डिनर डिप्लोमेसी ने दिए 2027 के बड़े संकेत
धुरंधर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडे हैं सांसद
देहरादून। उत्तराखण्ड की सियासत में अब युवा मुुख्यमंत्री राजनीति के वो चाणक्य बन गये हैं जो हारी हुई बाजी भी जीतने का हुनर रखते हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के उत्तराखण्ड आने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को अपने यहां डिनर देकर यह संदेश दे दिया था कि भाजपा एक है और सभी एक साथ आकर 2027 के चुनावी रण को विजय बनाने के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री की डिनर डिप्लोमेसी ने उन अफवाहबाजों को धूल चटा दी जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने से पहले एक बडी साजिश का खेल खेलकर यह दिखाना चाहते थे कि राज्य की भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं है? मुख्यमंत्री ने भाजपा की पिच पर मजबूत बैटिंग करने के लिए जो शॉट लगाया उससे उन साजिशकर्ताओं की रणनीति टॉय-टॉय फिस्स हो गई जो चौसर पर शातिर चाल चलने का ख्वाब पाल रहे थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने सभी सांसदों ने एक साथ हुंकार लगा दी है कि मुख्यमंत्री की अगुवाई में होने वाले विधानसभा चुनाव में सब एक साथ आकर राज्य में तीसरी बार बडे बहुमत से सरकार बनायेंगे।
उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ऐसी बैटिंग कर रहे हैं, जिसने विरोधियों की रणनीति को असहज और समर्थकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। अपने चार वर्षीय कार्यकाल में धामी ने कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने उन्हें केवल सरकार के मुखिया तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भाजपा के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में शामिल कर दिया है। यही कारण है कि प्रदेश की राजनीति में आज हर चर्चा के केंद्र में धामी और उनका नेतृत्व दिखाई दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी.एल. संतोष के प्रस्तावित देहरादून दौरे की है। लेकिन उससे पहले ही भाजपा ने जिस प्रकार डिनर डिप्लोमेसी के जरिए अपने सभी बड़े नेताओं और क्षत्रपों को एक मंच पर खड़ा किया, उसने कई राजनीतिक संदेश एक साथ दे दिए हैं।
पार्टी के भीतर लंबे समय से जिन नेताओं के अलग-अलग शक्ति केंद्र माने जाते थे, वे अब एकजुट दिखाई दे रहे हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की तस्वीर भी इस दौरान खुलकर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली और राष्ट्रीय नेतृत्व का उन पर बढ़ता विश्वास भी इस एकजुटता का बड़ा कारण माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिल रही सराहना ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को नई ऊंचाई दी है। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भाजपा आगामी चुनाव में विकास, सुशासन और संगठनात्मक मजबूती के दम पर जनता के बीच जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने यदि इसी तरह संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखी तो वर्ष 2027 का चुनाव उसके लिए अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। दूसरी ओर विपक्ष अभी तक ऐसा कोई प्रभावी मुद्दा या नेतृत्व प्रस्तुत नहीं कर पाया है, जो भाजपा की इस बढ़त को चुनौती दे सके। उत्तराखंड की राजनीतिक पिच पर फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बल्ला मजबूती से चल रहा है। उनके फैसले चर्चा में हैं, संगठन उनके साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर है। ऐसे में 2027 के रण से पहले भाजपा का यह शक्ति प्रदर्शन विपक्ष के लिए एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
