आखिर किसने रची थी अफवाह की साजिश?
सीएम ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के दिये आदेश
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। धर्मनगरी हरिद्वार के मंसा देवी मन्दिर की सीढ़ियों के पास अफवाहों की ऐसी साजिश रची गई कि उससे वहां अफरा-तफरी मचने से भगदड़ हो गई और इस भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और तीन दर्जन से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गये जिनमें से पांच श्रद्धालुओं को आनन-फानन में एम्स अस्पताल में इलाज के लिए रेफर किया गया है और तेइस श्रद्धालुओं को हरिद्वार के चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। छह श्रद्धालुओं की मौत पर मुख्यमंत्री बेहद चिंतित नजर आये और वह आस्था के पथ पर श्रद्धालुओं की हुई मौत को लेकर भावुक नजर आये और उन्हांेने पीड़ित परिवारों को हर सम्भव सहायता देने के निर्देश दिये और घटना में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों कोे पचास-पचास हजार रूपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये हैं और उन चेहरों को भी स्कैन करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है जिन्हांेने एक साजिश के तहत अफवाह फैलाकर भगदड़ मचवाई जिससे आस्था के पथ पर मौत का तांडव मच गया।
आज सुबह हरिद्वार के मंशा देवी मन्दिर के पैदल मार्ग पर अचानक एक भगदड़ की घटना ने वहां विकराल रूप ले लिया और वहां अपनी आस्था लेकर गये श्रद्धालुओं ने जब अपने आपको बचाने के लिए इधर-उधर दौड लगाई तो उसमें छह श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस हादसे में तीन दर्जन के करीब श्रद्धालु भी घायल हो गये और उन्हें आनन-फानन में प्रशासन और पुलिस की टीमों ने एम्बुलेंस में बिठाकर एम्स और हरिद्वार चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। मंशा देवी मन्दिर के प्रांगण में हुई इस घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी काफी चिंतित नजर आये और उन्हांेने श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीडित परिवारों को हर सम्भव सहायता देने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की धडी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खडी हुई है और उन्होंने मृतकों और घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने डीएम हरिद्वार को घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं और तत्काल कार्यवाही करने का भी हुक्म दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुर्नावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है।
वहीं सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से पांच श्रद्धालुओं को एम्स अस्पताल भेजा गया है और तेइस घायल श्रद्धालुओं को हरिद्वार चिकित्सालय में इलाज के लिए भेजा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक संदेश दिया है कि यह पता लगाया जा रहा है कि अफवाह क्यों और कैसे फैली और इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। वहीं जनपद के पुलिस कप्तान परमेंद्र सिंह डोभाल का कहना है कि प्रथम दृष्टया मन्दिर मार्ग से सौ मीटर नीचे बिजली का झटका लगने की अफवाह के कारण भगदड़ मची जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

