनके शहर में केवल एयरपोर्ट पर ही मिसाइल अटैक हुआ था जिससे कि एयर ट्रैफिक को रोका जा सके। उन्होंने बॉर्डर पर फंसे छात्र छात्राओं से धैर्य बरतने की अपील करते हुए कहा कि अगर वह थोड़ा सा संयम और धैर्य बरतेंगे तो सभी छात्र छात्राएं सकुशल अपने घर पहुंच जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि जबसे रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ है तो उसके बाद से ही उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूक्रेन में पढ़ रहे उत्तराखण्ड के सभी छात्रों का रिकार्ड तलब किया और उसके बाद उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बातचीत कर उत्तराखण्ड के सभी छात्रों को सकुशल वापस बुलाने का आग्रह किया था। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया था कि वह राज्य के हर छात्र की वापसी करायेंगे। यूक्रेन में फंसे उत्तराखण्ड के सभी छात्रों के परिजनों की चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकल्प लिया है कि वह यूक्रेन में फंसे एक-एक छात्र को उत्तराखण्ड वापस लाने के मिशन में लगे हुये हैं। पुष्कर सिंह धामी अपने राज्य के हर छात्र की सकुशल वापसी को लेकर खुद दिल्ली पहुंच गये और उन्होंने अपने अधिकारियों की टीम को एलर्ट किया कि एयरपोर्ट पर यूक्रेन से जो भी उत्तराखण्ड के छात्र वापस लौट रहे हैं उन्हें वह खुद रिसीव करेंगे और इन छात्रों को उनके आवास पर सकुशल पहुंचाने का जिम्मा भी वह संभालेंगे। दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यूक्रेन से लौट रहे छात्रों को लेकर अपनी नजर बनाये हुये हैं और अधिकारियों से मंथन कर यह जानकारी भी ली जा रही है कि उत्तराखण्ड से यूक्रेन में पढाई कर रहे कितने छात्र अब तक उत्तराखण्ड वापसी कर चुके हैं और कितने छात्र अभी ऐसे हैं जिनकी यूक्रेन से वापसी होनी है। यूक्रेन में पढाई कर रहे छात्रों की शत-प्रतिशत वापसी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद सचेत दिखाई दे रहे हैं और उनका यही मानना है कि राज्य का एक-एक छात्र सरकार वापस लाने की दिशा में रात-दिन एक किये हुये है और वह उन परिवारों को भी हौसला दे रहे हैं जिनके अपने यूक्रेन में पढाई कर रहे हैं और अभी तक वह भारत नहीं लौट पाये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पल-पल अपनी नजरें यूक्रेन से आने वाले उत्तराखण्ड के छात्रों पर लगा रखी है और वह उत्तराखण्ड के सभी छात्रों की सकुशल भारत वापसी के लिए केन्द्र सरकार से लगातार सम्पर्क बनाये हुये है और भारत लौटने वाले उत्तराखण्ड के छात्रों से खुद भी बात कर रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी का यह जज्बा यह बताने के लिए काफी है कि वह राज्यहित में किस तरह से अपने विजन पर काम कर रहे हैं।
