संत समाज बोल उठा हिन्दुत्व के रक्षक हैं सीएम
देहरादून। कालनेमि एक ऐसा असुर हुआ जो हर युग मे जन्मा कभी भगवान विष्णु के हाथों मरा तो त्रेता में हनुमान जी के हाथों तो द्वापर में श्री कृष्ण के हाथों मारा गया। यह राक्षस अपने मायावी अवतारों एवं वेष बदलकर धोखेबाजी के लिए जाना जाता रहा हैं। अब कलयुग में यह एक नही रहा बल्कि अनेकों की संख्या में पैदा हो गए हैं।
जी हां हम बात कालनेमियों की ही कर रहे हैं जो आपके हमारे बीच मे ही वेश बदलकर रह रहे हैं। यूँ तो ये पूरे भारत मे फैलें है लेकिन उत्तराखंड में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही हैं । अब इन कालनेमि को उत्तराखंड के मुखिया अर्थात धाकड़ मुख्यमंत्री के नाम से देश मे प्रसिद्ध मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नजरों में चढ़ गए हैं। दरसल उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता हैं यहाँ साधु संतों को बड़ा जमावड़ा रहता है जो अपनी साधनाओं के लिए उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में विचरण करते हैं या आश्रम इत्यादि बना कर निवास करते हैं। जिनका जीवन एकांतमय तथा भोजन भिक्षावृत्ति या दान पर निर्भर होता हैं। ऐसे इन्ही साधु संतों के वेशभूषा का लाभ उठाकर सैंकड़ों फर्जी वेषधारी उत्तराखंड को अपना ठिकाना बनाये हुए हैं। जो समाज के बीच मे जाकर कई प्रकार के अपराध तथा धोखेबाजी में लिप्त हो रहे हैं। जिनके इस आतंक से परेशान उत्तराखंड आने वाले धर्मपरायण श्रद्धालु हों या स्थानीय निवासी सभी परेशान हो रहे थे जिसका संज्ञान लेते हुए। धाकड़ धामी ने इन कलनेमियों पर करारा प्रहार करते हुए ऑपरेशन कालनेमि चला दिया जिसके तहत अभी तक पांच दर्जन से ज्यादा कालनेमि पकड़े जा चुके हैं। जो साधु का वेष बनाकर राहगीरों से लूटपाट, खाली पड़े घरों में चोरियां, नशे के सामानों की सप्लाई तथा जमीनों कर अवैध अतिक्रमण तक मामलों में लिप्त हैं। अब उत्तराखंड के हर जिले से ऐसे कालमेमि की गिरफ्तारी हो रही है कुछ तो बंगलादेशी भी पकड़े जा चुके हैं तो कुछ समुदाय विशेष के निकले जो नाम बदलकर रह रहे थे।
रामायण में उल्लेख आता हैं कि जब हनुमान जी लक्ष्मण शक्ति के समय उत्तराखंड के पहाड़ों पर ही संजीविनी लेने आ रहे थे तब रावण ने इसे ही (कालनेमि को) भेजा था जो साधु का ही वेष बनाकर हनुमान जी के मार्ग को रोक रहा था, जिसे हनुमानजी ने यमलोक पहुंचाया था। उसके बाद यही कालनेमि भगवान श्री कृष्ण का मामा कंस बनकर जन्मा था जिसे बाद में भगवान श्री कृष्ण ने निपटाया था। अब देवभूमि उत्तराखंड में बढ़ती कालमेमि की संख्या से धाकड़ धामी सचेत हो गए हैं और ऑपरेशन कालनेमि के तहत किसी भी ऐसे धोखेबाज, जालसाज तथा फर्जी बाबा को बख्शने के मूड़ में नही हैं। चुन चुन कर कलनेमियों को उत्तराखंड की पुलिस ढूंढ रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस पहल का सभी धर्माचार्य स्वागत कर रहे हैं। हरिद्वार से धर्माचार्य उज्ज्वल पंडित का कहना हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सनातन धर्म की रक्षा को उठाये जाने वाले हर कदम की जितनी प्रसंशा की जाए कम है। ऑपरेशन कालनेमि उन तमाम धोखेबाजों के लिए सबक होगा जो उत्तराखंड की मासूम जनता एवं यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे थे। हम मुख्यमंत्री जी के फैसले का स्वागत करते हैं।
टपकेश्वर महादेव मंदिर में माता वैष्णो देवी मंदिर के आचार्य विपिन जोशी का कहना हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने ऑपरेशन कलनेमि चला कर सनातन धर्म की रक्षा की है। कितने ही लोगो को पूर्व में भी हमने चिन्हित किया था लेकिन भगवा चोला पहने होने के कारण लोग सामान्य साधु समझकर छोड़ देते थे लेकिन धाकड़ धामी की पकड़ से यह लोग नही छूटेंगे हमे ऐसा पूर्ण विश्वास है।
अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम के पुजारी हेमन्त भट्ट उर्फ महामण्डलेश्वर कैलाशानंद जी का कहना है कि ऑपरेशन कालनेमि राज्य की पवित्रता तथा विश्वशनियता को बढ़ाने का काम करेगा। इन कलनेमियों के कारण ही देवभूमि पर कई बार दाग लग चुके है जबकि यह लोग यहां के निवासी भी नही होते हैं।

