दयालु सीएम के दिखाये मार्ग पर चलते अफसर

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नगर संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दयालुपन किसी से छिपा नहीं है और वह गरीबों, असहायों की मदद करने के लिए हमेशा आगे खड़े हुए नजर आते है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस महकमें के अफसरों को दो टूक संदेश दे रखा है कि असहाय लोगों की मदद के लिए वह हमेशा आगे खड़े रहे जिससे की उनके राज्य में कोई भी असहाय गरीब व्यक्ति का जीवन संकट में न आ पाये। मुख्यमंत्री के आदेश पर स्वास्थ्य सचिव ने भी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करने का संदेश दिया हुआ है जिसके चलते स्वास्थ्य सचिव ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में सख्ती के साथ कह रखा है किसी भी मरीज से बाहर की दवाई न मंगाई जाये और उनका इलाज बेहतर किया जाये। चमोली से दून तक भटक रहे असहाय राजू का जीवन संकट में देखकर जिला प्रशासन उसके साथ खड़ा हुआ और उसके हाथ की दयनीय स्थिति को देखते हुए उसका सफल ऑपरेशन कराया गया और वह जिला प्रशासन ने असहाय राजू का जल्द पुनर्वास करने का संकल्प लिया है।
यहां जिला प्रशासन के सहयोग से हेल्पिंग हेंड चिकित्सालय में असहाय व्यथित राजू का सफल ऑपरेशन कर लिया तथा राजू पूरी तरह से स्वस्थ है। जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम प्रतिदिन राजू का हालचाल जानने चिकित्सालय जाती है तथा जिला प्रशासन की टीम चिकित्सालय के सम्पर्क में है। वहीं असहाय राजू का जिला प्रशासन जल्द पुनर्वास करेगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सालय प्रबन्धन का राजू के उपचार में सहयोग के लिए अभार व्यक्त किया। जिला प्रशासन तथा हेल्पिंग हेंड चिकित्सालय के सहयोग से राजू के उपचार चल रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन राजू के पुनर्वास की भी तैयारी कर रहा है इसके लिए जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर विगत दिवस कलेक्टेऊट परिसर में असहाय राजू पंहुचा जिसका एक हाथ बुरी तरह से जला हुआ था। राजू ने जिलाधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि वह होटल में मजदूरी कराता है तथा चमोली में उसका गर्म पानी से जल गया और दून अस्पताल ने हायर सेंटर को रेफर कर दिया है, उसके पास उपचार के लिए पैसे नही है। इस दौरान जिस पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने बर्न स्पेशलिस्ट निजी चिकित्सालय से दूरभाष पर वार्ता करते हुए राजू के उपचार का अनुरोध किया जिस हेल्पिंग हेंड हॉस्पिटल के डॉक्टर कुश ने राजू को तत्काल हास्पिटल भेजने को कहा। इस दौरान जिला प्रशासन ने सारथी वाहन से राजू को चिकित्सालय में भर्ती कराया।
इस अवसर पर दरअसल असहनीय पीड़ा से छटपटाते हुए अचानक राजू नाम का एक व्यक्ति डीएम दफ्तर पहुंचा। इस दौरान राजू ने कहा कि साहिब मेरा नाम राजू है। मेरे कोई भी अपना नहीं है और वह लावारिस है। गढ़वाल से आया हूॅ। राजू ने बताया कि मेरे हाथ पर गरम पानी गिरने से हाथ जल गया है। इस दौरान उन्हें इलाज की जरूरत है। बहुत दर्द हो रहा है। अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं सुन रहा, बहुत परेशान हूॅ, हाथ की सर्जरी होनी है। पैसा नही है, मदद करों।
इस दौरान अपने रुंधे कंठ से यह कहते कहते राजू की आंखें दर्द के आंसुओं से छलक उठी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरी संवेदना के साथ असहाय, अनाथ राजू की मार्मिक व्यथा सुनी। इस दौरान राजू के अधजले हाथ के असीमित और असहनीय पीड़ा को महसूस किया और बिना वक्त जाया करते राजू के उपचार के लिए फोन पर चिकित्सकों से परामर्श किया।
इस दौरान दून अस्पताल ने राजू के हाथ की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। इस दौरान जिलाधिकारी ने सहस्रधारा आईटी पार्क स्थित एक निजी अस्पताल में स्पेशलिस्ट चिकित्सक डॉक्टर कुश से वार्ता की और राजू को तत्काल प्रशासन के सारथी वाहन से चिकित्सक के पास पहुंचाया और जहां अब राजू के अधजले हाथ का मुफ्त इलाज किया जा रहा है।

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