चार साल की सत्ता से धुरंधर धामी पर जनविश्वास

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राजनीति में इतनी लम्बी लकीर खींच दी है कि उसकी कल्पना करना भी असम्भव है। मुख्यमंत्री ने मात्र चार साल के भीतर राज्य की जनता के मन में जो अपने नाम की अलख जगाई है उसी का परिणाम है कि राज्य में धुरंधर धामी पर जनविश्वास का जो आशीर्वाद बना हुआ है उससे मुख्यमंत्री को प्रबल सम्भावना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता डबल इंजन सरकार के विकास पर ही मोहर लगाकर उत्तराखण्ड के अन्दर फिर भाजपा की सरकार बनायेगी। बच्चे से लेकर बडे बूढे तक मुख्यमंत्री को अपना परिवार मान रहे हैं और मुख्यमंत्री ने भी राज्यवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए उन्हें अपना परिवार माना हुआ है। आज उत्तराखण्ड के सभी जनपदों में मुख्यमंत्री का जो राजनीतिक इकबाल बुलंद हो रखा है उसने विपक्ष की नींद उडाई हुई है और उसे समझ ही नहीं आ रहा है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को धराशाई करने के लिए किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाये।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने के लिए जो संकल्प 2022 के विधानसभा चुनाव मंे आवाम के सामने लिया था उसे पूरा करने के लिए वह चार सालों से उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को पॉवरफुल करते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री को देश के प्रधानमंत्री और उनकी टीम द्वारा बडी-बडी विकास योजनायें देकर उनके उत्तराखण्ड को एक नई दिशा में आगे ले जाने का जो रास्ता दिखाया है उसके चलते आज उत्तराखण्ड देश के अन्दर पर्यटन, धर्माटन और सभी क्षेत्रों में अपनी एक नई उडान उडने में सफलता की ऊचाई को छू चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने जहां राज्य के अन्दर मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बडे विजन के साथ काम किया तो वहीं उन्हांेने युवा पीढी को भी सरकारी नौकरियों का तोहफा देकर उनकी बल्ले-बल्ले कर रखी है। चार साल में राज्य की जनता का मुख्यमंत्री के प्रति दिखाई दे रहा जनविश्वास यह बता रहा है कि राज्य के लोग मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी की स्वच्छ और पारदर्शी राजनीति के कितने दीवाने हो चुके हैं।
उत्तराखण्ड में डबल इंजन सरकार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल से राज्य की जनता इतनी आक्रोशित हो गई थी कि उसने भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया था और राज्यवासियों के इस मन को भापकर कांग्रेस के बडे नेता कभी भी इन पूर्व मुख्यमंत्रियों के भ्रष्टाचार, घोटाले व हैरान करने वाले बयानों पर कभी भी आक्रमक नहीं होते थे लेकिन जैसे ही सत्ता की कमान भाजपा हाईकमान ने पुष्कर सिंह धामी के हाथों में दी तो उन्होंने अपने अब तक के कार्यकाल में जिस तेजी के साथ राज्यवासियों का दिल जीतने का मिशन शुरू किया उसमें वह सफल होते चले गये। कुमांऊ से आने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म था कि अगर उन्होंने सिर्फ खुद को कुमांऊ का ही नेता समझा तो उससे समूचे गढवाल नाराज हो जायेगा इसी के चलते उन्होंने अपने शासनकाल में गढवाल व कुमांऊ की खटास को खत्म किया और दोनो मण्डलों में विकास योजनाओं को हरी झंडी दी तो उससे धामी पर जनविश्वास बढने लगा और यह जनविश्वास राज्य में होने वाले हर चुनाव में देखने को मिल रहा है। धामी को जिस तरह से आम जनमानस अपना खुला आशीर्वाद दे रहा है उसके चलते देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी यह जान चुके हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसंह धामी बेदाग होकर सरकार चला रहे हैं। उत्तराखंड में हुये हर चुनाव के संग्राम में भारतीय जनता पार्टी, धामी सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता जर्नादन के बीच जा रही है।
युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड राज्य विकास की नयी इबारत लिख रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य,इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर स्वरोजगार सहित तमाम क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हो रहे है। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी युवाओं से खुलकर बात कर रहे है तथा स्वरोजगार योजना पर उनसे जानकारी भी हासिल कर रहे है, जिससे युवा भी अपने को आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे है। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी की बढती लोकप्रियता से यही लगता है कि 2027 में एक बार फिर उत्तराखंड पूरी तरह से भगवामय होने जा रहा है?

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