कमिश्नर और आईजी गढवाल जमीनों के शैतानों पर चलाते डंडा
पुलिस मुख्यालय भूमाफियाओं पर नकेल लगाने में रहा नाकाम!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में भूमाफियाओं का एक लम्बे दशक से वर्चस्व चला आ रहा है और वह खाली पडी जमीनों को कब्जा करने के खेल में जिस तरह से माहिर हो चुके थे उससे आम जनमानस के मन में एक बात उभरती रही कि आखिरकार इसी तरह से भूमाफिया उनकी जीवनभर की कमाई से खरीदी गई जमीनों पर कब्जा करते रहेंगे तो फिर राज्य में कानून का राज कहां रहेगा? उत्तराखण्ड के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने भूमाफियाओं की नाक में नकेल डालने के लिए कभी कोई पहल नहीं की जिसके चलते भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते चले गये कि वह लोगों की जमीनों के फर्जी कागजात बनाकर उन पर कब्जा करते चले गये थे। अब चार साल से राज्य के अन्दर मुख्यमंत्री ने भूमाफियाओं पर प्रहार तो किया लेकिन पुलिस मुख्यालय ने कभी भूमाफियाओं की नाक में नकेल डालने के लिए कोई ऑपरेशन नहीं चलाया जिससे उनमें खौफ पैदा हो सके। मुख्यमंत्री ने भूमाफियाओं पर नकेल लगाने के लिए गढवाल कमिश्नर के नेतृत्व में लैंड फ्रॉड कमेटी का गठन किया और उसके बाद कमिश्नर और गढवाल आईजी ने भूमाफियाओं की नाक में नकेल डालने के लिए अपने कदम आगे बढाये तो उससे भूमाफियाओं में खलबली मची हुई है। मुख्यमंत्री ने भूमाफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार शुरू कर रखा है और उससे अब यह साफ नजर आ रहा है कि जमीनों कोे कब्जाने वाले शैतानों की अब शामत आ गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जैसे ही इस बात का इल्म हुआ कि गढवाल रेंज में लैंड फ्रॉड के मामले तेजी के साथ बढ रहे हैं और भूमाफिया आम जनमानस की जमीनों पर कब्जा करने का शैतानी खेल, खेल रहे हैं तो उन्होंने गढवाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढवाल राजीव स्वरूप के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया और लैंड फ्रॉड के मामलों की समीक्षा कर भूमाफियाओं पर प्रहार करने का खुला आदेश दिया है। कमिश्नर और आईजी ने चंद दिन पूर्व हुई बैठक में साफ कर दिया कि अब जमीनों पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। इसके साथ ही दो दर्जन से अधिक मामलों में मुकदमा कायम करने के आदेश दिये गये जिसके बाद उन पर अब मुकदमें कायम होंगे और इसकी समीक्षा आईजी गढवाल राजीव स्वरूप करेंगे। हैरानी वाली बात है कि पुलिस मुख्यालय ने भूमाफियाओं पर नकेल लगाने के लिए क्यों ऐसा सख्त कदम नहीं उठाया जिसके चलते लैंड फ्रॉड के मामलों के लिए गढवाल कमिश्नर के नेतृत्व में टीम का गठन कर भूमाफियाओं पर बडा प्रहार करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बडा कदम उठाया है।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जैसे ही भू-कानून के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें कई सिफारिश की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट का अध्ययन कर उसे कैबिनेट में रखा जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड मंे सख्त भू-कानून लागू किया जायेगा इसके साथ ही उत्तराखण्ड की जमीन का दुरूपयोग सरकार नहीं होने देगी और न ही सरकार निवेशकों को यहां आने से रोकेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ विजन है कि ऐसे लोगों पर सरकार सख्ती करेगी जो जमीनों की बडी खरीद फरोख्त का खेल ,खेलकर पर्दे के पीछे से इन जमीनों के सहारे बडा खेल खेलते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि राज्य में उद्योगों को लगाने के लिए सरकार एक बडी रणनीति के तहत आगे बढ रही है जिसके चलते बाहर से उद्योगों में पैसा निवेश करने के लिए बडे-बडे उद्योगपति आयेंगे इसलिए उनकी इस राह में सरकार रोडा नहीं बनेगी क्योंकि राज्य के युवाओं को उद्योगों से जोडना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का विजन साफ है कि भू-माफियाओं को जमीनों की खरीद फरोख्त से दूर रखा जाये और राज्य में उद्योगों के लिए निवेश करने वाले उद्योगपतियों के साथ सरकार लचीले मोड पर उनके साथ रहे जिससे राज्य के पहाड और मैदान में उद्योगों का बडा अम्बार खडा हो सके क्योंकि जब तक राज्य में उद्योग नहीं लगेंगे तब तक राज्य का विकास भी रूका रहेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का विजन है कि राज्य के अन्दर धरातल पर बडे-बडे उद्योग स्थापित हों जिससे उत्तराखण्ड की युवा पीढी को रोजगार से जोडा जाये और वह रोजगार के लिए देश के अलग-अलग राज्यों मंे अपने परिवार को अकेला छोडकर न जायें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अन्दर अब भूमाफियाओं पर बडा प्रहार शुरू किया है और उसके लिए गढवाल कमिश्नर और गढवाल आईजी ने जमीनों की धोखाधडी के मामलों पर खुद नजर रखने के लिए अपने कदम आगे बढा दिये हैं और आवाम को सुकून है कि अब भूमाफियाओं पर मुख्यमंत्री का ऑपरेशन प्रहार रंग लायेगा।
