देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त करने का वचन राज्यवासियों को दे रखा है और उन्होंने राज्य में अपराधियों के खिलाफ खुला युद्ध छेडा हुआ है लेकिन हैरानी की बात है कि उत्तराखण्ड के कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग से यारी निभाने के लिए कुछ पुलिसकर्मी आगे आये और एसटीएफ ने आखिरकार एक जमीन के मामले में महिला को वाल्मीकि गैंग के इशारे पर धमकाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया लेकिन अभी भी एक राज, राज ही बना हुआ है कि आखिरकार वो बडा पुलिस अफसर कौन है जो कुख्यात गैंग से अपनी यारी निभाने का खेल खेल रहा था और जिसकी कुछ फोटो और व्हटसप कॉल यह बता रही हैं कि अगर इस मामले की जांच मुख्यमंत्री किसी बडे अफसर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर उसे सच का पता लगाने के लिए आगे करें तो उससे साफ हो जायेगा कि पुलिस अफसर ने जमीनों के धंधे में दौलत कमाने के लिए कुख्यात गैंग से अपनी यारी निभाने का खेल खेलकर मुख्यमंत्री की आंखों में धूल झोंक रखी थी। एसटीएफ पुलिस कप्तान ने दो टूक संदेश दिया है कि कुख्यात वाल्मीकि गैंग को जड से नेस्तनाबूत करने तक वह शांत नहीं बैठेंगे। कुख्यात गैंग से पुलिसकर्मियों की यारी ने उत्तराखण्डवासियों के मन में एक बडा डर पैदा कर दिया है कि वह किस तरह से अपराधियों के साथ मिलकर उनके गैंग का हिस्सा बन गये हैं।
इस प्रकरण में पुलिस कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि प्रवीण वाल्मीकि गैंग के सम्बन्ध में पिछले माह में प्राप्त गोपनीय सूचना और प्रार्थना पत्र के आधार पर एस०टी०एफ ने जांच करने के पश्चात दिनांक 27-०8-2०25 को एस०टी०एफ० की ओर से थाना गंगनहर पर मु०अ०सं० 415ध्25 धारा 12० बी,42०,467,468,471 भा०द०वि० एवं 111, 351, 352 बीएनएस का अभियोग कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मिकी उसका भतीजा मनीष बाँलर, पंकज अष्ठवाल आदि छह लोंगो के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया। इस प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस मुख्यालय द्वारा मामले की विवेचना एसटीएफ को सुपुर्द की गयी। जिसके पश्चात इस प्रकरण में पहली बार वाल्मिकी गैंग के दो सदस्यों मनीष बाँलर और पंकज अष्ठवाल निवासीगण ग्राम सुनेहरा थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार को थाना गंगनहर क्षेत्र में दबिश मारकर गिरफ्तार किया गया । मनीष बाँलर एवं पंकज अष्टवाल से पूछताछ में जमीन की विक्रय करने वाली फर्जी रेखा व संलिप्त सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिस पर फर्जी रेखा बनी महिला निर्देश पत्नी कुलदीप सिंह निवासी ज्वालपुर हरिद्वारकी भी एसटीएफ द्वारा गिरप्तारी की जा चुकी है। अब इस प्रकरण में दो पुलिस आरक्षियों की संलिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तारी की गई है। जिनको गिरफ्तार करने के पश्चात न्यायालय रुड़की कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
पुलिस कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा इस मामले मेंं जानकारी देते हुए बताया गया कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा के रहने वाले श्याम बिहारी की वर्ष 2०14 में मृत्यु हो गई थी जिसकी करोड़ो रुपए की बेशकीमती संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में स्थित है श्याम बिहारी की मृत्यु के पश्चात इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था वर्ष 2०18 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग द्वारा इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पश्चात इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा द्वारा की जाने लगी तो प्रवीण वाल्मीकि द्वारा रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया गया परंतु वह नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर वर्ष 2०19 में अपने भतीजे मनीष बॉलर व उसके साथियों के साथ गोली चलवायी गई, जिसमें धारा 3०7 भा०द०वि० का मुकदमा थाना गंगानगर पर पंजीकृत कराया गया । इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया और वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर छिप कर रहने लगे । इसके बाद रेखा व कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी व उसके सदस्यों द्वारा फर्जी रेखा व कृषण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पाँवर अटार्नी तैयार की गई तथा इन सम्पत्तयों को आगे बेचा गया इस काम में मनीष बाँलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोंड़ो मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर आगे बेचा । प्रवीण वाल्मीकि गैंग का इतना भय था कि इस परिवार ने अपनी जान माल की रक्षा के लिए किसी से कोई भी शिकायत नहीं दर्ज कराई गई। अब इस प्रकरण में एसटीएफ की टीम ने अपनी विवेचना मे पाया कि कां० शेर सिंह व कां० हसन जैदी जो कि पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर जनपद पिथौरागढ़ में नियुक्त हैं, के आपसी सम्बन्ध कुख्यात अपराधी प्रवीण बाल्मीकि और मनीष बाल्मीकि उर्फ बॉलर के गिरोह के साथ हैं, इनकी प्रवीण वाल्मिकी के साथ जेल में मुलाकात करने के विवरण के साथ साथ मनीष बॉलर के साथ आपसी कॉल रिकार्ड पाये गये। इसके अलावा इनके द्वारा पीडित पक्ष पर उनकी जमीन को कब्जाने के लिए दवाब बनाया गया। उसके लिए शेर सिंह के द्वारा दिनांक 26 अप्रैल 25 को रुड़की कोर्ट परिसर मे पीडित पक्ष को बुलाकर तारीख पर आए हुये प्रवीण बाल्मीकि से मुलाकात कराकर एवं माह मार्च 2०25 में हसन जैदी द्वारा मनीष बॉलर के साथ पीडि़ता रेखा के पुत्र सूर्यकांत को रूड़की हॉस्पिटल में जाकर डराया धमकाया गया और अपनी सम्पत्ती को विक्रय करने के लिये दबाव बनाया गया था। पुलिस कप्तान ने बताया कि शेर सिंह हरिद्वार का रहने वाला है जबकि हसन अब्बास जैदी मेरठ का रहने वाला है।

