सड़कों पर उतरकर मांगा अधिकार

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देहरादून(नगर संवाददाता)। सांस्कृतिक दलों को पूर्व की भांति संस्कृति निदेशालय से कार्यक्रम आवंटन की प्रक्रिया को आरंभ किये जाने, कलाकारों का शोषण बंद किये जाने एवं कार्यक्रमों का रूका हुआ भुगतान दिये जाने की मांग को लेकर पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों के साथ रैली निकालकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कैम्प कार्यालय सुभाष रोड पर प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया।
यहां परेड ग्राउंड स्थित एक रेस्टोरेंट में विभिन्न जनपदों से आये हुए कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में इकटठा हुए और वहां से जोरदार नारेबाजी के बीच रैली निकालकर संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के सुभाष रोड स्थित कैम्प कार्यालय तक कूच किया और पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और कलाकारों ने वहां पर जमकर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर सांस्कृतिक दल से जुड़े हुए कलाकार हेमंत बुटोला ने कहा है कि संस्कृति विभाग के वर्तमान महानिदेशक द्वारा गढ़वाल तथा कुमाऊं को दो मण्डलों में बांटा गया है तथा प्रत्येक जनपद के कलाकारों को केवल अपने ही जनपद में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए बाध्य किया गया है, जिसे एक जिले के कलाकार दूसरे जिले में कार्यक्रम नहीं कर सकेंगे, जिससे कि उत्तराखण्ड की संस्कृति अपने ही जिलों में सीमित रह रही है। उन्होंने कहा कि लगातार कलाकारों का शोषण किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे में आने वाले समय में लोक कलाकार एवं लोक संस्कृति का हरास होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जबसे उत्तराखंड राज्य बना है तब से उत्तराखण्ड में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आवंटन तथा बिलों का भुगतान संस्कृति निदेशालय से ही होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि सचिव संस्कृति द्वारा आनन-फानन में जिलों को दिये गये निर्देशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाये, जिससे कि उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों की लोक कलाओं एवं संस्कृति का आदान-प्रदान होता रहे। उन्होंने कहा कि मध्यनजर रखते हुए पूर्व की भांति आदेशित किया जाये और संस्कृति विभाग के सांस्कृतिक दलों का कार्यक्रम आवंटन एवं भुगतान पूर्व पच्चीस वर्षों की भांति संस्कृति निदेशालय से किया जाये। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक दलों का भुगतान समय पर किया जाये और कलाकारों के साथ किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर तत्काल संस्कृति विभाग कल्याण कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की जाये।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों का आवंटन जिलाधिकारी द्वारा किये गये नोडल अधिकारियों से नहीं किया जाये और न ही बिलों को अल्मोड़ा और पौड़ी में जमा किया जाये। उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति संस्कृति विभाग में ही बिलों को जमा किया जाये वहीं से कलाकारों को भुगतान किया जाये। उन्होंने कहा कि कलाकारों का शोषण किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर अनेक कलाकारों ने संबोधित किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व संस्कृति मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर रैली व प्रदर्शन करने वालों में हेमंत बुटोला, योगम्बर, दुर्गा सागर, कुसुम नेगी, सुनीता पंवार, संजय नौटियाल, अजय तिवारी, राजीव चौहान, रमेश वर्मा, गायत्री टम्टा, मनोज भट्ट, मुकेश शर्मा, बचन राणा, वीरेन्द्र बिष्ट, मनोज बधानी, जितेन्द सहित अनेक कलाकार उपस्थित रहे।

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