बेहड़ पुत्र पर हमला एक साजिश तो नहीं?

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विधायक बोेले जिसने कराया हमला उसे खोजेंगे
सौरभ पर हुये अटैक से तपिश में उधमसिंहनगर!
प्रमुख संवाददाता
उधमसिंहनगर/देहरादून। तराई के कद्दावर कांग्रेसी नेता के पार्षद पुत्र पर नकाबपोश बदमाशों ने एक बडी साजिश के तहत उस पर जानलेवा हमला किया जब वह पुलिस के सामने एक समझौता कराने के लिए जा रहा था। रात के अंधेरे में अकेले पार्षद पर जिस हैवानियत के साथ हमला कर उसके साथ तांडव किया गया उसने कुमांऊ की वादियों में एक बडी तपिश पैदा कर दी? विधायक पुत्र पर हुये हमले से सरकार से लेकर पुलिस महकमा तक हिल गया और विधायक के तमाम समर्थकों ने हमलावरों को सबक सिखाने का जिस तरह से अपने मन के अन्दर एक बडा संकल्प लिया उससे कहीं न कहीं यह सवाल पनपने लगे कि पार्षद पर हमला एक साजिश के तहत तो नहीं हुआ? अस्पताल में मौजूद विधायक ने दो टूक कहा कि यह हमला किसी न किसी के इशारे पर हुआ है और अगर पुलिस उसे नहीं खोज पाई तो वह खुद ही उसे खोज निकालेंगे। निहत्थे पार्षद पर जिस साजिश के तहत हमला हुआ उसने कई सवालों को जन्म दे दिया कि आखिरकार उधमसिंहनगर में वो कौन से ऐसे तत्व हैं जो सरकार और पुलिस के सामने एक बडी चुनौती पैदा करने की चालें चलकर वहां के माहौल को तनावपूर्ण बनाने का खेल, खेल रहे हैं?
बीती रात कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के पुत्र एवं नगर निगम पार्षद सौरभ राज बेहड़ पर हुआ हमला प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभरा है। आरोप है कि विधायक बेहड़ के आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर तीन नकाबपोश बदमाशों ने सौरभ राज बेहड़ पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए रुद्रपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालात गम्भीर देखते हुए आईसीयू में इलाज जारी है। वहीं इस हमले के बाद यह बहस चल पडी कि आखिरकार वो कौन दुसाहसी लोग हैं जो विधायक के पार्षद पुत्र पर एक सोची समझी रणनीति के तहत उस पर हमला करने के लिए उस स्थान पर पहुंच गये जहां पार्षद जा रहा था। पार्षद पर हमले से रूद्रपुर और काशीपुर के सैकडों लोगों में एक बडा आक्रोश देखने को मिला और रूद्रपुर से पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने साफ कहा कि यह हमला एक कायरता का प्रमाण है और ऐसी कायरता करने वालों को जरूर सबक मिलेगा। तिलकराज बेहड के समर्थकों के मन में गुस्से की ज्वाला देखने को मिली कि जिसने भी यह हमला किया है उसे सजा मिलनी चाहिए और तिलकराज बेहड ने तो दो टूक शब्दों मे चेतावनी दी है कि अगर पुलिस उन हमलावरों को न खोज पाई तो हम उसे खोज निकालेंगे। तिलकराज बेहड को यह पूरा शक है कि यह हमला एक साजिश के तहत करवाया गया है और इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं यह पता लगाये बगैर वह चैन से नहीं बैठेंगे।
घर के पास हमला होने से पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं और घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जिस स्थान पर हमला हुआ, वह न केवल वीआईपी क्षेत्र माना जाता है बल्कि वहां पुलिस की नियमित गश्त भी रहती है। इसके बावजूद अपराधियों द्वारा इस तरह की वारदात को अंजाम देना पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि पार्षद सौरभ बेहड को पंचायत के लिए बुलाया गया था लेकिन रास्ते में ही उस पर हमला कर दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों पक्षों को पुलिस द्वारा ही चौकी में पंचायत के लिए बुलाया गया था। लेकिन चौकी पहुंचने से पहले ही सौरभ राज बेहड़ पर हमला हो जाना कई गंभीर सवालों को जन्म देता है। क्या हमलावरों को पहले से इसकी जानकारी थी? क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस जांच के दायरे में हैं। वहीं विधायक बेहड़ का तीखा बयान पुलिस की नींद उडा गया क्योंकि घटना के बाद कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस हमलावरों को जल्द गिरफ्तार नहीं कर पाती है, तो वे स्वयं अपने स्तर पर उन्हें ढूंढने का प्रयास करेंगे। उनका यह बयान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।

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