अपनों से घिरे पाण्डेय फिर फ्रंटफुट पर

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दोष साबित हुआ तो ले लूंगा सन्यास
अपनी ही सरकार में अरविंद लाचार!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उधमसिंहनगर के गदरपुर से पांच बार के विधायक भले ही अपनों से घिरे हुये नजर आ रहे हों लेकिन वह एक बार फिर सियासत में अपनी धमाकेदार पारी खेलने के लिए फिर फ्रंटफुट पर उस समय नजर आ गये जब उन्होंने पुलिस मुख्यालय में दस्तक देकर डीजीपी को पत्र दिया कि उनके परिवार पर झूठे एवं गलत तथ्यों के आधार पर जो मुकदमा दर्ज किया गया है वह बेबुनियाद एवं गलत है इसलिए वह चाहते हैं कि उनका और उनके परिवार का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाये साथ ही उनका भी पोलियोग्राफ टेस्ट कराया जाये जिन्होंने उनके परिजनों पर मुकदमा दर्ज कराया है। अपनी दबंगता के लिए पहचाने जाने वाले पांडे ने मीडिया से दो टूक कहा कि अगर उन पर या उनके परिवार पर दोष साबित हुआ तो वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे। हैरानी वाली बात है कि अपनी ही सरकार में जिस तरह से विधायक लाचार नजर आ रहे हैं उसको लेकर उत्तराखण्ड की सियासत में एक नई बहस चल गई है कि आखिरकार भाजपा के अन्दर कोई आपसी संग्राम शुरू हो रखा है? विधायक अभी भी इस बात पर अडिग हैं कि जिस किसान ने आत्महत्या की है उसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए क्योंकि ऐसा भी हो सकता है कि किसान ने झूठा आरोप लगाया हो तो फिर कोई पुलिस अधिकारी उसके लिए क्यों दोषी बने और अगर किसान ने सच कहा है तो फिर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही भी होनी चाहिए।
आज सुबह गदरपुर से पांच बार के विधायक अरविंद पाण्डेय पुलिस मुख्यालय पहुंचे जहां उन्हांेने डीजीपी से मुलाकात की और उन्हें सम्बोधित एक पत्र भी सौंपा। डीजीपी को दिये पत्र में कहा गया है कि विगत बीस जनवरी को मेरे परिजनों जय प्रकाश तिवारी (बहनोई) देवानंद पाण्डेय (भाई) किशन पाण्डेय व मोहन पाण्डेय (चचेरे भाई) के विरूद्व थाना बाजपुर में झूठे एवं गलत तथ्यों के आधार पर धारा 318(4), 351(2) भारतीय न्याय संहिता के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या अठारह वर्ष 2026 दर्ज की गई है जो कि बेबुनियाद एवं गलत है। डीजीपी को दिये गये पत्र में कहा गया है कि उक्त रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति एवं जिनके विरूद्व रिपोर्ट दर्ज हुई है। घटना के सम्बन्ध में पॉलीग्राफ टेस्ट व हस्तलेख परिक्षण कराया जाये। यदि शिकायतकर्ता की शिकायत झूठी पाये जाये तो उसके विरूद्व झूठी शिकायत देने के लिए कानूनी कार्यवाही किया जाना न्यायोचित है जिससे पीडित पक्ष को न्याय मिल सके। डीजीपी को दिये पत्र में विधायक ने कहा है कि उनसे अपेक्षा है कि उक्त के क्रम में कानूनी कार्यवाही करें।
विधायक अरविंद पांडे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा है कि पिछले 20 जनवरी को मेरी फैमिली के लोगों के एक 420 का और कूटरचित प्रमाण पत्र बनाकर व कागज बनाकर किसी को जान से मारने की धमकी का ऐसा मुकदमा मेरे परिवार के लोगों पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि तो इसी विषय को लेकर आज वह डीजीपी से मिले और उनकी मात्र इतनी मांग है कि जो मेरी फैमिली के लोगों पर मुकदमा लगा है इस मुकदमें की जांच दोनों पक्षों की जांच, जिन्होंने मुकदमा लगाया है और जिन लोगों पर मुकदमा लगाया है और मुझे भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि मुकदमा लिखाने वाले, मेरी फैमिली का नारकोटिक टेस्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पॉलीग्राफ टेस्ट जल्दी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर फैमिली के लोग दोषी पाए जाते है तो वह जेल जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि एक परसेंट षडयंत्र हो तो यह मेरी फैमिली के लोग क्यों झेले। उन्होंने कहा कि इसलिए नारकोटिक टेस्ट की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सेंट्रल से ही व्यवस्था है कि नेताओं पर लगे मुकदमें की जांच जल्दी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट में सुनवाई जल्दी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डीजीपी से मांग की है कि इस मुकदमें की जांच जल्दी हो जाए और दोनों पक्षों के नारकोटिक टेस्ट हो जाए। उन्होंने कहा कि कौन सही है कौन गलत है। उन्होंने कहा कि पॉलीग्राफ टेस्ट हो जाए की कौन सही है कौन गलत है। उन्होंने कहा कि दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए। यह डीजीपी से मांग की है। उन्होंने कहा कि यह तीस सालों से राजनीतिक पदों में है और लगभग पच्चीस साल विधायक के होने को आ गए है। उन्होंने कहा कि और पांच साल नगरपालिका अध्यक्ष रहे है और तीस साल का राजनैतिक पद है और उन्होंने कहा कि इसका दुरूपयोग किया हो या फैमिली के लोगों ने दुरूपयोग किया हो। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का नारकोटिक टेस्ट हो ताकि दोनों पक्षों का और अभिलेखों की भी जांच होनी चाहिए कि कौन सही है या गलत है इतनी ही मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता ने मुझको मान लिजिए इन्ही सुख दुःखों के लिए जन प्रतिनिधि बनाया है किसी किसान ने आत्महत्या की तो इतनी बात पहले भी कही है और आज भी बोल रहा हूं कि सुखवंत सिंह ने जो बात कही है वह शत प्रतिशत सही व शत प्रतिशत गलत भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच हो जाए और अगर सुखवंत सिंह की बात शत प्रतिशत झूठी पाई जाती है तो कोई अधिकारी कठघरे में क्यों खड़ा हो। मान लिजिए की उसकी बात शत प्रतिशत सही पाई जाती है तो कोई अधिकारी क्यों बचना चाहिए। इसीलिए सीबीआई जांच की मांग की थी और आज भी अपनी मांग पर अडिग है। उन्होंने कहा कि वह हमारे प्रदेश अध्यक्ष है और भाजपा के वह संरक्षक है। उन्होंने कहा कि मैं हूं या मुझसे बड़ा कोई नेता हो या छोटा हो कोई भी हो वह पार्टी की विचारधारा के विपरीत जाता हो तो प्रदेश अध्यक्ष को यह अधिकार है डांटने का, समझाने का व नोटिस देने का अधिकार है। प्रदेश अध्यक्ष ने कुछ बोला है तो अच्छा बोला है। उन्होंने कहा कि उनके वक्तव्य का स्वागत करता हूं।

