स्वास्थ्य सचिव ने युद्ध स्तर पर नशे के खिलाफ चला रखा ऑपरेशन
देहरादून। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को नशामुक्त करने के लिए जहां पुलिस महकमे को मैदान में उतार रखा है वहीं उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को भी नशे के खिलाफ एक बडी जंग के लिए मैदान में उतारा हुआ है। स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री के मिशन को युद्ध स्तर पर चलाने का जो जज्बा दिखा रखा है उससे नशे के सौदागरों और नकली दवाईयां बेचने वाले माफियाओं में एक बडी खलबली मची हुई है और उन्हें यह विश्वास है कि अब वह अपने इस गोरखधंधे को अंजाम नहीं दे पायेंगे क्योंकि एक ओर जहां पुलिस उनके खिलाफ ऑपरेशन चलाये हुये है तो वहीं स्वास्थ्य सचिव भी नशे पर प्रहार करने के लिए अपनी टीमों को मैदान में उतारकर खुद मोर्चा संभाले हुये है। वहीं एसटीएफ ने भी लम्बे समय से नकली दवाईयां बेचने वाले माफियाओं को स्वास्थ्य महकमे की टीमों के साथ मिलकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन चलाया हुआ है। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए आगे आ रखे स्वास्थ्य सचिव का दो टूक कहना है कि उत्तराखण्ड के अन्दर अब नशे का काला धंधा नहीं चलेगा क्योंकि मुख्यमंत्री का लक्ष्य नशे को जड़ से खत्म करना है और उनका लक्ष्य एक नारा नहीं बल्कि संकल्प है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर “ड्रग फ्री उत्तराखंड 2025” अभियान को नई गति देने के लिए स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने मोर्चा संभाल रखा है। सचिव राजेश कुमार ने दो टूक संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री के मिशन को युद्धस्तर पर चलाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “ड्रग फ्री उत्तराखंड 2025” मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केवल नारा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर चल रहा ठोस अभियान है, जिसका लक्ष्य सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण है। डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड 2025’ के सपने को साकार करने के लिए विभाग युद्धस्तर पर जुटा है। क्विक रिस्पॉन्स टीम के गठन के बाद निरीक्षण और छापामारी में तेजी आई है। अब तक 450 से अधिक मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की कार्रवाई की जा चुकी है, 65 मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स पर छापेमारी की गई है और बाकी की कार्रवाई गतिमान है। नेपाल बॉर्डर वाले इलाकों में सर्विलांस की कार्रवाई और तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नारकोटिक्स और नकली दवाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विभाग एसटीएफ, पुलिस और अन्य विभागों के साथ समन्वय को और तेज कर रहा है।
डॉ. आर. राजेश कुमार नकली दवाओं और नशीले पदार्थों के मामलों पर बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने निर्देश दिया कि छापामार कार्रवाइयों की गति और दायरा दोनों बढ़ाए जाएं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाये। उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता न केवल स्वास्थ्य का बल्कि समाज के भरोसे का विषय है, इसलिए बाजार में बिक रही हर दवा सुरक्षित और वैज्ञानिक मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर लैब और मोबाइल वैन से टेस्टिंग का क्रम तेज किया गया है निरीक्षण के दौरान डॉ. आर. राजेश कुमार ने फूड और कॉस्मेटिक लैब का भी जायजा लिया। उन्होंने सैंपलों की जांच, कार्रवाई और रिपोर्टिंग की व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि हर स्तर पर पारदर्शिता और सख्ती बरती जाए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग के पास तीन मोबाइल वैन हैं, जिनके जरिए सभी जगह सैंपल भरे जा रहे हैं। अगले दो से तीन माह में 10 और आधुनिक मोबाइल वैन मिलने वाली हैं। भारत सरकार से स्वीकृत मिल चुकी है। जल्द ही देहरादून स्थित लैव में आधुनिक उपकरण लग जायेगें। जिससे जांचों में और तेजी आयेगी। देहरादून में नई लैब खुलने से गढ़वाल क्षेत्र के सैंपलों की जांच में पहले से ही तेजी आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगले तीन महीने विभाग के लिए निर्णायक होंगे। 18 नए ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती के बाद फील्ड कार्यों में तेजी आई है। अंतर्राज्यीय समन्वय को और मजबूत किया जाएगा और औषधि विक्रेताओं के वितरण नेटवर्क की जांच कर उसका डेटा तैयार किया जाएगा। अगले दोदृतीन महीनों में आधुनिक उपकरणों से लैस लैब के आने से दवा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया और तेज एवं पारदर्शी होगी। मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ जिस तरह से बडा ऑपरेशन चला रखा है उससे नशा तस्करों और माफियाओं में हाहाकार मचा हुआ है।

