भवाली में तांत्रिक विद्या!

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आखिर कुर्सी बचाने को कौन राजनेता करा रहा तंत्रमंत्र?
उत्तराखण्ड़ में तांत्रिकों के मकडजाल में नेता-अफसर!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड का गठन जब हुआ तो उसके बाद राज्य के अन्दर कुर्सी की मारोमार देखते हुए यह बहस चल निकली थी कि आखिरकार कुर्सी के मोह में कुछ राजनेता और अफसर अपने आपको सुरक्षित जोन में रखने के लिए कुछ ऐसा खेल खेलने में जुट गये जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण पोस्टिंग पाने व राजनीति में अपने आपको पॉवरफुल बनाने के लिए काफी अफसरों और राजनेताओं ने तंत्रमंत्र का सहारा लेने का जो दौर शुरू किया था वह दौर अब एक बडा रूप लेता जा रहा है। उत्तराखण्ड के अन्दर मौजूदा समय में राजनीतिक तापमान उफान पर है और कुछ राजनेता अपने आपको सियासत का बादशाह बनने के लिए जहां छटपटा रहे हैं तो वहीं काफी अफसर ऐसे भी हैं जो महत्वपूर्ण पोस्टिंग पाने के लिए बेचैन हैं और उन्होंने अब कुछ प्रभावशाली तांत्रिकों की शरण लेनी शुरू की है और उनका तंत्रमंत्र कराना कहीं न कहीं यह दर्शा रहा है कि उन्हें अब तांत्रिक विद्या पर अभेद भरोसा है। चर्चा यहां तक है कि एक राजनेता अपनी कुर्सी को सलामत रखने के लिए भवाली में बडी तांत्रिक विद्या बडे गोपनीय ढंग से करा रहा है और वह अपनी इस तांत्रिक विद्या के जरिए अपने आपको बलशाली बना पायेगा या नहीं यह तो आने वाला समय ही बतायेगा?
उत्तराखण्ड की सियासत में काफी राजनेता ऐसे हैं जो हमेशा सत्ता के अन्दर अपने आपको पॉवर में रखने का ख्वाब पालते हैं और वह अपनी बडी इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर वह काम करने के लिए आगे बढ रहे हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती? उत्तराखण्ड में कांग्रेस के एक बडे नेता ने तो अपनी राजनीतिक विरासत और कुर्सी बचाने के लिए जिस खतरनाक तांत्रिक विद्या का सहारा लिया था उसकी चर्चाएं आज तक राज्य के फिजाओं मंे तैरती रहती है। हालांकि वह राजनेता कुछ समय तो तांत्रिक विद्या के बल पर अपनी कुर्सी बचाने में सफल हो गया था लेकिन एक समय बाद उसकी कुर्सी पर बडा ग्रहण लग गया था यह भी किसी से छिपा नहीं है?
उत्तराखण्ड में काफी वर्षों से देखने में आ रहा है कि कुछ राजनेता और अफसर अपने आपको सिस्टम के अन्दर बलशाली और पॉवरफुल बने रहने के लिए गोपनीय रूप से तंत्रमंत्र का सहारा ले रहे हैं ऐसी चर्चाएं हमेशा राज्य के गलियारों में चलती आ रही है? चर्चाएं यहां तक हैं कि कुछ राजनेताओं की इच्छा लम्बे समय से पॉवरफुल कुर्सी के लिए पनप रही है और वह अपने आपको सियासत का बादशाह बनने के लिए हर वो कदम उठा रहे हैं जिससे उन्हें यह आशा दिखाई देती है कि ऐसा करने से उनका राजनीतिक भविष्य सुनेहरा हो जायेगा? उत्तराखण्ड के अन्दर लम्बे समय से चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कुछ राजनेता और अफसर अपनी कुर्सी बचाने के लिए तांत्रिक विद्या का सहारा ले रहे हैं? चर्चाएं चलती है कि कोई यह तांत्रिक विद्या उत्तराखण्ड में कराता है तो कोई यह तांत्रिक विद्या आसाम में कराने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाता जा रहा है? उत्तराखण्ड की सियासत में इन दिनों एक बडी तपिश देखने को मिल रही है और यह चर्चा भी तेज हो रखी है कि एक राजनेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए पिछले कुछ समय से भवाली में गुप्त रूप से एक बडी तांत्रिक विद्या करवा रहा है?

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