देहरादून(संवाददाता)। सनातन धर्म की विशेषता ही यहीं है कि यहां रिश्तों का महत्व सबसे अधिक होता है। यह जरूरी नहीं है कि हर रिश्ता खून से ही जुड़ा हो, कुछ रिश्ते भावनाओं से भी जुड़े होते हैं और भावनाओं से जुड़े रिश्ते परंपरागत नहीं होते, वह तो किसी भी छण जुड़ जाते हैं। भाई-बहन के रिश्ते को सनातम धर्म में सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है। इस भावनात्मक रिश्ते की मजबूती को सबसे प्रबल माना गया है। कल रक्षाबंधन है यानि कि भाई-बहन के स्नेह और अटूट प्रेम का त्योहार, जिसमें जहां एक ओर बहन अपने भाई की लंबी उम्र के लिए भगवान से प्रार्थना करती है तो वहीं भाई सदैव अपनी बहन की रक्षा का प्रण लेता है। धराली के आपदा ग्रस्त क्षेत्र में तो मानो रक्षाबंधन के त्योहार एक दिन पहले मना लिया गया।
आज धराली में एक दृश्य ऐसा देखने को मिला जिसने रक्षाबंधन के इस त्योहार में एक नया अलंकार लगा दिया। आपदा क्षेत्र में राहत बचाव कार्य का जायजा लेने और यह सुनिश्चित करने कि रेस्क्यू किए गए लोग सकुशल अपने गंतव्य तक पंहच सके के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी मौके पर मौजूद थे। इस दौरान गुजरात निवासी एक महिला ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ उससे राखी बनाई और सीएम पुष्कर की कलई पर सजा दी। इस दृश्य को देख वहां सभी सन्न रह गए और उनकी आंखें इस भावनात्मक मंजर को देखकर खुशी के मारे नम हो आई। सीएम कलई पर रखी बांधने के दौरान धनगौरी जिस टक उन्हें निहार रही थी उसको देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानों वह महिला अपने देवदूत को नम आंखों से मुस्कुराते हुए निहार रही हों।
राखी, राहत और रिश्ते की एक अनोखी डोर जिस तरह से आपदा के बीच देखने को मिली उस मार्मिक दृश्य को देखकर हर कोई हैरान हो गया और उससे यह बात साफ हो गई कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा के बीच तीन दिन से अपनी जान को हथेली पर लेकर पथरीले और पहाड के रास्तों को पार कर रहे हैं उसे देखकर हर कोई उनका कायल हो रहा है। एक महिला ने आज जब मुख्यमंत्री को अपने सामने पाकर अपनी साडी का पल्लू फाडकर उसे राखी का रूप देते हुए मुख्यमंत्री की कलाई पर उसे बांधा तो मुख्यमंत्री तो भावुक हो ही गये साथ में उनके साथ चलने वाले अफसर भी महिला का यह भावुक रूप देखकर हैरान हो गये कि डर के इस माहौल में भी एक महिला किस तरह से मुख्यमंत्री पर अभेद भरोसा कर अपनी साडी का पल्लू फाडकर उनकी कलाई पर उसे राखी के रूप में बांधकर गंगा मैय्या के सामने उन्हें अपना भाई मान लिया।

