सीएम के ऑपरेशन से कांप उठे पाखंडी

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पाखंडी साधुओं पर एक्शन से देशभर में धामी की धूम
अजय ने 48 घंटे में बेनकाब किये 48 पाखंडी
देहरादून/उधमसिंहनगर (अजहर मलिक )। देवभूमि को राक्षसों से आजाद कराने के लिए मुख्यमंत्री चार साल से रात-दिन एक बडी जंग लड रहे हैं और इस जंग में वह सबको नेस्तनाबूत करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं जिससे राज्य की जनता उन्हें अपना रक्षक मान चुकी है। देवों की भूमि में आस्था के पथ पर आने वाले श्रद्धालुओं को पाखंडी साधु एक दशक से लूटते और ठगते आ रहे थे और उसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इन पाखंडियों को उत्तराखण्ड से खदेडने का एक बडा ऑपरेशन चलाया और इस ऑपरेशन को चार चांद लगाने के लिए राजधानी के पुलिस कप्तान ने खुद मोर्चा संभालकर मुख्यमंत्री के हुक्म के चौबीस घंटे के भीतर ही पच्चीस पाखंडी साधुओं को बेनकाब किया और 48 घंटे के भीतर 48 पाखंडियों को बेनकाब करके यह साबित कर दिया कि ऑपरेशन चलता रहेगा। मुख्यमंत्री के एक्शन से पाखंडी साधु कांप रहे हैं और उन्हें अब यह इल्म हो गया है कि उत्तराखण्ड में अब उनका पाखंड का खेल खत्म हो गया है।
देवों की नगरी कहे जाने वाले उत्तराखंड में जब पाखंडियों ने आस्था की जमीन पर अपने पैर पसारने शुरू किए, तब सरकार ने भी चुप्पी तोड़ दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्म की आड़ में छल कर रहे इन नकाबपोशों पर सीधी चोट करने के लिए एक ऐसे अभियान की शुरुआत की है, जो सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि आस्था से खिलवाड़ अब नहीं चलेगा। नाम है “ऑपरेशन कालनेमि”।

उत्तराखंड… वो भूमि जहां हर पत्थर पूजनीय है, हर नदी मातृ स्वरूप। लेकिन इसी पवित्र जमीन पर अब कुछ नकाबपोशों ने पांव जमा लिए हैं। जो साधु की पोशाक में शैतानी इरादे लेकर लोगों की श्रद्धा को शिकार बना रहे हैं। इन्हीं ढोंगियों की असलियत उजागर करने और धर्म के नकली पहरेदारों को बेनकाब करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “ऑपरेशन कालनेमि” का आगाज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सख्त आदेश दिए हैं दृ धार्मिक वस्त्र पहनकर महिलाओं को, श्रद्धालुओं को या समाज को गुमराह करने वालों पर अब कोई रियायत नहीं। तुरंत गिरफ्तारी, और कड़ी कार्रवाई।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

रामायण की कथा में कालनेमि वह असुर था जिसने साधु का रूप धारण कर हनुमान को धोखे में डालने की कोशिश की थी लेकिन उसका अंत निश्चित था। आज भी ऐसे ही कलयुगी कालनेमियों ने साधु का चोला पहन लिया है, लेकिन इरादे उनके भी उतने ही शैतानी हैं। उत्तराखंड सरकार का “ऑपरेशन कालनेमि” इन्हीं पाखंडी तत्वों को बेनकाब करने की एक निर्णायक पहल है, जिसका संत समाज ने भी जोरदार समर्थन किया है।

इस ऑपरेशन के तहत देहरादून पुलिस ने भी मोर्चा खोल दिया है। राज्य के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से अब तक 25 से अधिक ऐसे ढोंगी पकड़े गए हैं, जो बाहर से आकर साधु के वेश में स्थानीय लोगों को गुमराह कर रहे थे। इनमें कई तो ऐसे हैं जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आ रहा है।
अजय सिंह, एसएसपी, देहरादून

ऑपरेशन कालनेमि सिर्फ पाखंडियों के विरुद्ध एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा को पुनः उसकी गरिमा लौटाने का प्रयास है। यह संदेश है कि अब देवभूमि में ढोंग, छल और धार्मिक ठगी के लिए कोई स्थान नहीं। और यह पहचान है उस नेतृत्व की, जो केवल आस्था में विश्वास नहीं रखता, बल्कि उसकी रक्षा में भी हर क्षण सजग और तैयार खड़ा है।

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