बारिश-बर्फबारी से थमी रफ्तार

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बारह मार्ग बंद, दो सौ को सुरक्षित निकाले
दीपेन्द्र कलूडा
पुरोला/उत्तरकाशी। कल जिले भर में हुई सीजन की पहली बारिश और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी ने जिले भर में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। एक ओर जहां इस बारिश-बर्फबारी से किसानों और बागवानों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर सड़क, बिजली और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बर्फबारी और मलबा आने से जिले में 12 छोटे-बड़े मार्ग बंद हो गए, जबकि आधे जिले की विद्युत आपूर्ति पिछले 24 घंटों से ठप बनी हुई है।
बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर वाहन और यात्री फंस गए, जिन्हें प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर उनके गंतव्यों की ओर भेजा गया। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, वहीं बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनें लगाई गई हैं।
सीजन की पहली बारिश-बर्फबारी से जिले भर में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राज्य मार्ग और कई ग्रामीण मार्ग प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जिले में वर्तमान में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, दो राज्य मार्ग और पांच ग्रामीण मार्ग सहित कुल सात प्रमुख सड़कें बंद हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर अन्य छोटे मार्ग भी बाधित हुए हैं।
इनमें ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-134 राड़ी टॉप से ओरक्षा बैंड तक तथा ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 गंगनानी से आगे बर्फबारी के कारण बंद हो गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी-लंबगांव, पुरोला, मोरी, उत्तरकाशी, बड़कोट जैसे महत्वपूर्ण मार्ग भी अलग-अलग स्थानों पर अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे यमुना और भागीरथी घाटी का संपर्क प्रभावित हुआ है।

बर्फबारी और मलबा आने से फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बर्फबारी और मलबा आने से फंसे वाहनों और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। उत्तरकाशीदृलंबगांव मोटर मार्ग के चौरंगी क्षेत्र में बर्फबारी के कारण फंसे लोगों को जेसीबी मशीन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान पहले 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि बाद में आठ महिलाओं और बच्चों को मैगी प्वाइंट तक पहुंचाया गया। चौरंगी खाल में पूर्ति विभाग द्वारा सभी फंसे लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
इसी प्रकार बनचौरा, दिवारी खोल और पत्थर खोल के बीच फंसे एक वाहन से तीन लोगों को सुरक्षित निकालकर पत्थर खोल स्थित वन विभाग चौकी पहुंचाया गया। वहीं पुरोला, मोरी मोटर मार्ग पर जरमोला धार के पास बर्फबारी के कारण फंसी करीब 200 लोगों की गाड़ियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि एक टेंपो ट्रैवलर अभी भी मौके पर खड़ा है, जिसे निकालने का प्रयास जारी है।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगुण के पास मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया था, जहां फंसे वाहनों को सुरक्षित निकालकर मार्ग को आंशिक रूप से सुचारु किया गया। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते मार्ग खोलने का कार्य सावधानीपूर्वक किया जा रहा है।

24 घंटे से आधे जिले की बिजली गुल
बारिश और बर्फबारी का सबसे बड़ा असर विद्युत आपूर्ति पर देखने को मिला है। यमुना घाटी सहित जिले के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों से बिजली पूरी तरह बाधित है। राड़ी टॉप और अन्य ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण लाइनों में फॉल्ट आ गया है। विद्युत विभाग की टीमें विषम मौसम के बावजूद फॉल्ट तलाशने में जुटी हुई हैं, लेकिन खराब मौसम के चलते बहाली में लगातार देरी हो रही है।

प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। जिलाधिकारी के निर्देशन में पुलिस, राजस्व, आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ और संबंधित विभागों द्वारा समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। प्रशासन की तत्परता के चलते किसी भी स्थान पर कोई जनहानि नहीं हुई, जो राहत की बात है।
प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि बर्फबारी और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, तथा यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। साथ ही, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले वाहन चालक आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ ही यात्रा करें। कुल मिलाकर, सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी ने जहां किसानों और बागवानों के लिए उम्मीदें जगाई हैं, वहीं जनजीवन के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी की हैं, जिनसे निपटने के लिए प्रशासन और विभागीय टीमें लगातार प्रयासरत हैं।

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