जनसेवक के सर पर महानायक का ताज

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आवाम का दिल जीतने के लिए कोई पहल नहीं की और वह अपने आपको राज्य का राजा मानकर सत्ता चलाने के लिए आगे आये जिसका परिणाम यह निकला कि आज तक अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों का जिक्र करने के लिए आवाम कभी भी आगे नहीं आया। राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आपको आवाम का सेवक मानकर उनके दिलों पर राज करना शुरू किया और उनके सपनों का जिस तरह से उत्तराखण्ड बनाने में तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं उसी का असर है कि राज्य की जनता उन्हें अपना महानायक मानने लगी है।
उत्तराखण्ड गवाह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी किसी जिले में रात्रि प्रवास करते हैं तो सुबह वह सैर के लिए निकल पडते हैं और आते-जाते लोगों से वह हाथ जोडकर बस यही कह रहे थे कि जनसेवक का आपको नमन है। मुख्यमंत्री के इस उदारवादी रूप को देखकर हर इंसान उनका कायल होता जा रहा है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आने वाले मासूमों व बुजुर्गों को वह जिस तरह से गले लगाकर उन्हें अपनेपन का एहसास दिला रहे हैं उसे देखकर हर कोई यह कहने से नहीं चूक रहा कि क्या ऐसा भी मुख्यमंत्री होता है जो गरीब से गरीब इंसान को भी गले लगाने में देर नहीं करता?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में विकास का पहिया तेजी से आगे बढाने की दिशा में चलते जा रहे हैं और उन्होंने पहाड से लेकर मैदान तक पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में जो एक बडी छलांग लगाई है उससे उत्तराखण्ड की जनता उनकी कायल हो रखी है और वह मान चुकी है कि वह उत्तराखण्ड के युग पुरूष हैं जो उत्तराखण्ड की दशा और दिशा को बदलने में रात-दिन लगे हुये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सादगी हमेशा आवाम को खूब रास आती है और उनका फलावर रूप आवाम तब नजदीक से देखते हैं जब मुख्यमंत्री सुबह की सैर पर निकल कर आते-जाते लोगों से वह हाथ जोडकर संवाद करते हुए दिखाई दिये कि जनसेवक का आपको नमन है और आपकी दुआ से उत्तराखण्ड में सबकुछ अच्छा चल रहा है। राह में वह बच्चों से लेकर बडों से तो संवाद करते ही हैं साथ में सड़क पर उनका जब महिलाओं से आमना-सामना होता है तो उन्हें देखकर वह रूक कर हमेशा हाथ जोडते हुए कहते हैं कि जनसेवक हमेशा आपके साथ खडा है और उन्हें कभी भी उनकी जरूरत पडे तो वह हर समय उनके साथ खडे हुये मिलेंगे। जनसेवक का यह रूप देखकर महिलायें भी हाथ जोडकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अभिवादन करती हैं। महिलायें हमेशा मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वह इंसान के रूप में उनके लिए देवता रूप हैं और उनका आशीर्वाद है कि वह एक लम्बे युग तक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री बने रहे। वहीं मुख्यमंत्री आवास में लगने वाले जनता दरबार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उदारवादी रूप देखने को मिलता रहा है। मुख्यमंत्री के जनसेवा केन्द्र में बुजुर्ग जब उनके सामने हाथ जोडकर खडे होते हैं तो उनकी नजर जैसे ही उन पर पडती है तो वह खुद आगे बढकर उन्हें अपना प्रणाम कहकर उनके दर्द को हरने के लिए अपना उन्हें खुला साथ दे देते हैं जिससे बुजुर्ग लोग इतने भावुक होते हैं कि उनकी आंखो से भी आंसू निकल पडते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इतने उदार हो जाते हैं कि वह उन्हें अपने गले से लगाकर साफ कहते हैं कि वह चिंता न करें क्योंकि वह भी उनके बेटे के समान है। मुख्यमंत्री का विशाल दिल देखकर अकसर जनसेवा केन्द्र में खडे लोग हैरत में पड जाते हैं और वह यह कहने से नहीं चूकते कि पुष्कर सिंह धामी वास्तव में एक युग पुरूष ही हैं जो अपने आपको जनसेवक मानकर सत्ता चला रहे हैं। वहीं वह बच्चों को देखकर भी भाव विभोर हो जाते हैं और जब उन्हें जनसेवा केंद्र में कोई परिवार ऐसा दिखाई देता है जो अपने बच्चे के साथ वहां आया होता है तो मुख्यमंत्री परिवार से संवाद करते हुए उनके साथ आये बच्चे को वह फूल देकर उसे अपना दुलार देते हैं और अफसरों को दो टूक संदेश देते हैं कि जनपदों में प्रशासन के अफसर हर पीडित व्यक्ति की समस्या सुनकर उसे हल करें जिससे कि दूर दराज से किसी को भी अपनी समस्या के लिए उनके पास न आना पडे। जनसेवा केंद्र में आने वाले लोग मुख्यमंत्री का यह रूप देखकर यह कहने से नहीं चूकते कि ऐसे इंसान युगों में पैदा होते हैं और उत्तराखण्ड के लिए अब गौरवमय समय है क्योंकि पुष्कर सिंह धामी राज्य मंे मुख्यमंत्री बनकर नहीं बल्कि जनसेवक बनकर सत्ता चलाने के लिए आगे आ रखे हैं।

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