यातायात व्यवस्था को किसकी लगी नजर!

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देहरादून। शहर की यातायात व्यवस्था देखकर तो मौजूदा समय में ऐसा आभास हो रहा है मानो शहर लावारिस है और उसे देखने वाला कोई नहीं है? यातायात व्यवस्था सुधारने के दावे करने वाले चंद पुलिस अफसर आखिर कहां गायब हो गये यह हैरान करने वाली बात है। सडकों पर हो रहे हादसे चंद अफसरों को आखिर कब दिखाई देंगे यह तो एक बडा सवाल है लेकिन पटेलनगर इलाके में सडक पर हो रहे हादसों ने आवाम के मन में एक डर पैदा कर दिया है और आईएसबीटी इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था जिस तेजी के साथ धडाम हो चुकी है उस पर पुलिस अफसरों की नजर कब जायेगी यह देखने वाली बात है?
उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते में दूसरा दर्दनाक हादसा जहां एक हफ्ता पहले एक युवती को अपनी जान गवानी पड़ी थी वहीं। आज एक युवक फिर हुआ पूरी तरह जख्मी हो गया ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यातायात पुलिस कब जागेगी। दून ट्रैफिक पुलिस से लेकर आईएसबीटी चौकी पुलिस क्योंकि जहां एक तरफ ट्रकों का जमवाड़ा तो वहीं दूसरी तरफ 4 बजते ठेलियों का जमवाड़ा क्यों नहीं होती कोई कार्रवाई आखिर कब तक झेलना पड़ेगा आम जनमानस दिक्कत का सामना करना पड रहा है। देखने में आया कि मुस्कान चौक पर सुबह साढे नौ बजे आज फिर दर्दनाक हादसा हुआ। हादसे का शिकार हुआ युवक माजरा अलमारी बनाने वाले रिजवान का पुत्र बताया जा रहा है जिसे एक पंजाब नंबर ट्रक से बुरी तरह टक्कर मारकर जख्मी कर दिया। हैरानी वाली बात है कि आईएसबीटी चौकी की चंद कदम दूरी पर मुस्कान चौक हमेशा बना रहता है अतिक्रमणकारियों का अड्डा जिस तरह से वहां जमा हुआ है उसे कब खदेडा जायेगा यह एक बडा सवाल बना हुआ है। बता दें कि सुबह से लगने वाले ईटों की मंडी दुर्घटना का सबब बन जाती है वही सुबह से ही ट्रकों को सड़कों पर लगाकर लड़कों भूल जाते हैं जिनकी वजह से आए दिन एक्सीडेंट व जाम की स्थिति पैदा होती है। वहीं दूसरी और शाम चार बजते ही मुस्कान चौक शराबियों से लेकर एक फैशन बाजार बन जाता है। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आखिरकार कोई अफसर आगे क्यों नहीं आ रहा है यह कई सवालों को जन्म दे रहा है।

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