डोबाल के जाल में फंसा ‘बुलेट चोर गैंग’

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दून की सड़कों से गायब हो रही थी बुलेट
नम्बर प्लेट गायब कर पुलिस को दे रहे थे चुनौती
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। राजधानी में एक के बाद एक दोपहिया वाहन चोरी कर पुलिस के लिए चुनौती बने शातिर वाहन चोर गिरोह पर आखिरकार दून पुलिस का शिकंजा कस गया। एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की रणनीति पर काम करते हुए पटेलनगर पुलिस ने दो कथित शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 7 रॉयल एनफील्ड बुलेट समेत कुल 13 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पुलिस ने वाहन चोरी की सात अलग-अलग घटनाओं के खुलासे का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का चोरी करने का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी पहले अलग-अलग इलाकों में घूमकर रेकी करते और सुनसान स्थानों पर खड़े दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही वाहन चोरी कर उसकी नंबर प्लेट उतार दी जाती, ताकि रास्ते में पुलिस की नजर से बचा जा सके। इसके बाद मुख्य सड़कों से बचते हुए गली-मोहल्लों के रास्ते चोरी के वाहन पहले से तय ठिकानों तक पहुंचाए जाते थे। मामले की परतें उस समय खुलनी शुरू हुईं जब चंद्रबनी चोयला निवासी आदित्य की रॉयल एनफील्ड बुलेट न्ज्ञ07-थ्श्र-9383 और शक्ति विहार माजरा निवासी दीपक सिंघल की बुलेट न्ज्ञ07-क्ग्-2536 चोरी होने की शिकायत पटेलनगर कोतवाली पहुंची। पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की।
लगातार हो रही वाहन चोरी को एसएसपी ने गंभीरता से लेते हुए पटेलनगर पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए। पुलिस टीमों ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, आने-जाने वाले रास्तों की पड़ताल की और पूर्व में वाहन चोरी में सामने आए आरोपियों की वर्तमान गतिविधियों का सत्यापन किया। इसी कवायद के बीच 10 अगस्त को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर हरिद्वार बाईपास रोड स्थित कबाड़ी बाजार के पास नवनिर्मित सड़क पर पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को चोरी की दो बुलेट मोटरसाइकिलों के साथ दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विवेक सिंह विश्नोई (23), निवासी श्यामपुर कांगड़ी, हरिद्वार और गुरप्रीत सिंह (20), निवासी टाटवाला श्यामपुर कांगड़ी, हरिद्वार के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसके बाद बरामदगी का आंकड़ा बढ़ता चला गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर पांच अन्य बुलेट समेत कुल 13 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए। इनमें 7 बुलेट, तीन एक्टिवा, दो स्प्लेंडर और एक सिटी-100 मोटरसाइकिल शामिल है।
नंबर प्लेट गायब, गलियों का रास्ताकृऐसे देते थे पुलिस को चकमा
पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी के बाद सबसे पहले वाहन की नंबर प्लेट हटा देते थे। इसके बाद वाहन को मुख्य रास्तों से ले जाने के बजाय गली-मोहल्लों के रास्ते निर्धारित ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। वहां वाहन को तब तक छिपाकर रखा जाता, जब तक कोई कथित ग्राहक नहीं मिल जाता। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि अपने खर्च पूरे करने के लिए आरोपी कथित तौर पर चोरी के कुछ वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर परिचित लोगों को किराये पर भी देते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की योजना बरामद वाहनों को देहरादून से बाहर ले जाकर बेचने की थी और इसके लिए ग्राहकों की तलाश की जा रही थी।

हरिद्वार और पानीपत तक पहुंचा चोरी का कनेक्शन
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने दो अन्य चोरी के वाहनों की जानकारी भी दी है। इनमें एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल थाना श्यामपुर, हरिद्वार और दूसरा वाहन पानीपत, हरियाणा में पुलिस द्वारा सीज किए जाने की बात सामने आई है। दोनों वाहनों की बरामदगी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है। बरामद बुलेट मोटरसाइकिलों में पटेलनगर के अलावा कोतवाली नगर, क्लेमेंट टाउन और नेहरू कॉलोनी में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से संबंधित मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। शेष वाहनों के संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
वाहन चोर गिरोह तक पहुंचने वाली टीम में पटेलनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह गुसाईं, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद शाह, उपनिरीक्षक प्रवीण पुण्डीर, आईएसबीटी चौकी प्रभारी जयवीर सिंह, उपनिरीक्षक विनय मित्तल, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल बृजमोहन सिंह रावत, कैलाश पंवार, आबिद अली, राहुल कुमार तथा एसओजी नगर के हेड कांस्टेबल किरन कुमार शामिल रहे। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए घ्2,500 के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। सात बुलेट समेत 13 वाहनों की बरामदगी के साथ पटेलनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने राजधानी में सक्रिय वाहन चोरों को साफ संदेश दिया हैकृदून पुलिस की नजर से बचना आसान नहीं।

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