बेरोजगारों की दो टूक चेतावनी मंजूर नहीं एसआईटी जांच

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अधीन बीते रविवार को कराये गये पटवारी, वीडिओ, वीपीडीओ के पेपर लीक होने से गुस्साये बेरोजगारों ने पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच कराये जाने, आयोग के अध्यक्ष व सचिव को हटाने व परीक्षा रद्द किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर परेड ग्राउंड के बाहर सड़क पर सातवें दिन प्रदेश सरकार व आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे और दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि हमें एसआईटी की जांच मंजूर नहीं है और केवल इस प्रकरण की सीबीआई से ही जांच होनी चाहिए। इस दौरान बेरोजगारों ने आर पार के आंदोलन की चेतावनी दी। यहां उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल व उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार के संयुक्त नेतृत्व में बेरोजगार परेड ग्राउंड के पास सड़क पर सातवें दिन नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे, और कहा कि लगातार सरकार हठधर्मिता पर उतर आई है। इस अवसर पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शुरू से ही बेरोजगार कह रहे है कि हमें एसआईटी जांच मंजूर नहीं है क्योंकि एसआईटी पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि अचानक सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस बी एस वर्मा को अचानक से एसआईटी जांच से हटा दिया जाता है और यह सब सरकार का फेलियर है। पंवार ने कहा है कि अब नए जो एसआईटी की निगरानी में जांच कराई जाएगी जिस पर बेरोजगार संघ को विश्वास नहीं है और जब तक पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच नहीं होती है और तब तक यहीं सड़क पर ही रहेंगें। उन्होंने कहा कि आयोजित की गई परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर परीक्षा की नई तिथि जल्द घोषित की जाए। उन्होंने कहा कि आयोग के अध्यक्ष जी एस मार्तोलिया को तत्काल बर्खास्त किया जाए। पंवार ने कहा कि मामले की सीबीआई जांच से कम स्वीकार नहीं करेंगें और पेपर को रद्द किया जाए और शीघ्र ही नई तिथि घोषित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार से लगातार मांग की जा रही है लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है और सरकार की जन विरोधी निर्णयों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा है कि आज धरने के सात दिन हो गए है और कई राजनैतिक व सामाजिक संगठनों का लगातार समर्थन मिल रहा है और प्रदेश भर में रैलियां व धरने प्रदर्शन किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक प्रकरण की जब तक सीबीआई से जांच नहीं होती है तो आंदोलन को जारी रखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अब सरकार को स्वयं भी एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं दिख रहा है क्योंकि रिटायर्ड जज बी एस वर्मा को जांच कमेटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब बेरोजगार संघ की एसआईटी जांच पर विश्वास नहीं है इससे यह पुख्ता साबित हो गया है कि जब एसआईटी जांच कमेटी से रिटायर्ड जज वर्मा को हटाकर दूसरे की निगरानी में जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है जिसे किसी भी कीमत में सहन नहीं किया जाएग। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की सीबीआई जांच नहीं होती तब तक सड़कों पर डटे रहेंगे और किसी भी सूरत पर पीछे नहीं हटेंगें और आंदोलन को यथावत जारी रखा जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के उपाध्यक्ष ने कहा है कि सरकार बेरोजगारों के साथ षडयंत्र रचने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसे सहन नहीं करेंगें। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों के हितों का हनन किसी भी दशा में नहीं होनें देंगें। उन्होंने सरकार से प्रकरण की जल्द से जल्द सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा है कि सरकार केन्द्र सरकार को अपनी संस्तुति भेजनी चाहिए। संघ के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी कह रहे है कि सरकार को सीबीआई जांच इस प्रकरण की करानी चाहिए लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रहे।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान भी दोहराया है कि जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत कह रहे है कि पेपर लीक की सीबीआई से जांच होनी चाहिए तो सरकार को किस बात का खतरा है। उन्होंने कहा कि जांच कराई जाए और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन सरकार ऐसा नहीं चाह रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार के खिलाफ आर पार का आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर धरने व प्रदर्शन में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल, सुरेश सिंह, अशोक कुमार, अमन दास, हिमांशु मेहरा, त्रिभुवन चौहान, सुरेश कुमार, श्याम सिंह, महेन्द्र सिंह, सूरज कुमार, महेश कुमार, समीर कुमार, पूजा, खुशी, मंजू, आरती, रेनू, ममता, अर्जुन सिंह, पदम सिंह, गीता देवी, सुनीता, पूजा, कोमल, संजेंद्र कठैत, जसपाल चौहान, विशाल चौहान, बिट्टू वर्मा, सुनील, अखिल तोमर, कपिल कुमार, सुरेश सिंह, जे पी ध्यानी, नितिन बुड़ाकोटी, जसपाल चौहान, विशाल चौहान, मोहन सिंह, सतेन्द्र कुमार सहित कई युवा बेरोजगार मौजूद रहे।

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