रंग ला रहा धामी का ऑपरेशन कालनेमि

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अजय चुन चुन कर पाखंडियों पर कर रहे वार
सीएम का हुक्म और चंद दिनों में सवा सौ से ज्यादा कालनेमि बेनकाब
पहचान छुपाकर घिनौना कृत्य करने वालों पर कप्तान की रडार
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में ऑपरेशन कालनेमि का आगाज किया तो उसके चौबीस घंटे के भीतर ही राजधानी के पुलिस कप्तान ने जनपद में खुद मोर्चा संभालते हुए पहले दिन ही एक बांग्लादेशी समेत पच्चीस पाखंडी साधुओं को हवालात की सैर कराई और उनके इतिहास की सारी कुंडली खंगालने के लिए उन्होंने बडा संकल्प ले रखा है। मुख्यमंत्री के हुक्म के चंद दिनों के भीतर ही पुलिस कप्तान ने सवा सौ से ज्यादा कालनेमि बेनकाब कर दिये हैं और अब मदरसों के नाम पर लोगों को डराकर फुसलाकर चंदा मांगने वाले आठ मदरसों के ढोंगियों पर भी पुलिस कप्तान का वार हुआ है और अब ऐसे सभी पाखंडियों के मन में एक डर बन गया है कि अगर उन्होंने राज्य के अन्दर अपना पाखंड जारी रखा तो उन पर शिकंजा कसना तय है। राजधानी के अन्दर टोना, टोटका और वशीकरण के बल पर कुछ भी करने का ढोल पीटने वाले शैतानों के चेहरे बेनकाब करने के लिए पुलिस कप्तान ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और यह सब पाखंडी कालनेमि का रूप ही धारण किये हुये हैं जिन्हें अब राजधानी में छुपना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पदभार संभालते ही लव जिहाद पर एक बडा प्रहार करके राज्यवासियों को एक संदेश दे दिया कि उनके राज्य में अब लव जिहाद का घिनौना कृत्य करने वाले एक भी शैतान को बक्शा नहीं जायेगा। राजधानी के पुलिस कप्तान अजय सिंह ने अपने कार्यकाल में लव जिहाद के मिशन पर आगे बढ़ रहे शैतानों के चेहरे स्कैन करके उन्हें पहचानना शुरू किया और उसके बाद उन पर जब कार्यवाही का वार शुरू हुआ तो राजधानी के अन्दर लव जिहाद का जो शोर बाइस साल से मच रहा था वह खामोश हो गया। मुख्यमंत्री का साफ मानना है कि देवभूमि में असुरो का कोई रोल नहीं है इसलिए उन्हें यहां से खदेडना ही उनका पहला मिशन है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा और कावंड यात्रा के बीच ऑपरेशन कालनेमि का आगाज करके यह संदेश दे दिया था कि वह हिन्दुत्व की रक्षा करने के लिए हमेशा आगे रहेंगे और किसी को भी आस्था के साथ खिलवाड नहीं करने दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि चलाने का जैसे ही हुक्म जारी किया था तो उसके चौबीस घंटे के भीतर ही राजधानी के पुलिस कप्तान अजय सिंह ने जनपद के चप्पे-चप्पे पर ऑपरेशन कालनेमि शुरू कर दिया और इस ऑपरेशन की कमान उन्होंने खुद संभाली। सबसे अहम बात यह थी कि पुलिस कप्तान ने अपनी टीम के साथ काले कपडों में शहर की सड़कों पर धूम रहे एक बांग्लादेशी को दबोचा जो कालनेमि का चोला ओढे हुये था। पुलिस कप्तान ने पहले दिन ही पच्चीस पाखंडी साधुओं को सलाखों के पीछे पहुंचाकर साफ संदेश दे दिया था कि राजधानी में मुख्यमंत्री के आदेश पर एक-एक कालनेमि को पाताल से भी खोज निकालेंगे। मुख्यमंत्री के हुक्म के बाद मात्र चंद दिनों के भीतर पुलिस कप्तान अजय सिंह ने सवा सौ से ज्यादा कालनेमि के चेहरे बेनकाब करके रख दिये हैं। वहीं राजधानी के पुलिस कप्तान अजय सिंह ने मदरसे के नाम पर भ्रम फैलाकर जबरन लोगों को डराकर चंदा मांगने वाले फर्जी मौलाना समेत आठ फर्जी ढोगियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कप्तान की नजर बाहरी राज्यों से आकर उत्तराखण्ड के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले मौलवी, ढोंगी, ऑपरेशन कालनेमि के भय से वापस अपने राज्यों में भागने लगे हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर जिस तरह से ऑपरेशन कालनेमि के आगाज के बाद ढोगी साधुओं और कालनेमि पर मुख्यमंत्री का चल रहा वार राज्यवासियों को खूब गदगद कर रहा है।

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