सीएम साहबः आंगनवाड़ी में सप्लाई हो रहा घटिया पोषाहार
मुख्यमंत्री को बताया खेल का सच
विकासनगर(मनोज सैनी)। हैरानी वाली बात है कि एक ओर तो राज्य के मुख्यमंत्री पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ सरकार चला रहे हैं और राज्य के नौनिहालों को आंगनवाड़ियों में बेहतर खाने का सामान परोसने का उन्होंने दो टूक संदेश दे रखा है। हैरानी वाली बात है कि मुख्यमंत्री के आदेश को हवा में उड़ाते हुए आंगनवाड़ी सेंटर्स में घटिया सामान परोसे जाने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा महकमे की मंत्री के खिलाफ अपनी दहाड़ लगाता आ रहा है और वह मंत्री को मंत्रिमण्डल से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए भी कई बार विकासनगर तहसील में प्रदर्शन कर चुका है। अब मोर्चा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के यहां दस्तक दी और उनसे कहा कि सीएम साहब आपके राज में आंगनवाड़ी सेंटर्स में जो भी घटिया सामान व सेनेटरी पैड, सडे़-गले अड्डे व कुछ और सामान परोस रहा है तो वह सख्त रूख अपनाकर उनके खिलाफ कार्यवाही करें क्योंकि इससे नौनिहालों के जीवन पर एक बडा संकट खडा हुआ है। मुख्यमंत्री ने मोर्चा अध्यक्ष को भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले में जरूर एक्शन लेंगे।
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं, किशोरियों, गर्भवती माताओं और बच्चों को वितरित की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर आरोप लगाया कि प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया गुणवत्ता के सेनेटरी नैपकिन, छोटे व सड़े-गले अंडे तथा निम्न स्तर का पोषाहार जबरन वितरित कराया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। नेगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजे जा रहे सेनेटरी नैपकिन गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते। उनका आरोप है कि पैकेट पर आईएसआई, आईएसओ अथवा किसी अन्य प्रमाणित गुणवत्ता मानक का स्पष्ट उल्लेख तक नहीं है। उनका कहना है कि अधिकांश महिलाएं और किशोरियां इन पैड का उपयोग करने से बच रही हैं, जिसके कारण कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने मानदेय से इसकी भरपाई करनी पड़ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे निम्न गुणवत्ता वाले उत्पाद संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
अंडों की आपूर्ति को लेकर भी मोर्चा ने गंभीर सवाल उठाए। नेगी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा बेहद छोटे आकार के, बाजार में अस्वीकृत और कई बार बदबूदार अंडे केंद्रों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, दो-दो और तीन-तीन माह का स्टॉक एक साथ भेजे जाने से उनके खराब होने की आशंका और बढ़ जाती है। उन्होंने इसे गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही बताया। नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि दलिया, सत्तू, भोग हलवा सहित अन्य पोषाहार की गुणवत्ता भी बेहद खराब है और कई बार एक्सपायरी तिथि वाले उत्पाद तक केंद्रों में पहुंचाए जाते हैं। उनका कहना था कि जिस पोषाहार को बच्चों और गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दिया जाना चाहिए, उसकी गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान आकाश पंवार भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।