रामनगर का रंगीन रिजोर्ट निकला अय्याशी का आशियाना
प्रमुख संवाददाता
रामनगर। नैनीताल के रामनगर में एक रिजोर्ट के अन्दर अय्यासी का शैतानी खेल चल रहा था और पुलिस व एसओजी ने जब रिजोर्ट पर धावा बोला तो वहां खुलेआम अय्यासी का धंधा चल रहा था। रिजोर्ट में 52 वहशी शैतान पकडे गये जहां से पुलिस ने दस लडकियों को भी रेस्क्यू किया। हैरानी वाली बात है कि इस रिजोर्ट में अवैध रूप से बार चल रहा था जहां बडी संख्या में शराब, नकदी और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है। रिजोर्ट में सैक्स रैकेट चल रहा था और वह किसकी पनाह में चल रहा था यह तो अभी एक रहस्य ही है लेकिन रामनगर जैसे क्षेत्र में बडे पैमाने पर अय्यासी का धंधा बेनकाब होने से सवाल पनप रहे हैं कि आखिर रिजोर्ट में यह काला धंधा कब से चल रहा था। इस ऑपरेशन के बाद वहां से मैनेजर फरार हो गया लेकिन यह बात भी साफ हो गई कि होटल कर्मचारियों की मिलीभगत से अय्यासी का सारा धंधा चल रहा था।
उत्तराखंड की शांत और पर्यटन नगरी की पहचान रखने वाले रामनगर में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक आलीशान रिजोर्ट के भीतर कथित तौर पर चल रहे अय्याशी और देह व्यापार के बड़े नेटवर्क का पुलिस और एसओजी ने पर्दाफाश किया। बाहर से लग्जरी और आतिथ्य का चेहरा दिखाने वाला यह रिजोर्ट भीतर किस तरह कथित अवैध गतिविधियों का अड्डा बना हुआ था, इसका खुलासा छापेमारी के दौरान हुआ। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर रिजोर्ट पर अचानक दबिश दी। कार्रवाई शुरू होते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पूरे रिजोर्ट को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान 52 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 10 युवतियों को रेस्क्यू किया गया। मौके से भारी मात्रा में शराब, नकदी और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि रिजोर्ट में कथित रूप से बिना अनुमति बार संचालित किया जा रहा था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रामनगर जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र में इतना बड़ा कथित सेक्स रैकेट कब से संचालित हो रहा था? क्या यह कारोबार सिर्फ रिजोर्ट प्रबंधन तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था? क्या स्थानीय स्तर पर किसी की शह के बिना इतने बड़े पैमाने पर यह सब संभव था? इन सवालों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
छापेमारी के दौरान रिजोर्ट का मैनेजर मौके से फरार हो गया। पुलिस का मानना है कि उसे पूरे अवैध कारोबार की अहम जानकारी है। उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। शुरुआती जांच में रिजोर्ट के कुछ कर्मचारियों की कथित भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बुकिंग किस प्रकार होती थी, ग्राहकों को कौन लाता था, भुगतान किस माध्यम से लिया जाता था और इस कथित नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े थे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, रजिस्टर और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत सच्चाई सामने लाई जा सके। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पर्यटन की आड़ में कहीं कुछ प्रतिष्ठान कथित अवैध गतिविधियों के केंद्र तो नहीं बनते जा रहे। प्रशासन और पुलिस के लिए यह मामला सिर्फ एक रिजोर्ट तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे सभी संदिग्ध ठिकानों की व्यापक जांच का संकेत भी माना जा रहा है। रामनगर में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि कानून के शिकंजे से बचकर अवैध कारोबार चलाना आसान नहीं है। अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर है कि इस कथित नेटवर्क के पीछे छिपे चेहरे कौन हैं, किसके संरक्षण में यह खेल चल रहा था और जांच की अगली कड़ी में किन-किन नामों का खुलासा होता है।