गुंडाराज का खात्मा कर रहे धामी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने चार साल का शानदार कार्यकाल पूरा करने के बाद एक बार फिर अपराधियों को अपनी रडार पर सख्ती से लेने के लिए अपना तीसरा नेत्र खोल दिया है और उनका तीसरा नेत्र खुलते ही अपराधियों की शामत आ गई है। उत्तराखण्ड के किसी भी जनपद में गुंडाराज बर्दाश्त नहीं किया जायेगा यह हुंकार धुरंधर धामी ने फिर लगा दी है। काफी समय से अपराधियों के खिलाफ हुंकारने के लिए मुख्यमंत्री आगे नहीं आये। वहीं उत्तराखण्ड में हुये चंद अपराधों के बाद उन्होंने गुंडाराज को खत्म करने का खुला अल्टीमेटम दे दिया है और दो टूक कहा है कि राज्य के अन्दर गुंडाराज का शत-प्रतिशत खात्मा करना उनका पहला विजन है और राज्यवासियों को अपराधजगत से आजादी दिलाने के लिए उन्होंने फिर अपना धनुष बाण उठा लिया है। मुख्यमंत्री के विकराल रूप को देखकर अब जेलों से बाहर और जेलों के अन्दर मौजूद अपराधियों में दहशत बनी हुई है कि अगर उन्होंने जरा सा भी कोई अपराध किया तो उन्हें इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा।
उत्तराखण्ड मे हमेशा गृह विभाग की कमान मुख्यमंत्री के हाथों मे ही रही है लेकिन इसके बावजूद भी राज्य बनने के बाद अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने उत्तराखण्ड के अन्दर अपने गैंग चला रहे कुख्यातों पर नकेल लगाने का कोई जज्बा नहीं दिखाया था जिसके चलते अंडरवर्ल्ड, कुछ राज्यों के कुख्यातों ने उत्तराखण्ड को अपनी अपराध और शरणस्थली बना रखा था। सबसे आश्चर्यचकित पहलू तो यह था कि कुछ जेलो मे बंद कुख्यात बदमाश वहीं से अपने गैंग चलाते थे और किसकी शह पर वह जेल की बेरिकों से ही मोबाइल फोन चलाकर उद्यमियों को धमकियां देने के साथ ही हत्या करने तक के लिए अपने गैंग के सदस्यों को फरमान जारी करते थे। उत्तराखण्ड के अन्दर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के काफी बदमाशों का हमेशा दबदबा और आतंक देखने को मिलता रहा है और उन्हांेने एक दौर मे कुछ जिलों मे कीमती जमीनों पर अपना डर दिखाकर उन पर कब्जा करने का जो दुसाहस किया था उसकी गूंज अकसर सुनने को मिलती रहती थी?
उत्तराखण्ड का जबसे मुख्यमंत्री का पदभार युवा राजनेता पुष्कर सिंह धामी को मिला है तो उन्हांेने दिलेरी के साथ सरकार चलाने का जज्बा दिखाया है और वह आवाम से किये गये हर संकल्प को धरातल पर उतारने मे कभी भी देरी नहीं करते यह किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने अपने धाकड़पन से राज्य के अन्दर धार्मिक उन्माद फैलाने वालों की नाक में जिस सख्ती के साथ नकेल डाली थी उसके चलते अब राज्य के किसी भी जनपद में धार्मिक उन्माद फैलाने का कोई दुसाहस करने के लिए आगे नहीं बढ़ा क्योंकि उन्हें इस बात का इल्म है कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो वर्षों उन्हें जेल की सलाखों के पीछे सडना पडेगा।
मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालने के बाद निडर होकर सरकार चलाने का जो दृश्य आवाम के सामने पेश किया उसी के चलते उत्तराखण्ड की जनता उन्हें राज्य का रक्षक मानकर उन पर अभेद भरोसा करती आ रही है। आवाम को मुख्यमंत्री से आशा है कि वह राज्य को अपराधमुक्त करने की दिशा मे कोई कसर नही ंछोडेंगे जिसके चलते पिछले एक दशक से अपराधियों के दिखाये डर मे जी रहा आवाम खुली हवा मे सांस लेकर अपने आपको इनसे आजाद पायेगा। मुख्यमंत्री ने संकल्प ले रखा है कि उत्तराखण्ड को अपराध और नशामुक्त कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री के इस संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य पुलिस काम करती हुई दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त करने का संकल्प लिया हुआ है और अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर उन्होंने एक बार फिर अपराधियों को दहाड़ा है कि अगर उन्होंने अपराध करने का सपना भी देखा तो उन्हें इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा। उत्तराखण्डवासियों का मानना है कि धुरंधर राज में एक बार फिर अपराधियों की शामत आ गई है क्योंकि राज्य के हर उस जनपद से धामी ने गुंडाराज का खात्मा करने की दिशा में अपने कदम आगे बढा दिये हैं जहां अपराधी अपराध करके वहां के लोगों के मन में एक बडा डर पैदा करने का दुसाहस करने को आगे बढ़ रहे थे।
