धुरंधर का भ्रष्टाचारियों के खिलाफ चलता युद्ध

0
52

धामी की नजर में हर ‘भ्रष्टाचारी शैतान’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड बनने के बाद किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य को दीमक की तरह चाट रहे भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों के खिलाफ शिकंजा कसने की दिशा मंे कोई काम नही किया जिसके चलते भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोर राज्य की जनता के लिए नासूर बनते चले गये। तेइस सालों तक राज्य की जनता भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों से अपने आपको आजाद होने के लिए तड़फते रहे लेकिन कभी भी उन्हें भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों से आजादी दिलाने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ लेकिन जब राज्य की कमान युवा मुख्यमंत्री के हाथों में आई तो उन्होंने भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों की नाक में नकेल डालने के लिए वो रणनीति बनाई जिससे बाहर आना किसी भी भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज के लिए आसान नहीं था। सीएम ने भ्रष्टाचारी शैतानों को अपने चक्रव्यूह में फंसाने के लिए जो अभेद जाल बुना था उसमें एक-एक भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोर फंसता चला गया जिसके चलते भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरांे को जेल की सलाखें मिली हुई हैं और राज्य के इतिहास में धामी राज ही ऐसा दिखा जिसने मात्र चार साल के भीतर इतने भ्रष्टाचारी और घोटालेबाजों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जितने तेइस साल में भी जेल की सलाखों के पीछे नहीं पहुंच पाये थे।
उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री को भाजपा की बडी लीडरशिप के चंद बडे नेताओं ने फायर और फलावर सीएम का ताज पहना दिया था। राजनाथ सिंह ने तो उत्तराखण्ड में हुये विधानसभा चुनाव में हर जगह जनसभाओं में ऐलान किया था कि उत्तराखण्ड के धाकड़ मुख्यमंत्री आवाम के लिए फलावर हैं तो वहीं अपराधियों, भ्रष्टाचारियों, माफियाओं के लिए से वह फायर हैं। अपनी बडी लीडरशिप की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले राज्यवासियों को भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों से आजादी दिलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये और उन्होंने भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों को अपने जाल में फंसाने के लिए ऐसा चक्रव्यूह रचा कि एक-एक भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज जेल की सलाखों के पीछे पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक संदेश दे रखा है कि राज्य के अन्दर एक-एक भ्रष्टाचारी उन्हें शैतान के रूप में नजर आता है और इन शैतानों की जगह खुले मे नहीं बल्कि जेल की सलाखों के पीछे ही रहेगी। मुख्यमंत्री के शासनकाल में भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों की जिस तरह से शामत आ रखी है उससे राज्यवासी काफी गदगद हैं कि मुख्यमंत्री के सख्त रूख के चलते आज हर उस विभाग के भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी को सलाखें मिल रही हैं जो उन्हें अपना शिकार बनाने के लिए दहाडते आ रहे थे।
उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार से आजाद करने के लिए मुख्यमंत्री ने चार साल से बडा संकल्प लिया हुआ है और वह हर उस भ्रष्टाचारी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के ऑपरेशन मे जुटे हुये हैं जो ईमानदार सरकार को धोखा देकर आवाम से भ्रष्टाचार करने का दुसाहस कर रहे हैं। धामी ने भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के ऐसा जाल बुना हुआ है जिसमे हर भ्रष्टाचारी जैसे ही भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए आगे आने का दुसाहस कर रहा है तो वह उस जाल मे फंसता जा रहा है। हैरानी वाली बात है कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त करने का वचन राज्य की जनता को दे रहे हैं। मुख्यमंत्री का साफ अल्टीमेटम है कि राज्य मे छोटे से लेकर बडे तक किसी ने भी भ्रष्टाचार करने का दुसाहस किया तो उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने से कोई नहीं रोक पायेगा। गढवाल व कुमांऊ मे जिस तरह से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बडा ऑपरेशन चलाया जा रहा है उसे देखकर आवाम को मुख्यमंत्री पर अभेद भरोसा हो गया है कि वह राज्य को जल्द से जल्द भ्रष्टाचार से आजादी दिला देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अन्दर संदेश दे रखा है कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कोई छोटा हो या बडा उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। मुख्यमंत्री के शासनकाल में हर वो भ्रष्टाचारी रडार पर है जो आम जनमानस को धोखा देने का प्रपंच रच रहा है। मुख्यमंत्री को राज्य की जनता इसलिए भी पसंद कर रही है कि वह जो संकल्प लेते हैं उसे पूरा किये बगैर वह चैन से नहीं बैठते। आम जनमानस को यह भरोसा हो चला है कि जब चार साल के अन्दर सैकडों भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं तो फिर उनकी लम्बी राजनीतिक पारी में एक-एक भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोर सलाखों के पीछे होगा इसमें कोई शंका नहीं है। मुख्यमंत्री को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसलिए भी अपना लाडला और सखा मान रहे हैं क्योंिक युवा मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचारमुक्त भारत के संकल्प में आहूति देने केे लिए उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोरों से आवाम को आजादी दिलाने के लिए उनके खिलाफ खुला युद्ध छेड रखा है।

LEAVE A REPLY