धुरंधर का दृढ़ संकल्प माफियाओं पर भारी

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धामी के नशामुक्त ऑपरेशन को पंख लगाती रिद्धिम
नैनीताल। उत्तराखण्ड में नशे के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम अब अपने सबसे सख्त और निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। यह केवल कानून-व्यवस्था की कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज को बचाने की एक व्यापक लड़ाई बन चुकी है, जिसमें कुमायूँ पुलिस लगातार आक्रामक रुख अपनाते हुए नशे के हर उस नेटवर्क को निशाने पर ले रही है, जो युवाओं के भविष्य को खोखला कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखण्डÓ संकल्प को अब जमीनी स्तर पर कठोरता से लागू किया जा रहा है। इस विजन को साकार करने की जिम्मेदारी जब पुलिस नेतृत्व ने पूरी गंभीरता से संभाली, तो उसके परिणाम अब साफ दिखाई देने लगे हैं। पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल के नेतृत्व में कुमायूँ पुलिस ने नशे के खिलाफ ऐसा आक्रामक अभियान छेड़ा है, जिसने ड्रग माफिया की कमर तोडऩे का काम किया है। हर जिले में लगातार छापेमारी, खुफिया इनपुट्स पर त्वरित कार्रवाई और संयुक्त ऑपरेशन के माध्यम से इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचा जा रहा है। बीती देर रात इसी रणनीति के तहत स्पेशल ऑपरेशन टास्क फ ोर्स और औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने कोतवाली बनभूलपुरा क्षेत्र में एक सुनियोजित और सटीक ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अब पुलिस केवल सतर्क नहीं, बल्कि पूरी तरह से आक्रामक मोड में काम कर रही है।
कुमायूँ पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान किसी एक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में इसे और व्यापक बनाते हुए हर जनपद में नशे के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि इस जहर को समाज से पूरी तरह खत्म किया जा सके। ‘जब नेतृत्व मजबूत हो, तो बदलाव तय होता हैÓ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदृष्टि और आईजी रिधिम अग्रवाल की सख्त कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि उत्तराखण्ड अब नशे के खिलाफ निर्णायक जीत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का धंधा
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में स्थित श्री श्याम मेडिकल स्टोर पर हुई इस छापेमारी ने नशे के अवैध नेटवर्क की गहराई को उजागर कर दिया। संचालक हिमांशु वाष्र्णेय को अवैध नशीली दवाइयों के साथ पकड़ा गया, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के रखी गई थीं। बरामद दवाइयों में 2० ब्यूप्रेनोर्फि न आईपी इंजेक्शन, 113 ट्रामाडोल कैप्सूल, 36० अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन करते हुए स्टॉक की गई थीं।

कानून का शिकंजा मेडिकल स्टोर सीज
ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा ड्रग एक्ट के नियम 65 के उल्लंघन में तत्काल प्रभाव से मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया गया है। संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। यह कार्रवाई सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे नशा तंत्र के लिए चेतावनी है अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

जनता का समर्थन, पुलिस का हौसला नशे के खिलाफ जंग और तेज
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने कुमायूँ पुलिस की खुलकर सराहना की। आमजन ने इसे एक साहसिक और जरूरी कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि ऐसी कार्रवाइयों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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