देहरादून(संवाददाता)। धराली में बादल फटने से मची बडी तबाही के बाद मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभाल रखा है और वह इस तबाही में घायलों का जीवन बचाने के लिए बडा ऑपरेशन चलाने के लिए आगे बढ़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को हुक्म दिया है कि वह घायलों के इलाज की मॉनिटिरिंग का खुद मोर्चा संभाले और एक-एक घायल का जीवन उनके लिए कीमती है। मुख्यमंत्री के आदेश पर स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट मोड में रखा है और देहरादून व ऋषिकेश में जनरल और आईसीयू बेड का इंतजाम किया है और धराली मे तीन मनोचिकित्सक भी भेजे गये हैं। स्वास्थ्य सचिव ने दो टूक कहा कि यह एक संवेदनशील समय है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि एक भी घायल या जरूरतमंद इलाज से वंचित न रह जाये इसके लिए स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने से उत्पन्न आपदा को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूर्णत: अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज समय पर मिल सके। स्वास्थ्य सचिव ने साफ संदेश दिया है कि इस आपदा में सभी घायलों को हाई लेवल का उपचार देने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है और उसी को देखते हुए देहरादून और ऋषिकेश में आईसीयू बैड आरक्षित किये गये हैं और धराली में तीन मनोचिकित्सक भी भेज गये हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को आदेश दिये हैं कि एक-एक घायल का जीवन बचाना उनकी पहली प्राथमिकता है और सबको बेहतर इलाज देने के लिए वह खुद मॉनिटिरिंग करते हुए मोर्चा संभालेंगे। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं, ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए गए घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डेढ सौ जनरल बेड और पचास आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है तो वहीं कोरोनेशन जिला चिकित्सालय में अस्सी जनरल बेड और बीस आईसीयू बेड का इंतजाम किया गया है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश एम्स में पचास जनरल और बीस आईसीयू बेड चौबीस घंटे आरक्षित रखे गये हैं और इन अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और दवा आपूर्ति की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस, मनोचिकित्सक भेजे गए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष तौर पर तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है, ताकि जरूरतमंदों को तत्काल काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में काम करेगी और राहत शिविरों में जाकर लोगों से संवाद भी करेगी।
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (ब्डव्) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं। 1०8 एम्बुलेंस सेवा को भी चौबीसों घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यह एक संवेदनशील समय है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रह जाए। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।

