भाजपा में बौखलाहट!

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अंकिता भंडारी प्रकरण बन गया गले की ’फांस’
सरकार को डर दिखा रहा विपक्ष का तेज हमला
विधायक की जुबां फिसली या सोचा समझा बयान?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव होने में एक या सवा साल का समय ही बचा है। जिसको लेकर सत्ताधारी दल का तो पता नहीं लेकिन विपक्षी दलों और खास तौर से कांग्रेस ने कमर कस ली है। सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ जिस प्रकार से मौजूदा दौर में कांग्रेस हमलावर हो रखी है, ऐसा काफी समय बाद देखने को मिला है। अंकिता भंडारी प्रकरण भाजपा के गले की फांस बन चुका है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जो हमला बोल रखा है, वह किसी से छिपा नहीं हैं। कांग्रेस आए दिन सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर हल्ला मचाए हुए है। हालांकि कांग्रेस का यह हमला उसका आने वाले चुनाव में कितनी संजीवनी प्रदान कर पाएगा यह तो देखने वाली बात होगी लेकिन मौजूदा दौर में उसकी आक्रमकता पार्टी के लिए काफी साकारात्मक नजर आ रही है। वहीं उत्तराखण्ड सरकार ने भले ही अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की बात कह दी हो लेकिन फिर भी वह इस मामले में बैकफुट पर नजर आ रही है। देखने में आ रहा है कि उत्तराखण्ड सरकार की मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है और ऐसे में उसके एक विधायक के विवादित बोल ने विपक्ष को एक और मुद्दा दे दिया है। वहीं एक मामला ऐसा भी सामने आया है जिसमें में यह बताया जा रहा है कि उत्तराखण्ड की सांसद की आर्थिक नीधि का इस्तेमाल अन्य बाहरी राज्यांे में खर्च हो रहा है। इस प्रकार के मामलों ने उत्तराखण्ड के अंदर भाजपा में एक बौखलाहट उत्पन्न होती हुई नजर आ रही है। इस बौखलाहट से सत्ताधारी दल कैसे निजात पाएगा यह देखने वाली बात होगी।
गौरतलब हो कि सत्ताधारी दल के विधायकों के बिगड़ बोल पिछले लंबे समय से सरकार के लिए परेशानी का सबब बनते आए हैं। इसी क्रम एक मामला तब जुड गया जब इंटरनेट पर रुद्रप्रयाग से भाजपा विधायक भरत चौधरी का एक वीडियो तेजी के साथ वायरल हो गया जिसमेंवह एक कार्यक्रम में मंच से भाषण देते हुए यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि जो अधिकारी उनकी नहीं सुनेगा, वह उनके जूते की सुनेगा। इससे जहां पार्टी असहज हुई है, वहीं विपक्ष को बैठे बिठाए भाजपा पर हमलावर होने का मुद्दा मिल गया जोकि भाजपा सरकार के लिए आने वाले दिनों काफी घातक साबित हो सकता है। उत्तराखण्ड सरकार के खिलाफ विपक्ष पर तो मानो मुद्दों की बारिश ही हो रही है। एक ओर जहां अंकिता भंडारी प्रकरण को अपना ब्रह्मास्त्र बनाकर कांग्रेस, उत्तराखण्ड सरकार के खिलाफ हल्ला बोले हुए है, वहंी दूसरी ओर अब उसको रूद्रप्रयाग से भाजपा विधायक भरत चौधरी का वायरल वीडियों भी मिल गया है। इसी बीच एक ओर खबर ने इन दिनों उत्तराखण्ड के अंदर काफी सुर्खियां बटोर रखी जिसमें यह बताया जा रहा है कि भाजपा के सांसदों की नीधि को दूसरे राज्यों में लुटाया जा रहा है? उत्तराखण्ड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि सूचना के अधिकार से सामने आई जानकारी के अनुसार भाजपा सांसदों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में ट्यूबवेल, स्कूल, सामुदायिक भवन, सड़क और जल निकासी जैसे कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि उत्तराखंड के गांव आज भी विकास से वंचित हैं। यह उत्तराखंड की जनता के साथ खुला विश्वासघात है। गोदियाल ने यहां तक कहा कि उत्तराखंड के गांव आज भी पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के सांसद अपनी सांसद निधि का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में खर्च कर रहे हैं, ये खुली लूट है और इसका हिसाब उनको देना होगा।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के सरकार की ओर छोड़े गए आरोपों के इन तीक्षण बाणों ने उसे कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। भाजपा के गलियारों में चर्चाएं अब इस बात को लेकर भी तेज हो गई है कि पिछले लंबे समय से सुप्त अवस्था में पड़ी कांग्रेस को ऐसी कौन सी संजीवनी मिल गई है जिसके दम पर वह इतनी आक्रमक हो चली है। प्रदेश कांग्रेेस में नजर आ रही इस आक्रमकता को देखते हुए कहीं न कहीं प्रदेश भाजपा भी बौखलाई हुई है और इन सभी आरोपों का कोई तार्किक जवाब भाजपा की ओर से न आना ही इसका प्रमाण माना जा रहा है? भाजपा जो आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने का मन बना रही है, उसके सामने फिलहाल कांग्रेस एक दीवार के रूप में खड़ी हुई नजर आ रही है।

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