भाजपा में धुरंधर की ‘धूम’

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मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने वालों को आ रहे गश
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में जब युवा विधायक को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली थी तो किसी को यह यकीन ही नहीं था कि वह सत्ता चलाने में इतने धुरंधर बन जायेंगे कि हर तरफ उनके नाम का डंका बजेगा और वह अपनी स्वच्छ और पारदर्शी शैली से देश के प्रधानमंत्री के सखा और लाडले बन जायेंगे। मुख्यमंत्री ने चार साल में विकास के पथ पर जिस तेजी से राज्य को सवारने का दिलेरी से साहस दिखाया है उससे आज उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि दिल्ली में भी भाजपा की बडी लीडरशिप में धुरंधर धामी की धूम मची हुई है। प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री और रक्षामंत्री भी मुख्यमंत्री को कर्मठ राजनेता का ताज पहना चुके हैं और चंद समय पूर्व देश के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जिस तरह से मुख्यमंत्री की धाकड़ शैली पर उनकी पीठ थपथपाई उससे भाजपा के उन नेताओं के सपने चूरचूर हो चले हैं जो खुली आंखों से मुख्यमंत्री बनने का सपना मन में पाले हुये थे? देश के प्रधानमंत्री विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री को कर्मठ बताकर यह संदेश दे गये कि विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में होगा तो उससे वो राजनेता गश खाये हुये हैं जो तांत्रिकों और महापंडितों से अपने आपको शीर्ष कुर्सी पर आसीन कराने के एजेंडे पर काम कर रहे थे?
उत्तराखण्ड में चार साल का रिपोर्ट कार्ड देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री देख चुके हैं और वह इस बात का भी आंकलन करवा चुके हैं कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में क्या मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव हुये तो भाजपा को फतेह मिलेगी या नहीं? राजनीतिक पंडितों का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने अपना आंतरिक सर्वे कराने के बाद यह मान लिया है कि विधानासभा चुनाव पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में होगा तो भाजपा को तीसरी बार राज्य में सरकार बनाने का तोहफा राज्य की जनता देगी? आवाम के दिलों को भापकर ही भाजपा की बडी लीडरशिप ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 2027 का चुनावी रण जीतने का एक बार फिर टास्क सौंप दिया है। मुख्यमंत्री को टास्क सौंपे जाने के बाद ही मुख्यमंत्री की टीम में पांच और कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया गया और दर्जनों नेताओं को दायित्वधारी का ताज पहना कर उन्हें राज्य के अन्दर डबल इंजन सरकार में हो रहे शानदार विकास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मैदान में उतार दिया है।
वहीं उत्तराखण्ड में भाजपा के चंद राजनेता प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाने के लिए खुद भी पर्दे के पीछे से कोई न कोई साज का तार छेड देते हैं जिसके चलते मीडिया उस तार को छेड-छेडकर राजनीति मंे बिना बात के कयासबाजी में जुट जाती है और ऐसा दर्शाया जाता है मानो भाजपा हाईकमान ने किसी राजनेता को अपने पास बुलाकर कौन सा ऐसा सिक्रेट प्लान समझा दिया जिससे राज्य की राजनीति में एक हलचल मच जायेगी? मुख्यमंत्री के खिलाफ जब भी कभी साजिशों का भोपू बजता है तो वह भोपू कुछ समय बाद ही खामोश हो जाता है क्योंकि भाजपा की बडी लीडरशिप मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को दिल्ली बुलाकर उन्हें राज्य के विकास के लिए बडी-बडी योजनायें तोहफे के रूप में यह संदेश दे दी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ सरकार चलाने में धुरंधर साबित हो रहे हैं और राज्य के अन्दर उनका राजनीतिक ग्राफ जिस ऊंचाई पर आज पहुंच रखा है उसकी कल्पना करना भी असम्भव है।
उत्तराखण्ड में राजनीतिक पंडित भी मानते हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पार्टी के बडे-बडे राजनेताओं के सामने एक बडी लकीर खींच दी है उसे पार करना अब उन भाजपा नेताओं के बस में नहीं है जो एक लम्बे दशक से राज्य के अन्दर मुख्यमंत्री बनने के लिए उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक में उछलकूद मचाने के मास्टर रहे हैं? मुख्यमंत्री की कार्यशैली से जब भाजपा हाईकमान राज्य के तमाम नेताओं से आंकलन करते हैं तो उन्हें हर बार यही अहसास होता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आवाम की नब्ज पर अपना राज जमा चुके हैं और उन्हें इस बात का इल्म है कि किस तरह से उनके दिलो ंको जीता जा सकता है।

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