लाल डायरी के पन्ने खंगाल रहे कप्तान
देहरादून। दिल्ली से राजधानी देहरादून में छात्रों, सफेदपोशों, हाईप्रोफाइल लोगों को कोकीन परोसने के लिए दिल्ली से विदेशी पैडलरों का गैंग लम्बे समय से अपनी दस्तक देता था। कोकीन का नशा बहुत महंगा है और रईसजादे, सफेदपोश और हाईप्रोफाइल लोग अब कोकीन के नशे को अपनी रातें रंगीन करने के लिए लेते हैं। यह सब कुछ उस विदेशी नशा किंग पैडलर ने पुलिस के सामने कबूला है जो इस महंगे नशे को एक लम्बे समय से राजधानी में हाई प्रोफाइल और सफेदपोशों के लिए लाया करता था। विदेशी नशा किंग पैडलर के पास से जो लाल रंग की डायरी बरामद हुई है उसमें उन रईसजादों के नाम और नम्बर मौजूद हैं जो कोकीन का नशा अपनी रातें रंगीन करने के लिए लेते हैं। पुलिस कप्तान इस लाल रंग की डायरी के हर उस पन्ने को खंगालेंगे जिसका सीधा सम्बन्ध विदेशी नशा किंग पैडलर और हाई प्रोफाइल लोगों से रहा है। अब सबकी नजरें इसी बात पर टिकी हुई हैं कि लाल डायरी के पन्ने में लिखे नामों को कब पुलिस आमने-सामने बिठाकर उनसे कोकीन का काला सच और उस नशे को लेकर वह कहां-कहां अपनी रातें रंगीन करते रहे हैं उसका सच पता करेगी।
उत्तराखंड की राजधानी में युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले नशा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोभाल ने जिस आक्रामक अभियान की शुरुआत की है, उसके परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। दून पुलिस की लगातार कार्रवाई ने न केवल विदेशी पैडलरों के नेटवर्क को झटका दिया है, बल्कि उस कथित नशा तंत्र की परतें भी उधेड़नी शुरू कर दी हैं, जो लंबे समय से राजधानी में कोकीन जैसे महंगे नशे की सप्लाई कर रहा था। राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट द्वारा हाल ही में विदेशी महिला पैडलरों के कब्जे से कोकीन बरामद करने के बाद जांच की कड़ियां दिल्ली तक पहुंचीं। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली में दबिश देकर उस कथित मुख्य सप्लायर को भी हिरासत में लिया, जिस पर राजधानी देहरादून में हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक नशा पहुंचाने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान एक लाल रंग की डायरी भी बरामद हुई है, जिसने जांच एजेंसियों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि डायरी में कई मोबाइल नंबर, नाम और संपर्क विवरण दर्ज हैं। राजपुर पुलिस अब इन जानकारियों का सत्यापन कर रही हैं। यदि यह विवरण सही पाए जाते हैं तो राजधानी में संचालित नशा नेटवर्क के कई अहम चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
क्या हाई-प्रोफाइल नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच?
जांच के शुरुआती चरण में यह आशंका जताई जा रही है कि कोकीन जैसे महंगे नशे की मांग केवल सामान्य स्तर तक सीमित नहीं थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के ग्राहक कौन थे, सप्लाई चेन कैसे संचालित होती थी और नशे का पैसा किन माध्यमों से घूम रहा था। सूत्रों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं यह नेटवर्क राजधानी के छात्र वर्ग को निशाना बनाकर उन्हें नशे की गिरफ्त में तो नहीं धकेल रहा था। विदेशी नशा किंग पैडलर ने जिन हाई प्रोफाइल और सफेदपोशों को कोकीन सप्लाई करने का दौर शुरू कर रखा था वह सब इस नशे को लेकर अपनी रातें रंगीन किया करते थे।
डोबाल के चक्रव्यूह में फसेंगे रंगमिजाज रईसजादे
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने जिले में नशे के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाया हुआ है। ऑपरेशन प्रहार और अन्य विशेष अभियानों के तहत पुलिस लगातार नशा तस्करों, सप्लायरों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। इसी रणनीति का परिणाम है कि अब जांच केवल पैडलरों तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कप्तान ने उस लाल डायरी के पन्ने पलटने शुरू कर दिये हैं जिनमें विदेशी नशा किंग पैडलर ने हाई प्रोफाइल और सफेदपोशों के नाम और नम्बर लिखे हुये थे। कप्तान यह खंगालेंगे कि विदेशी नशा किंग से उनके कब से सम्बन्ध हैं और वह कब से कोकीन का नशा कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। बरामद डायरी, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की पूरी संरचना खंगाली जा रही है। यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव है।
