‘बगावत नहीं, सिर्फ विकास’
कर्मठ युवा जननायक पूरे देश फैला रहे राष्ट्र-भक्ति का संदेश
पार्टी के राजनेताओं की फौज बनी ‘जेन-जी’ की मार्गदर्शक
प्रमुुख संवाददाता
देहरादून। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’, इस ध्येय वाक्य को आधार मानकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना शासन चलाया है। प्रधानमंत्री के इसी ध्येय वाक्य का अनुसरण व अनुपालन करते हुए भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों भी अपने राज्य में शासन चला रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के अंदर एक अनूठा व साकारात्मक बदलाव देखने को मिला है और यह बदलाव न सिर्फ पार्टी के लिए अपितु देश के लिए भी सुखद रहा है। एक समय था जब भारतीय जनता पार्टी के अंदर अकसर गुटबाजी और बगावत के सुर सुनाई देते थे और पार्टी के कुछ राजनेता मात्र निजी स्वार्थों को ही तवज्जों देते हुए खुद को पार्टी से हमेशा उपर समझते थे, मोदी और शाह के नेतृत्व ने ऐसे राजनेताओं के तिलिस्म को संभवतः जड़ से ही मिटा दिया है। यहीं कारण है कि आज की भाजपा एक नए नारे के साथ उभरती नजर आ रही है, ‘बगावत नहीं, सिर्फ विकास’। नितिन नवीन, योगी आदित्यनाथ, पुष्कर सिंह धामी, हेमंत विस्वा सरमा, सम्राट चौधरी, मोहन यादव, देवेन्द्र फड़नवीस, सुवेंद्रू अधिकारी, जैसे कुशल राजनेता राजनीति में रूचि रखने वाले युवाओं के आज के समय में रोल मॉडल बने हुए हैं। पार्टी के ऐसे कर्मठ युवा जननायक पूरे देश में पार्टी के विस्तार के साथ राष्ट्र-भक्ति का संदेश फैला रहे हैं। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और युवा राजनेताओं की फौज आज ‘जेन-जी’ की मार्गदर्शक बनी हुई है। भाजपा के इस बदलाव को राष्ट्रवादी विचारधारा के पत्रकार भी देश के भविष्य के संबंध में काफी सुखद मान रहे हैं।
भारतीय राजनीति में आज अगर किसी दल ने खुद को सबसे ज्यादा बदला है तो वह भारतीय जनता पार्टी है। कभी अंदरूनी खींचतान, गुटबाजी और निजी महत्वाकांक्षाओं के आरोपों से घिरने वाली भाजपा अब अनुशासन, राष्ट्रवाद और विकास की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने न सिर्फ अपने संगठन को मजबूत किया, बल्कि उन नेताओं की राजनीतिक जमीन भी खिसका दी जो खुद को पार्टी से बड़ा समझने लगे थे। प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का मंत्र अब सिर्फ मंचों तक सीमित नहीं दिखाई देता, बल्कि भाजपा शासित राज्यों की कार्यशैली में साफ नजर आता है। भाजपा ने अब उस राजनीति को पीछे छोड़ दिया है जिसमें व्यक्तिगत स्वार्थ, गुटबाजी और कुर्सी की लड़ाई हावी रहती थी। पार्टी के भीतर अब वही चेहरा आगे बढ़ रहा है जो जमीन पर काम करता है, जनता के बीच रहता है और राष्ट्रवाद के एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाता है।
एक समय ऐसा था जब कुछ नेता अपने राजनीतिक कद के दम पर संगठन को चुनौती देने का प्रयास करते थे, लेकिन मोदी-शाह की रणनीति ने ऐसे तमाम राजनीतिक भ्रमों को लगभग खत्म कर दिया। भाजपा ने साफ संदेश दे दिया कि पार्टी में अब व्यक्ति नहीं, संगठन सबसे बड़ा होगा। यही कारण है कि आज भाजपा का पूरा ढांचा “अनुशासन और विकास” के मॉडल पर चलता दिखाई दे रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में भाजपा के युवा और आक्रामक चेहरे आज नई राजनीति की पहचान बन चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब केवल चुनाव जीतने वाली पार्टी नहीं रह गई, बल्कि राष्ट्रवाद और विकास के एजेंडे पर चलने वाला एक विशाल राजनीतिक संगठन बन चुकी है। पार्टी के युवा नेता सोशल मीडिया से लेकर गांव की चौपाल तक राष्ट्रभक्ति, विकास और मजबूत शासन का संदेश फैला रहे हैं। यही वजह है कि आज ‘जेन-जी’ का बड़ा वर्ग भाजपा के नेताओं को अपना रोल मॉडल मानने लगा है। भाजपा ने राजनीति में “परिवारवाद बनाम परफॉर्मेंस” की नई बहस भी खड़ी कर दी है। पार्टी के भीतर अब टिकट और पद से ज्यादा महत्व प्रदर्शन और संगठन के प्रति समर्पण को दिया जा रहा है। यही कारण है कि भाजपा में लगातार ऐसे युवा चेहरे उभर रहे हैं जो अपने दम पर राजनीति में पहचान बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, असम, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक भाजपा के मुख्यमंत्री और युवा नेता जिस तेजी से फैसले लेते दिखाई दे रहे हैं, उसने विपक्षी दलों की बेचौनी भी बढ़ा दी है। भाजपा अब सिर्फ सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि “राष्ट्र पहले” की विचारधारा को लेकर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े पत्रकार और राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि भाजपा के भीतर आया यह बदलाव आने वाले समय में भारतीय राजनीति की दिशा तय कर सकता है। पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि अब राजनीति का केंद्र बिंदु व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि विकास, राष्ट्रवाद और मजबूत नेतृत्व होगा। देश की राजनीति में बदलते माहौल के बीच भाजपा का नया चेहरा अब पूरी ताकत के साथ एक ही संदेश देता दिखाई दे रहा है। “जो विकास के साथ चलेगा वही आगे बढ़ेगा, बगावत करने वालों के लिए नई भाजपा में अब कोई जगह नहीं।”
