डोबाल के चक्रव्यूह में फंसे एटीएम स्कैमर

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कप्तान के बिछाए जाल में फंसेगा हर अपराधी
देहरादून/विकासनगर। पुलिस कप्तान ने राजधानी को अपराधमुक्त बनाने के लिए जो डोजर तैयार किया है वह यह बता रहा है कि अब राजधानी के अन्दर अपराध करने का ख्वाब देखना भी गुनाह है। पुलिस कप्तान ने जनपद के सभी कोतवाल व थानेदारों को दो टूक अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर किसी इलाके में कोई अपराध हुआ और पुलिस की लापरवाही सामने आई तो उनका एक्शन देखने लायक होगा। पुलिस कप्तान ने जनपद के अन्दर एटीएम स्कैमर को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए कुछ समय पूर्व एक बडा चक्रव्यूह बनाया था और उनके इस बनाये चक्रव्यूह में आखिरकार एटीएम स्कैमर प्रेमनगर पुलिस के जाल में फंस गये जिन्होंने दर्जनों अपराध करने का गुनाह किया था। एटीएम स्कैमर ने जो राज पुलिस के सामने खोले हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि कप्तान के बिछाये जाल में हर वो अपराधी फसेगा जो राजधानी के अन्दर अपराध करने के इरादे से अपनी एंट्री करेगा। विकासनगर में भी बंद घरों में रैकी कर वहां चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गैंग पर पुलिस कप्तान ने अपनी रडार लगाई और उसके बाद गैंग के तीन खलीफा पुलिस की गिरफ्त में आ गये और उनके कब्जे से लाखों की ज्वैलरी, नगदी और वारदात में शामिल मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पुलिस कप्तान ने दो टूक अल्टीमेटम दे दिया है कि राजधानी में अपराध करने का कोई भी अपराधी सपना न देखे नहीं तो उन्हें वो सलीका सिखाया जायेगा कि राजधानी में अपराध करना सबसे बडा गुनाह है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने जबसे पदभार संभाला है तो उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वचन दे रखा है कि राजधानी में अन्दर अपराधी, माफिया और किसी भी गैंग को वह पनपने नहीं देंगे। पुलिस कप्तान ने राजधानी को अपराधमुक्त करने की दिशा में तेजी से अपने कदम आगे बढा रखे हैं और उसी का परिणाम है कि कप्तान के बनाये चक्रव्यूह में अपराधी एक के बाद एक फसते जा रहे हैं। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि गोपनीय सूचना मिली थी कि प्रेमनगर इलाके में एक कार के अन्दर एटीएम स्कैमर देखे गये हैं इस पर झाझरा चौकी प्रभारी अमित शर्मा ने अपनी टीम के साथ चैकिंग अभियान चलाया और उत्तर प्रदेश नम्बर की सफेद रंग की कार को जब संदेह के आधार पर रोका तो उसमें सवार गाजियाबाद निवासी इमरान अली, चाणक्यपुरी दिल्ली निवासी नसीरूद्दीन और गाजियाबाद निवासी मौहम्मद खालिद को दबोचा तो उनके पास से अलग-अलग बैंकों के 66 एटीएम बरामद हुये। पुलिस कप्तान ने बताया कि पूछताछ में गैंग ने कबूल किया कि अलग-अलग एटीएम में जाकर वह पहले एटीएम में आये सीधे-साधे लोगों को टारगेट करते थे जिसके उपरांत उस एटीएम से पैसा न निकलने पर उनकी सहायता करने के बहाने उनका एटीएम पिन देख लेते थे। पुलिस कप्तान ने बताया कि गैंग ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने राजधानी के हर्बटपुर में भी वारदात की थी। पुलिस कप्तान ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में लगभग पच्चीस लाख रूपये से अधिक की धनराशि विभिन्न एटीएम पर विभिन्न लोगों से ठगे जाने की बात कबूली है। उन्होंने बताया कि इस गैंग का सारा इतिहास पता लगाया जा रहा है। वहीं विकासनगर में एक चोरी की घटना के घटित होने के बाद से ही प्रमेंद्र डोबाल ने सख्त रूख अपना रखा था और वहां के कोतवाल को जल्द से जल्द गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का आदेश दिया हुआ था। पुलिस कप्तान के सख्त रूख के चलते आखिरकार पुलिस के बिछाये जाल में तीन शातिर थीफ पुलिस की गिरफ्त में आ गये और उन्हांेने कबूल किया कि पहले बंद घरों की रेकी करते हैं और उसके बाद वह चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। चोरों ने यह भी कबूला कि इलाके में पुलिस की जबरदस्त चैकिंग से डरकर उन्होंने चोरी का माल छुपा दिया था जिस पर पुलिस ने उनके कब्जे से दो लाख की ज्वैलरी और एक लाख सत्तर हजार रूपये बरामद किये तथा उस मोटरसाइकिल को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया जिससे वह वारदात करने आये थे। पुलिस ने इस मामलें में इस्तियाक, अनीश और नफीस को गिरफ्तार किया है और यह तीनों नशे के आदि हैं। पुलिस कप्तान प्रमेेंद्र डोबाल ने दो टूक कहा है कि राजधानी में अपराध करने का किसी ने भी ख्वाब देखा तो उन्हें नेस्तनाबूत कर दिया जायेगा।

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