प्यार में धोखे का बदला

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डोबाल ने खोला सुपारीकांड का खौफनाक राज
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। बड़ोवाला में बैंककर्मी पर हुई सनसनीखेज फायरिंग की गुत्थी देहरादून पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस कप्तान के मुताबिक वारदात के पीछे लूट या पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि प्रेम संबंध टूटने के बाद बदले की आग थी। बैंककर्मी की पूर्व प्रेमिका ने कथित तौर पर उसे रास्ते से हटाने के लिए पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में पटेलनगर पुलिस और एसओजी ने मामले की परतें खोलते हुए मुख्य आरोपी महिला मालिया रहमान, उसके साथी मोहित और मुठभेड़ में घायल शूटर अंकित चौहान को गिरफ्तार कर लिया। जबकि वारदात में शामिल अंकुर की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
11 सितंबर को पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल को गोपनीय सूचना मिली कि फायरिंग में शामिल दोनों आरोपी दोबारा देहरादून आए हैं। पटेलनगर क्षेत्र में चेकिंग तेज की गई। गोरखपुर चौक पर बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया तो वे बाइक दौड़ाकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया तो दोनों चाय बागान की पगडंडी पर बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश की पहचान 25 वर्षीय अंकित चौहान निवासी लक्सर, हरिद्वार के रूप में हुई। फरार आरोपी की पहचान अंकुर के रूप में हुई। मौके से देसी तमंचा, खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की गई। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ लिया। पुलिस पूछताछ में अंकित ने दावा किया कि उसे रानीपुर निवासी परिचित मोहित के माध्यम से मालिया रहमान नाम की महिला मिली थी और उसी के कहने पर बैंककर्मी सत्यम को मारने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने इस सुराग पर तेजी से काम किया और देर रात आईएसबीटी के पास से मालिया रहमान और मोहित को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मालिया रहमान वर्ष 2020 से 2023 तक उज्जीवन बैंक हरिद्वार में नौकरी करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात बिजनौर निवासी सत्यम कुमार से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में मालिया ने परिवार के दबाव में सहारनपुर निवासी युवक से निकाह कर लिया, लेकिन शादी के बाद भी वह और सत्यम संपर्क में रहे। बाद में उसकी शादी टूट गई और वह मायके में रहने लगी। वर्ष 2025 में सत्यम का स्थानांतरण उज्जीवन बैंक की देहरादून शाखा में हो गया। आरोप है कि करीब चार-पांच वर्षों तक संपर्क में रहने के बाद फरवरी 2026 में सत्यम ने किसी अन्य युवती से सगाई कर ली। इसके बाद उसने मालिया से बातचीत कम कर दी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उसे ब्लॉक कर दिया। पुलिस के मुताबिक इसी बात से नाराज मालिया ने सत्यम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अपने साथी मोहित के माध्यम से उसकी मुलाकात आपराधिक मामलों में पहले जेल जा चुके अंकित चौहान से हुई। आरोप है कि सत्यम की हत्या के बदले पांच लाख रुपये देने की डील हुई और 1.20 लाख रुपये एडवांस दिए गए। शेष रकम हत्या के बाद दी जानी थी। मालिया ने शूटर को सत्यम की फोटो देने के साथ देहरादून स्थित बैंक कार्यालय भी दिखाया था।
पुलिस के अनुसार आठ सितंबर को अंकित अपने साथी अंकुर के साथ देहरादून पहुंचा। दोनों ने सत्यम को निशाना बनाया और शिमला बायपास रोड के बड़ोवाला क्षेत्र में सुनसान जगह देखकर उसकी स्कूटी को ओवरटेक किया। इसके बाद सत्यम पर गोली चला दी गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे तो दोनों आरोपी भाग निकले। सत्यम की मौत नहीं होने और केवल घायल होने की जानकारी मिलने के बाद कथित सुपारी की बाकी रकम का मामला अटक गया। पुलिस का दावा है कि इसी रकम को लेकर संपर्क होने पर अंकित और अंकुर फिर देहरादून पहुंचे थे। इस बार पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पहले से सक्रिय पुलिस टीम उनके पीछे लग गई और मुठभेड़ के बाद पूरा षड्यंत्र सामने आ गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी मालिया रहमान (26), निवासी ज्वालापुर हरिद्वार, उसके साथी मोहित (25), निवासी ज्वालापुर हरिद्वार और मुठभेड़ में घायल अंकित चौहान (25), निवासी लक्सर हरिद्वार को गिरफ्तार किया है। वहीं अंकुर पुत्र ब्रह्मपाल, निवासी लक्सर अभी फरार है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अंकित के कब्जे से 315 बोर का देसी तमंचा, दो खोखा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक अंकित के खिलाफ लक्सर और पटेलनगर में चोरी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत पूर्व के मुकदमे भी दर्ज हैं। पूरे ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर नरेश राठौर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद शाह, आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह, उपनिरीक्षक बलवीर सिंह तथा एसओजी नगर प्रभारी संदीप कुमार समेत पुलिस और एसओजी टीम शामिल रही। बड़ोवाला की सड़क पर चली एक गोली के पीछे छिपी पांच लाख की कथित सुपारी की कहानी तक पहुंचकर देहरादून पुलिस ने वारदात की पूरी कड़ी जोड़ दी है। अब पुलिस की अगली चुनौती फरार अंकुर को दबोचकर षड्यंत्र से जुड़े बाकी तथ्यों और लेन-देन की कड़ियों को सामने लाना है।

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