सडक से साधु तक, सब पर एक्शन!
कांवड यात्रा में अब नहीं चलेगा पाखंड
देहरादून/उधमसिंहनगर(संवाददाता)। मुख्यमंत्री ने दो टूक संदेश दे रखा है कि उत्तराखण्ड की शांत वादियों में अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिश करेगा उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। मुख्यमंत्री ने कावंड यात्रा में आने वाले कांवडियों को भक्तिभाव में अपनी यात्रा पूरी करने का संदेश दिया हुआ है और यह भी दो टूक कह दिया है कि अगर आस्था के नाम पर किसी ने भी सडकों पर आराजकता करने का दुसाहस किया उस पर पुलिस का एक्शन होगा क्योंकि आस्था के नाम पर किसी को उत्पात करने की छूट नहीं दी जा सकती। वहीं कावंड यात्रा में पाखंडियों का खेल भी अब खत्म होगा क्योंकि पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजर ऐसे हर संदिग्ध और पाखंडियों पर होगी जो अपने गलत मनसूबों को लेकर आस्था के पथ पर आने का ख्वाब पाले हुये हैं। आस्था के दुश्मनों पर मुख्यमंत्री का डंडा शुरू हो गया है और सडक से लेकर पाखंडी साधु तक पर एक्शन का दौर चल उठा है तो वहीं यह भी संदेश चला गया है कि कावंड यात्रा में अब किसी भी तरह का पांखड नहीं चलेगा।
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा का रंग अब भक्तिभाव से हटकर अराजकता की ओर मुड़ने लगा था, लेकिन अब शासन का डंडा चल पड़ा है। फर्जी बाबाओं की पोल खुल गई है, डीजे पर पुलिस का डंडा पड़ा है और सड़क पर दम दिखाने वाले अब थाने में दम तोड़ते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि शुरू किया है, और नतीजा साफ हो गया है कि आस्था में खलल डालने वालों की अब खैर नहीं। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के ऑपरेशन कालनेमि की शुरूआत में ही राजधामी के पुलिस कप्तान अजय सिंह ने 48 घंटे के भीतर 48 पाखंडी साधुओं को बेनकाब कर उनमें खलबली मचा दी थी। हरिद्वार की पवित्र कांवड़ यात्रा को जब शोर, पाखंड और उपद्रव की धुंध ने घेरना शुरू किया, तो पुलिस प्रशासन ने अब ऐसा चाबुक चलाया है कि पूरे देश में मिसाल बन गई है। सड़क पर दम दिखाने वाले डीजे अब थानों में दम तोड़ रहे हैं। मानकों से ऊंचे, कानफाड़ू साउंड वाले डीजे जो अस्पतालों के मरीजों की शांति लील रहे थे, स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई बिगाड़ रहे थे और रास्ते में टाइम क्रिस्टल जैसे स्थलों पर श्रद्धा में डूबे श्रद्धालुओं की भावना से खिलवाड़ कर रहे थे ऐसे डीजे अब जब्त हो रहे हैं।
मंगलौर में पुलिस ने तीन दर्जन से ज्यादा डीजे उतरवा दिए। कई को बॉर्डर से लौटा दिया गया और कई को सख्त चेतावनी दे दी गई। अगली बार नियम तोड़ा, तो गाड़ी भी जाएगी और केस भी दर्ज होगा। वहीं बहादराबाद टोल प्लाजा पर बवाल मचाने वाले असामाजिक तत्वों ने जब पुलिस पर पत्थर फेंके, रोडवेज बसों के शीशे तोड़े और यातायात रोकने की कोशिश की, तो पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए दो उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया और कई गाड़ियां सीज कर दीं। अब बात उस गंदगी की, जिसने आस्था का चोला पहन रखा था। फर्जी बाबाओं का नेटवर्क, जो हरिद्वार की पवित्र भूमि पर ढोंग और धोखा फैला रहे थे। किसी ने गेरुआ पहन लिया, किसी ने जटाएं बांध लीं, लेकिन अंदर से ये वही लोग थे जो आस्था को लूट का जरिया बना चुके थे। ऑपरेशन कालनेमि के तहत हरिद्वार पुलिस ने 45 से ज्यादा ढोंगी साधुओं को धर दबोचा है।
कोतवाली, कनखल, श्यामपुर, कलियर हर इलाके में पुलिस टीमों ने पहचान की, दस्तावेज मांगे और पकड़ लिया उन्हें जो श्रद्धा का गला घोंट रहे थे। इस पूरी कार्रवाई की सराहना खुद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने भी की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस प्रशासन ने जो कदम उठाया है, वह ऐतिहासिक है। फर्जी साधुओं की पहचान कर धार्मिक पवित्रता को बनाए रखना एक साहसी फैसला है। हरिद्वार की कांवड़ यात्रा अब सिर्फ नाचते डीजे और पाखंडी बाबाओं की तस्वीर नहीं होगी। अब ये यात्रा होगी संवेदनशील, सशक्त और संस्कारी श्रद्धालुओं की। क्योंकि उत्तराखंड सरकार और पुलिस ने ये साबित कर दिया है कि आस्था की रक्षा हो सकती है, अगर नियत साफ हो और एक्शन दमदार।

