कोटद्वार अस्पताल की दुर्दशा पर खोला मोर्चा

0
44

ऋतु खण्डूरी के खिलाफ दहाड़ा संघ
स्वास्थ्य सेवाओं को धनसिंह ने डुबा दिया
बेरोजगार संघ ने दी घेराव की चेतावनी
नगर संवाददाता
देहरादून/कोटद्वार। बेस अस्पताल में वर्तमान में कई पद खाली चल रहे हैं जिसके चलते मरीजों को खास परेशानी का सामना करना पड़ता है इसी को देखते हुए बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कोटद्वार के युवाओं के साथ बेस अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए स्थानीय विधायक रितु खंडूरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बेरोजगार संघ ने तो पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को भी दहाड़ते हुए ललकारा कि उन्होंने तो स्वास्थ्य सेवाओं को अपने शासनकाल में डूबा ही दिया था और अब उन्हें नये स्वास्थ्य मंत्री से कुछ उम्मीद है अगर स्वास्थ्य सेवायें बेहतर न हुई तो बडा घेराव किया जायेगा। कोटद्वार सरकारी अस्पताल की दुर्दशा पर स्थानीय लोगों के साथ ही साथ उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने मोर्चा खोलते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर धरना दिया और चेतावनी दी है कि जल्द ही अस्पताल में सुविधाएं व डाक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई तो बड़ा घेराव किया जाएगा।
इस दौरान उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा है कि सबसे बड़ा अस्पताल है और अंदर जाएंगे तो वहां पर डाक्टर ही नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या यह पर्यटकों को लुभाने के लिए है और बिल्डिंग कितनी सुंदर है। उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल के अंदर डॉक्टर नहीं होंगें तो वहां के लोग कैसे रहेंगे। उन्होंने कहा कि आप मशीनें नहीं दोगे, एक्सरे मशीन नहीं है। लोगों के कई दिनों बाद यहां नंबर आ रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में व्यवस्था नहीं दोगे तो यहां का जन मानस परेशान तो रहेगा ही। उन्होंने कहा कि हमने कई आरटीआई लगाए है और हर तीन महीने व दो महीने में आरटीआई लगाते रहते है कि क्या सच्चाई है। कंडवाल ने कहा है कि यहां की हालत ऐसी है कि एक भी चिकित्साधिकारी आईसीयू में नहीं है। उन्होंने कहा कि फिजिशियन आईसीयू में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप देखेंगे की तीन प्रमुख फिजिशियन है और एक ही है और बाल रोग विशेषज्ञ छह में से एक है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मनोरोग विशेषज्ञ नहीं है। ईएनटी सर्जन एक है। उन्होंने कहा कि तमाम पद रिक्त है तो इतने बड़े अस्पताल में डाक्टरों की नियुक्ति सरकार क्यों नहीं कर रही है और आज कोटद्वार में शाम के समय या रात के समय आओगे तो डाक्टर मरीज को रेफर लिख देता है। उन्होंने कहा कि यहां से जाते है तो हिमालयन अस्पताल पहंुचते पहंुचते कई कोटद्वार के लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। उन्होंने कहा कि तो भाई साहब क्या कोटद्वार के लोग अपनी जान गंवाने के लिए इस अस्पताल में आ रहे है।
उन्होंने कहा कि तो यहां पर व्यवस्थाएं क्यों ठीक नहीं कर रहे है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इतने सालों बाद एक दो डाक्टरों की यहां पर नियुक्ति हुई है लेकिन इसके अलावा इतने रिक्त पद है हम यह नहीं कह रहे है कि दस स्वीकृत पद है वहां पर नौ दे दो। उन्होंने कहा कि पांच तो दे दो चार तो दे दो लेकिन नहीं, लेकिन वहां पर सरकार ने एक या दो डाक्टरों की स्वीकृति की है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार के जनमानस की समस्याओं को देखते हुए आज निर्णय लिया है कि यहां पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और धरने व प्रदर्शन हम सभी कर रहे है। उन्होंने कहा कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आने वाले समय में कोटद्वार की जनता को साथ लेकर बड़ा घेराव व आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक ऋतु भूषण खंडूडी को अपने स्वास्थ्य सचिव से राय लेनी चाहिए थी कि सरकार हास्पिटल में डाक्टरों की नियुक्ति कैसे की जाए या उन्होंने इस बारे में बात ही नहीं की होगी और उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए थी और अगर नहीं की तो सबसे बड़ा सवाल कि लोगों ने सोचा था कि कोटद्वार के अस्पताल में ऋतु खंडूडी डाक्टर देंगी। उन्होंने कहा कि कोटद्वार की जनता परेशान है हताश है। उन्होंने कहा कि पच्चीस साल में बिल्डिंग बनी है। क्षेत्रीय विधायक का साढ़े चार साल पूरे हो गए है लकिन आज भी लोग धरने पर बैठे है। उन्होंने कहा कि लोग खाली मुंह यहां से बाहर निकल रहे है और देहरादून व बिजनौर के चक्कर काट रहे है। उन्होंने कहा कि यह मुददों चार साल पहले भी उठाए है और आठ साल पहले भी उठाए है।
उन्होंने कहा कि कोटद्वार के मुददे लगातार सभी उठाते है और उन्होंने कहा कि मुददे होते है तो उठाते है और इसमें मिर्ची उन लोगों को लग रही होगी जो नहीं चाहते है कि कोटद्वार का अस्पताल बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से मिलकर उन्हें पत्र सौंपेंगे और समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ मरीज ऋतु भूषण खंडूडी के आवास भी गए थे और वहां पर भी उन्होंने यह आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि लेकिन वहां पर भी यह समस्याएं हल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार की जनता की आवाज को सुना नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक है। चार साल नहीं सुना तो अब तो जनता की आवाज सुन लो। उन्होंने कहा कि यहां पर बेहतर सुविधाएं हो और सब कुछ तरीके से हों। उन्होंने कहा कि धनसिंह रावत ने स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से डुबो दिया था, लेकिन अब सुबोध उनियाल को यह दायित्व मिला है क्योंकि नए नए मिले है तो उन्हें कुछ उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आजकल सुबोध उनियाल छापे मार रहे है तो हम चाहते है कि एक छापा कोटद्वार सरकारी चिकित्सालय में भी मारे और यह देखे की यहां पर सरकारी चिकित्सालय में ओपीडी का समय दस बजे से है लेकिन वहां पर कोई डाक्टर बारह बजे बैठता है तो कोई साढे बारह बजे बैठता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जो मरीज साढे आठ बजे से लाइन में लगा है। उसका घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सुबोध उनियाल इस चीज को लेकर छापा मारे और वह डाक्टरों की नियुक्ति को लेकर छापा मारे। यहां पर जो मशीनें है उसको लेकर छापा मारे। उन्होंने कहा कि वह इस तरह का कोई काम करेंगे तो लगता है कि इस चिकित्सालय में कुछ सुधारीकरण होगा। उन्होंने आशंका जताई है कि साढे चार साल में कुछ नहीं कर पाएं तो छह माह क्या कर देंगे ऐसा नहीं लगता है कि कुछ करेंगे। उन्होंने कहा कि ऋतु खंडूडी और भाजपा को अपना काम दिखाना है तो इन्हें काम करने पडेंगे और नियुक्ति नहीं करेंगे तो लगता है यह इनकी क्षमता पर आखिरी कील साबित होगी।

LEAVE A REPLY