प्रेमनगर(संवाददाता)। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के अन्दर अपराधियों और माफियाओं को मिट्ट में मिलाने का संकल्प लिया हुआ है और उन्होंने साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर किसी ने राज्य के अन्दर अपराध करने का गुनाह किया तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। उत्तराखण्ड के कुछ जनपदों में अपराधियों और पुलिस में हो रही मुठभेडों में अपराधियों को इस बात का पछतावा हो रहा है कि उन्होंने उत्तराखण्ड के अन्दर अपराध करने का गुनाह क्यों किया? मुख्यमंत्री एक-एक बडे अपराध पर खुद मोर्चा संभालते हुए नजर आते हैं। राजधानी के प्रेमनगर इलाके के मांडुवाला में एक पूर्व भाजपा नेता को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो युवकों ने जब गोली मारकर मौत की नींद सुलाया तो उसके बाद इलाका सुलग गया और हर तरफ बदला लेने का शोर मचने लगा था। मुख्यमंत्री ने इस हत्याकांड को लेकर सख्त रूख अपनाया और जनपद के पुलिस कप्तान को एक सप्ताह के भीतर कातिलों को खोज निकालकर उन पर सख्त एक्शन करने का हुक्म दिया था। मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों के चलते पुलिस कप्तान ने कातिलों को पाताल से भी खोज निकालने के लिए खुद मोर्चा संभाला और आधा दर्जन टीमों को उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखण्ड में कातिलों को खोज निकालने का टास्क दिया जिसके चलते देर रात पुलिस और कातिलों के बीच सीधी मुठभेड हुई और दोनो कातिलों के दोनो पैरों में गोली लगी तो एक कातिल के हाथ मे भी गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस को इन कातिलों के पास से एक विदेशी पिस्टल और तीन सौ पन्द्रह बोर का तमंचा बरामद हुआ है। कातिलों के खिलाफ पुलिस के एक्शन को देखते हुए हर तरफ मुख्यमंत्री की बल्ले-बल्ले हो रही है और एक ही नारा गूंज रहा है कि उनका मुख्यमंत्री अपराधियों का काल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने राज्य को अपराधमुक्त करने का बडा वचन राज्यवासियों को दे रखा है और उसी के चलते राज्य के अन्दर माफियाओं और अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। मात्र कुछ समय के भीतर पुलिस और बदमाशों के बीच इतनी मुठभेडें हुई जिसकी कल्पना करना भी संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को दो टूक संदेश दिया हुआ है कि उनके राज में अगर कहीं अपराध हुआ तो उसका दोषी बचना नहीं चाहिए। तीन दिन पूर्व जब प्रेमनगर के माडुवाला में पूर्व भाजपा नेता रोहित नेगी को दो युवकों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा तो उसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने कातिलों को दबोचने के आदेश दिये और उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने का भी हुक्म दिया था। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अजय सिंह ने कातिलों को पकडने के लिए ताकत झोंकी और उसके बाद वह अपनी टीम के साथ कातिलों तक पहुंचने के लिए मैदान में डटे और बीती रात पुलिस और कातिलों के बीच हुई मुठभेड में दो कातिल मौहम्मद अजहर त्यागी और आयुष कुमार उर्फ सिकंदर पुलिस की गोलियों से घायल हो गये। कातिलों ने पुलिस के सामने अपने जीवन की भीख मांगी कि वह जीवन मे कभी भी अपराध नहीं करेंगे।
उल्लेखनीय है कि बीती रात अभिषेक बर्तवाल निवासी तिल्वाड़ी थाना सेलाकुई देहरादून द्वारा तहरीर दी कि देर रात्रि जब वह अपने दोस्तों के साथ गाडी संख्या यूके०7एफजेड-०7०7 बोलेरो में पीपल चौक माण्डुवाला में थे तो मोटरसाइकिल में आए दो व्यक्तियों में से एक ने हमारी बोलेरो पर सामने की ओर से गोली चला दी। गोली रोहित की गर्दन पर लगी, घायल रोहित को अपने दोस्तों के साथ ग्राफिक ऐरा अस्पताल झाझरा लेकर पहुँचा जहाँ डाक्टर के द्वारा रोहित को मृत घोषित किया गया। अभिषेक बर्तवाल की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस कप्तान अजय सिंह ने बताया कि अब तक की प्रारंभिक विवेचना में मृतक के दोस्त की महिला मित्र के साथ अभियुक्त की जान पहचान थी, रात्रि में जब मृतक अपने दोस्त व उसकी महिला मित्र व अन्य दोस्तों के साथ नयागांव दोस्त के घर पर थे तो महिला मित्र को अभियुक्त का फोन आने पर अभियुक्त की महिला व मृतक व उसके दोस्तों से आपसी बहस हो गई, आपसी बहस होने के कारण अभियुक्त द्वारा आवेश में आकर घटना को अंजाम दिया जाना अभी तक प्रकाश में आया है। पुलिस द्वारा घटना के सभी संभावित पहलुओं विस्तृत जांच की जा रही है। रात मे हुये इस कत्ल का सारा राज पता करने के लिए पुलिस कप्तान ने एसओजी प्रभारी मुकेश त्यागी को टीम के साथ मैदान मे उतारा और उसके बाद कातिलों की तलाश में पुलिस टीमें मुजफ्फरनगर में डेरा डाले हुये हैं और उन्हें पकडने के लिए रणनीति के साथ काम चल रहा है। पुलिस कप्तान ने बताया कि देर सवेर कभी भी इन कातिलों को पकड लिया जायेगा।