उत्तराखण्ड में भले ही मौजूदा दौर में सर्द हवाये चल रही हों लेकिन राजनीति का तापमान जिस तरह से गर्मा रखा है उससे उत्तराखण्ड की सियासत में एक नई हलचल मचती हुई नजर आ रही है। सवाल खडे हो रहे हैं कि जबसे गदरपुर के विधायक ने किसान की आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए अपनी आवाज बुलंद की है तबसे अचानक उन पर आरोपों की बौछार लगनी शुरू हो गई है जिसने कई सवालों को जन्म दे दिया है? अरविंद पाण्डेय के समर्थन में जिस तरह से कुछ दिन पूर्व हजारों लोगों का हुजूम उनके आवास पर उमड़ा था उससे साफ नजर आ गया था कि वह अपनी विधानसभा मे कितना बडा रूतबा रखते हैं। विधायक पर जिस दिन से आरोपों की बौछार हो रही है तबसे वह अपने और अपने परिवार पर लगे आरोपों की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग कर रहे हैं। वहीं आज एक बार फिर अरविंद पाण्डेय फ्रंटफुट पर नजर आये जब वह खुद अपने और अपने परिवार पर लगे आरोपों की जांच के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट चाहते हैं और उनका भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग कर गये जिन्होंने उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

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