देखो उत्तराखण्ड़ का शेर आया

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री चार साल से अभेद होकर सरकार चला रहे हैं और जिस विजन को लेकर वह सरकार चला रहे उससे राज्य की मातृशक्ति को इल्म है कि वह उत्तराखण्ड की राजनीति के सुपर हीरो हैं। महिलाओं को स्वरोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जिस विजन के साथ अपने कदम आगे बढ़ा रखे हैं उससे महिलाओं को विश्वास हो चला है कि राज्य के मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने के लिए आगे बढ चले हैं। मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में मोस्टामानू महोत्सव में शामिल होना था लेकिन मौसम खराब होने के कारण उनका हैलीकाप्टर नहीं उड पाया और मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को वर्चुअल स्क्रीन पर आकर महोत्सव के आयोजकों, कलाकारों और सहभागियों को अपनी शुरूकामनायें दी। इस कार्यक्रम में आई सैकडो महिलायें स्क्रीन पर युवा मुख्यमंत्री को देखकर ऐसे गदगद नजर आई मानो वह उनके सामने ही हैं और उसके बाद सैकडो महिलाओं ने मुख्यमंत्री को हाथ जोडकर जिस तरह से उनका स्वागत किया और उनके मन में मुख्यमंत्री को लेकर जो स्नेह देखने को मिला उसे देखकर हर कोई राजनीतिक पंडित यह कहने से नहीं चूका कि आज मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की मातृशक्ति के दिलों में अपनी इतनी बडी जगह बना ली है कि वह उन्हें एक लम्बे दशक तक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री चुके हैं जो कहीं पर भी जाते हैं तो महिलायें उनके साथ सैल्फी लेने के लिए जब आगे आती है तो मुख्यमंत्री भी शालीनता के साथ सैल्फी खिचवाते हैं और समूचे राज्य में जिस तरह से आवाम के मन में मुख्यमंत्री के साथ सैल्फी लेने का जो उत्साह देखने को मिलता है वह आज तक किसी शासनकाल में देखने को नहीं मिला। उत्तराखण्ड के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने आवाम के साथ सडकों पर सैल्फी लेने के लिए कभी भी अपने कदम आगे नहीं बढाये लेकिन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पहले ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने महिलायें, युवाओं के साथ सैल्फी लेने से उन्हें कभी नहीं रोका और उनके इस फलावर रूप को देखकर आम जनमानस उनका कायल हो रखा है। उत्तराखण्ड के अन्दर होने वाले हर चुनाव में जिस तरह मातृशक्ति ने मुख्यमंत्री को राज्य का सर्वेश्रेष्ठ मुख्यमंत्री मानकर उन्हें अपना लॉडला बताया है उससे विपक्षी दलों को इस बात का इल्म है कि आज मुख्यमंत्री का राजनीतिक वजूद मातृशक्ति के बीच इतना बुलंद हो चुका है कि उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उत्तराखण्ड में होने वाले किसी भी समारोह में जब मुख्यमंत्री की एंट्री होती है तो मातृशक्ति उन्हें अपना आर्शीवाद देने के लिए आगे बढ निकलती है। आज मुख्यमंत्री को पिथौरागढ़ में आयोजित होने वाले मोस्टामानू महोत्सव में शामिल होने के लिए जाना था लेकिन मौसम खराब होने के कारण वहां नहीं पहुंच पाये। मुख्यमंत्री ने देहरादून से ही इस महोत्सव में शामिल हुये कलाकारों और सहभागियों को वर्चुअल अपनी शुभकामनायें दी।
सबसे अहम बात यह है कि जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महोत्सव में लगी स्क्रीन पर दिखाई दिये तो वहां कार्यक्रम में मौजूद सैकडों महिलाओं ने उनका अभिवादन किया और उनके मन में मुख्यमंत्री को लेकर जो एक स्नेह देखने को मिला वह काफी अलौकिक ही माना जा सकता है। कार्यक्रम में सैकडों महिलाओं ने एक साथ हाथ जोडकर स्क्रीन की ओर जिस तरह से मुख्यमंत्री का अभिवादन किया उसे देखकर विपक्ष में भी कहीं न कहीं बेचैनी जरूर दिखाई दी होगी कि जिस मुख्यमंत्री को स्क्रीन पर देखकर सैकडों महिलायें हाथ जोडती हुई आगे आई उससे यह साफ है कि आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मातृशक्ति के लॉडले बन चुके हैं।

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